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Sant Kabir Nagar News: कबीर स्थली मगहर व बखिरा झील के विकास में चार चांद लगने की उम्मीद
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मगहर कबीर चौरा परिसर स्थित कबीर समाधि और मजार।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
कबीर स्थली मगहर व बखिरा झील के विकास में चार चांद लगने की उम्मीद
घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के निर्णय से उत्साहित हैं लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। केंद्रीय बजट में अंतरराष्ट्रीय की जगह घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया है। इससे कबीर की निर्वाण स्थली मगहर, बखिरा पक्षी बिहार और ऐतिहासिक तामेश्वरनाथ धाम के विकास को पंख लगने की उम्मीद जगी है।
राष्ट्रीय राजमार्ग 28 के किनारे मगहर कस्बा स्थित है। यहां पर कबीर की समाधि और मजार है। यहां देश-विदेश से पर्यटक आते हैं। वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मगहर कबीर चौरा आए थे। मोदी ने मगहर को अंतरराष्ट्रीय क्षितिज पर पहचान दिलाने के लिए कबीर अकादमी समेत विकास की करीब 50 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं की आधार शिला रखी थी।
केंद्र और राज्य सरकार की ओर से यहां विकास के विभिन्न कार्य कराए गए हैं। पांच जून 2022 को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कबीर अकादमी समेत अन्य विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया था। यहां विकास की असीम संभावनाएं हैं। पर्यटकों को लुभाने के लिए यहां तमाम कार्य कराने की जरूरत है। केंद्रीय बजट में घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रावधान किए जाने से मगहर कबीर चौरा के विकास की उम्मीद जग गई है।
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इसी तरह बखिरा झील को वर्ष1990 में पक्षी बिहार घोषित किया गया था। यह झील 29 वर्ग किलोमीटर में है। झील गोरखपुर और संतकबीरनगर जिले को जोड़ती है। यहां ठंड के महीने में प्रवासी पक्षियां आते हैं।
जिला मुख्यालय से करीब आठ किलोमीटर दूर महाभारत कालीन बाबा तामेश्वरनाथ मंदिर है। यहां महाशिव रात्रि और मलमास में मेला लगता है। काफी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और भगवान शिव को जलाभिषेक करते हैं। यहां मुंडन और उपनयन संस्कार भी होते हैं। यहां मांगी गईं मन्नतें भगवान शिव पूरी करते हैं। घरेलू पर्यटन के विकास की बजट में व्यवस्था किए जाने से इस धाम के विकास की भी उम्मीद जग गई है।
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बजट में पर्यटन स्थलों के लिए जगह देना स्वागत योग्य है। वैसे कबीर स्थली को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए तमाम विकास के कार्य कराए गए हैं, लेकिन अभी यहां विकास की अपार संभावनाएं हैं। बजट में पर्यटन को बढ़ावा देने की व्यवस्था से कबीर की निर्वाण स्थली के विकास की उम्मीद बढ़ गई है।
- महंत विचार दास
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यह कबीर की तपो भूमि है। यहां से पूरे विश्व को सांप्रदायिक एकता, प्रेम का संदेश जाता है। इस स्थली को विश्व मानचित्र पर स्थापित करने के लिए विकास की और जरूरत है। आम बजट में घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रावधान से यहां के विकास को पंख लगने की उम्मीद है।
-नासिर अली खान
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केंद्रीय बजट में घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल की गई है। संतकबीरनगर में मगहर कबीर चौरा, बखिरा झील और तामेश्वरनाथ मंदिर ऐतिहासिक स्थल है। यहां के विकास होने की पूरी उम्मीद है।
- नूरुज्जमा अंसारी
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आम बजट में पर्यटन विकास को बढ़ावा दिया गया है। बजट स्वागत योग्य है। मगहर कबीर चौरा, गोरख तलैया, बखिरा झील और तामेश्वरनाथ धाम को विकास का इंतजार है। बजट में घरेलू पर्यटन को बढ़वा देने से इन स्थलों के विकास की संभावना जग गई है।
