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Sant Kabir Nagar News: गणित के प्रभावी शिक्षण पर हुई चर्चा प्रतीकों के उपयोग की दी गई जानकारी
Sat, 23 Aug 2025 12:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 23 Aug 2025 12:28 AM IST
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सांथा। बीआरसी के सभागार में आयोजित पांच दिवसीय एफएलएन प्रशिक्षण के तीसरे दिन शुक्रवार को गणित के प्रभावी शिक्षण प्रक्रिया पर चर्चा की गई। जिसमें इएलपीएस (अनुभव, भाषा, चित्र, प्रतीक) के उपयोग के विषय में बताया गया।
प्रशिक्षक राकेश कुमार सिंह, भवानी शंकर श्रीवास्तव और विजय पांडेय ने बताया कि गणित के प्रभावी शिक्षण में इएल पीएस (अनुभव, भाषा, चित्र, प्रतीक) का प्रयोग एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण है। यह छात्रों को ठोस वस्तुओं के साथ अनुभव प्राप्त करने, भाषा का उपयोग करके अपने अनुभवों को व्यक्त करने, चित्रों के माध्यम से अवधारणाओं को समझने व अंततः प्रतीकों का उपयोग करके गणितीय अवधारणाओं को आसान करने में मदद करता है। छात्रों को ठोस वस्तुओं, जैसे कि कंकड़, खिलौने, या अन्य वस्तुओं के साथ खेलने और उपयोग करने का अवसर मिलता है।
अनुभवों को शब्दों में व्यक्त करना सीखते हैं। जैसे मैंने तीन कंकड़ गिने या यह एक बड़ा खिलौना है। छात्र अपने अनुभवों को चित्रों के माध्यम से दर्शाना सीखते हैं। छात्र प्रतीकों का उपयोग करके गणितीय अवधारणाओं को आसानी से करना सीखते हैं। शिक्षक छात्रों को पहले ठोस वस्तुओं के साथ खेलने व उनका उपयोग करने का अवसर दें। उनको अपने अनुभवों को शब्दों में व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित करें। छात्रों को अपने अनुभवों को चित्रों के माध्यम से दर्शाने के लिए प्रोत्साहित करें।
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प्रतीकों का उपयोग करके गणितीय अवधारणाओं को आसान करने के लिए प्रोत्साहित करें। इससे समझ में सुधार, सीखने में रुचि और समस्याओं के समाधान का कौशल, सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में मदद मिलता है। यह छात्रों को ठोस अनुभव, भाषा, चित्र और प्रतीकों का उपयोग करके गणितीय अवधारणाओं को सीखने में मदद करता है। इसमें शिक्षकों को सममितता, टेस्सलेशन, मापन लंबाई, टेनग्राम पहेली, मुद्राओं की पहचान और पैटर्न पार्क आदि के विषय में बताया गया।
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प्रशिक्षक राकेश कुमार सिंह, भवानी शंकर श्रीवास्तव और विजय पांडेय ने बताया कि गणित के प्रभावी शिक्षण में इएल पीएस (अनुभव, भाषा, चित्र, प्रतीक) का प्रयोग एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण है। यह छात्रों को ठोस वस्तुओं के साथ अनुभव प्राप्त करने, भाषा का उपयोग करके अपने अनुभवों को व्यक्त करने, चित्रों के माध्यम से अवधारणाओं को समझने व अंततः प्रतीकों का उपयोग करके गणितीय अवधारणाओं को आसान करने में मदद करता है। छात्रों को ठोस वस्तुओं, जैसे कि कंकड़, खिलौने, या अन्य वस्तुओं के साथ खेलने और उपयोग करने का अवसर मिलता है।
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अनुभवों को शब्दों में व्यक्त करना सीखते हैं। जैसे मैंने तीन कंकड़ गिने या यह एक बड़ा खिलौना है। छात्र अपने अनुभवों को चित्रों के माध्यम से दर्शाना सीखते हैं। छात्र प्रतीकों का उपयोग करके गणितीय अवधारणाओं को आसानी से करना सीखते हैं। शिक्षक छात्रों को पहले ठोस वस्तुओं के साथ खेलने व उनका उपयोग करने का अवसर दें। उनको अपने अनुभवों को शब्दों में व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित करें। छात्रों को अपने अनुभवों को चित्रों के माध्यम से दर्शाने के लिए प्रोत्साहित करें।
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प्रतीकों का उपयोग करके गणितीय अवधारणाओं को आसान करने के लिए प्रोत्साहित करें। इससे समझ में सुधार, सीखने में रुचि और समस्याओं के समाधान का कौशल, सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में मदद मिलता है। यह छात्रों को ठोस अनुभव, भाषा, चित्र और प्रतीकों का उपयोग करके गणितीय अवधारणाओं को सीखने में मदद करता है। इसमें शिक्षकों को सममितता, टेस्सलेशन, मापन लंबाई, टेनग्राम पहेली, मुद्राओं की पहचान और पैटर्न पार्क आदि के विषय में बताया गया।