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पति की मौत के बाद बच्चों के साथ भटक रही महिला
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पति की मौत के बाद ससुरालियों द्वारा घर से निकाले जाने पर बच्चों के साथ धनघटा थाने पर न्याय के लिए प
- फोटो : KHALILABAD
पति की मौत के बाद बच्चों के साथ भटक रही महिला
- घर से निकाले जाने के बाद अधिकारियों के यहां लगा रही चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। क्षेत्र के सेमरडाड़ी हासडाड़ी निवासी महिला को दो मासूम बच्चों के साथ घर से निकाल दिया गया है। न्याय के लिए अधिकारियों के यहां चक्कर लगा रही है। तीन दिन बाद भी महिला की समस्या का समाधान नहीं हो सका।
सेमरडाड़ी हांसडाड़ी गांव निवासी बबीता का आरोप है कि वह अपने ही गांव के रजनीश से वर्ष 2010 में कानपुर में शिव मंदिर में शादी की। पति और पत्नी हंसी, खुशी से जीवन यापन कर रहे थे। इस दौरान दो बच्चे पैदा हुए। बेटी शगुन चार वर्ष और बेटा अंश दो वर्ष का है। पीड़िता का कहना है कि कानपुर में उसके पति रजनीश दुबे 19 फरवरी को बाइक से जाते समय हादसे में घायल हो गए और 24 फरवरी को उनकी मौत हो गई। पति की मौत के बाद कानपुर में रह रहे ससुराल के लोग उसे और उसको बच्चों को घर से निकाल दिए। वह किसी तरह बच्चों के साथ गांव पहुंची। पहले मायके गई तो मायके के लोग भी अपने घर में रखने को राजी नहीं हुए उसके बाद पति के घर पहुंची। जहां उसे देखते ही रजनीश के परिवार के लोग भड़क गए और मारने पिटने की धमकी दी। घर में रहने नहीं दिए। पीड़िता गांव में अन्य लोगों के घर किसी तरह से रह रही है। पीड़िता का कहना है कि दो मासूम बच्चों को उनके बाप का हिस्सा मिल जाता तो वह अपने बच्चों के साथ किसी तरह जीवन यापन कर लेती। पीड़िता का कहना है कि वह शनिवार को धनघटा थाने पर पहुंच कर तहरीर दी तो दो पुलिसकर्मी गांव में पहुुंचे जहां पूरे गांव के लोग गवाही दिए की रजनीश के साथ उसकी शादी हुई थी। न्याय के लिए वह रविवार को भी थाने पर गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिससे उसे राहत मिल सके। इस संबध में एसओ आरके गौतम का कहना है कि तहरीर मिली है जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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- घर से निकाले जाने के बाद अधिकारियों के यहां लगा रही चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। क्षेत्र के सेमरडाड़ी हासडाड़ी निवासी महिला को दो मासूम बच्चों के साथ घर से निकाल दिया गया है। न्याय के लिए अधिकारियों के यहां चक्कर लगा रही है। तीन दिन बाद भी महिला की समस्या का समाधान नहीं हो सका।
सेमरडाड़ी हांसडाड़ी गांव निवासी बबीता का आरोप है कि वह अपने ही गांव के रजनीश से वर्ष 2010 में कानपुर में शिव मंदिर में शादी की। पति और पत्नी हंसी, खुशी से जीवन यापन कर रहे थे। इस दौरान दो बच्चे पैदा हुए। बेटी शगुन चार वर्ष और बेटा अंश दो वर्ष का है। पीड़िता का कहना है कि कानपुर में उसके पति रजनीश दुबे 19 फरवरी को बाइक से जाते समय हादसे में घायल हो गए और 24 फरवरी को उनकी मौत हो गई। पति की मौत के बाद कानपुर में रह रहे ससुराल के लोग उसे और उसको बच्चों को घर से निकाल दिए। वह किसी तरह बच्चों के साथ गांव पहुंची। पहले मायके गई तो मायके के लोग भी अपने घर में रखने को राजी नहीं हुए उसके बाद पति के घर पहुंची। जहां उसे देखते ही रजनीश के परिवार के लोग भड़क गए और मारने पिटने की धमकी दी। घर में रहने नहीं दिए। पीड़िता गांव में अन्य लोगों के घर किसी तरह से रह रही है। पीड़िता का कहना है कि दो मासूम बच्चों को उनके बाप का हिस्सा मिल जाता तो वह अपने बच्चों के साथ किसी तरह जीवन यापन कर लेती। पीड़िता का कहना है कि वह शनिवार को धनघटा थाने पर पहुंच कर तहरीर दी तो दो पुलिसकर्मी गांव में पहुुंचे जहां पूरे गांव के लोग गवाही दिए की रजनीश के साथ उसकी शादी हुई थी। न्याय के लिए वह रविवार को भी थाने पर गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिससे उसे राहत मिल सके। इस संबध में एसओ आरके गौतम का कहना है कि तहरीर मिली है जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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