-अवधेश सिंह
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घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के निर्णय से उत्साहित हैं लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। केंद्रीय बजट में अंतरराष्ट्रीय की जगह घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया है। इससे कबीर की निर्वाण स्थली मगहर, बखिरा पक्षी बिहार और ऐतिहासिक तामेश्वरनाथ धाम के विकास को पंख लगने की उम्मीद जगी है।
राष्ट्रीय राजमार्ग 28 के किनारे मगहर कस्बा स्थित है। यहां पर कबीर की समाधि और मजार है। यहां देश-विदेश से पर्यटक आते हैं। वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मगहर कबीर चौरा आए थे। मोदी ने मगहर को अंतरराष्ट्रीय क्षितिज पर पहचान दिलाने के लिए कबीर अकादमी समेत विकास की करीब 50 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं की आधार शिला रखी थी।
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केंद्र और राज्य सरकार की ओर से यहां विकास के विभिन्न कार्य कराए गए हैं। पांच जून 2022 को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कबीर अकादमी समेत अन्य विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया था। यहां विकास की असीम संभावनाएं हैं। पर्यटकों को लुभाने के लिए यहां तमाम कार्य कराने की जरूरत है। केंद्रीय बजट में घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रावधान किए जाने से मगहर कबीर चौरा के विकास की उम्मीद जग गई है।
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इसी तरह बखिरा झील को वर्ष1990 में पक्षी बिहार घोषित किया गया था। यह झील 29 वर्ग किलोमीटर में है। झील गोरखपुर और संतकबीरनगर जिले को जोड़ती है। यहां ठंड के महीने में प्रवासी पक्षियां आते हैं।
जिला मुख्यालय से करीब आठ किलोमीटर दूर महाभारत कालीन बाबा तामेश्वरनाथ मंदिर है। यहां महाशिव रात्रि और मलमास में मेला लगता है। काफी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और भगवान शिव को जलाभिषेक करते हैं। यहां मुंडन और उपनयन संस्कार भी होते हैं। यहां मांगी गईं मन्नतें भगवान शिव पूरी करते हैं। घरेलू पर्यटन के विकास की बजट में व्यवस्था किए जाने से इस धाम के विकास की भी उम्मीद जग गई है।
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बजट में पर्यटन स्थलों के लिए जगह देना स्वागत योग्य है। वैसे कबीर स्थली को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए तमाम विकास के कार्य कराए गए हैं, लेकिन अभी यहां विकास की अपार संभावनाएं हैं। बजट में पर्यटन को बढ़ावा देने की व्यवस्था से कबीर की निर्वाण स्थली के विकास की उम्मीद बढ़ गई है।
- महंत विचार दास
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यह कबीर की तपो भूमि है। यहां से पूरे विश्व को सांप्रदायिक एकता, प्रेम का संदेश जाता है। इस स्थली को विश्व मानचित्र पर स्थापित करने के लिए विकास की और जरूरत है। आम बजट में घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रावधान से यहां के विकास को पंख लगने की उम्मीद है।
-नासिर अली खान
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केंद्रीय बजट में घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल की गई है। संतकबीरनगर में मगहर कबीर चौरा, बखिरा झील और तामेश्वरनाथ मंदिर ऐतिहासिक स्थल है। यहां के विकास होने की पूरी उम्मीद है।
- नूरुज्जमा अंसारी
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आम बजट में पर्यटन विकास को बढ़ावा दिया गया है। बजट स्वागत योग्य है। मगहर कबीर चौरा, गोरख तलैया, बखिरा झील और तामेश्वरनाथ धाम को विकास का इंतजार है। बजट में घरेलू पर्यटन को बढ़वा देने से इन स्थलों के विकास की संभावना जग गई है।
-अवधेश सिंह