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Sant Kabir Nagar News: वसूलते हैं विकास शुल्क, पर समस्याएं जस की तस
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मैलानी में सड़क पर पसरा कीचड़।संवाद
पुराने खलीलाबाद के सात वार्डों सहित पालिका के विस्तारित क्षेत्रों में सड़क, पानी और बिजली की है दिक्कत
पुराने खलीलाबाद के सात वार्डों में रजिस्ट्री करने वालों से वसूला जाता है दो प्रतिशत विकास शुल्क
नगर पालिका के विस्तारित क्षेत्रों में रजिस्ट्री कराने वालों को भी देना होगा विकास शुल्क
एक महीने में हुई 92 रजिस्ट्री, वसूले गए 69.95 लाख रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। पुराने खलीलाबाद शहर के सात वार्डों में जमीन की रजिस्ट्री कराने वालों से दो प्रतिशत विकास शुल्क की वसूली की जाती है। अब नगर पालिका के विस्तारित क्षेत्रों में भी यह व्यवस्था लागू कर दी गई है। एक महीने के भीतर हुई 92 रजिस्ट्री से 69,95,440 रुपये विकास शुल्क लिया गया है। ऐसे में यह आंकड़ा औसतन साल में करीब 83, 945, 280 रुपये हो रहा है। यह रकम शासन से नगर पालिका प्रशासन को क्षेत्र के विकास के लिए मुहैया कराया जाता है। आलम यह है कि इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद भी वार्डों में समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
रजिस्ट्री कार्यालय के रिकॉर्ड के मुताबिक शहर के पुराने खलीलाबाद में खलीलाबाद, मटिहना, बिधियानी,उसका कला,मड़या, घोरखल और बंजरिया शामिल हैं। इन जगहों पर जमीन की रजिस्ट्री कराने वालों से पांच प्रतिशत स्टांप शुल्क और दो प्रतिशत विकास शुल्क लिया जाता है। विकास शुल्क की रकम को सरकार के माध्यम से नगर पालिका परिषद खलीलाबाद को दिया जाता है। करीब तीन साल पहले नगर पालिका परिषद खलीलाबाद का सीमा विस्तार हुआ। इसमें सरैया, मिश्रौलिया, नेदुला, पटखौली, सरौली, बड़गों, खटौली, मैलानी, मोहद्दीनपुर,बेलवनिया,डीघा, कसैला, गौसपुर, बनियाबारी, सादिकगंज और उसका खुर्द को शामिल किया गया था। इससे नगर पालिका की आबादी करीब 50,000 बढ़ी और उसका दायरा भी बढ़ गया। विकसित पुराने नगर पालिका की अपेक्षाकृत नए विस्तारित क्षेत्र में अधिक जमीन है और सस्ती होने की वजह से वहां लोग जमीनों की खरीदारी भी कर रहे हैं। विस्तारित क्षेत्रों में 22 अगस्त 2023 से जमीन की रजिस्ट्री कराने वालों से दो प्रतिशत विकास शुल्क लिया जा रहा है। वैसे महीने में औसतन करीब 900 बैनामा होता है, इसमें करीब 450 बैनामे नगरीय क्षेत्र के होते हैं। अगस्त महीने में विस्तारित क्षेत्रों में 92 बैनामें हुए हैं, जिससे 69,95,440 रुपये विकास शुल्क की वसूली की गई है। यह रकम नगर पालिका को जाता है। इस रकम से नगर पालिका क्षेत्रों में विकास कार्य कराता है। इधर वार्डों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।
इंसेट
छोटी सरौली : बांस-बल्ली के सहारे होती बिजली आपूर्ति
सरौली वार्ड में अभी तक बांस-बल्ली के सहारे बिजली की आपूर्ति हो रही है। इससे आए दिन फाल्ट की समस्या हो जाती है। कई दिनों तक बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है। वार्ड में पेयजल के लिए कोई इंतजाम नहीं है। यही नहीं सड़क भी नहीं बनी है। कई जगहों पर सड़क में जलभराव हो जाता है। इससे आने-जाने में लोगों को परेशानी होती है। वार्ड के सुरेश मौर्या बताते हैं कि शहरी क्षेत्र में आने के बावजूद यहां ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति की जा रही है।
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इंसेट
मैलानी : सड़क बनी, न नाली
नगर पालिका के विस्तारित क्षेत्र में तीन साल पहले मैलानी कस्बे को जोड़ा गया। यहां न सड़क बनी है न नाली। सड़कों की मरम्मत तक नहीं हो पाई है। इससे आने-जाने में लोगों को परेशानी होती है। क्षेत्र के राजेश ने बताया कि सड़क और नाली नहीं होने से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसे ठीक कराने में पालिका रुचि नहीं ले रही है। इसके अलावा बिजली की आपूर्ति भी बांस-बल्ली के सहारे हो रही है।
इंसेट
मडया : बारिश होने पर रास्ते में होता है जलभराव
मड़या के दलित बस्ती में समस्याएं ही समस्याएं हैं। यहां बारिश होने पर रास्ते में जलभराव हो जाता है। जलनिकासी की समस्या बनी हुई है। अरुणेंद्र सिंह ने बताया कि समस्या को दूर करने की दिशा में नगर पालिका प्रशासन रुचि नहीं ले रहा है। जिसकी वजह से लोगों की समस्याएं बनी हुई हैं।
इंसेट
मटिहना : स्कूल का शौचालय है बदहाल
बंजरिया मोहल्ले में सबसे बड़ी समस्या सड़क और जलनिकासी की है। सड़कें टूट गई हैं। यहां बिजली और पेयजल का भी इंतजाम नहीं है। स्कूल का शौचालय बदहाल है। बाउंड्रीवाॅल तक की व्यवस्था नहीं है। वार्ड की ठीक ढंग से सफाई तक नहीं हो पाती है। शैलेष गौतम ने बताया कि वार्ड में विकास की आस लगाए लोग बैठे हैं और अभी तक समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। इससे यहां रहने वाले लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं।
इंसेट
नगर पालिका के विस्तारित क्षेत्र में जमीन की रजिस्ट्री कराने वालों से दो प्रतिशत विकास शुल्क अगस्त 2023 से वसूला जा रहा है। जबकि नव सृजित नगर पंचायत हैंसर बाजार- धनघटा, बखिरा, धर्मसिंवा, बेलहर कला एवं पुरानी नगर पंचायत मेंहदावल और मगहर में अभी दो प्रतिशत विकास शुल्क नहीं लिया जा रहा है। यहां भी प्रक्रिया शुरू हो गई है। जल्द ही यहां भी यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। विकास शुल्क की रकम से क्षेत्रों में विकास कार्य प्राथमिकता से कराएं जाएंगे।
महेंद्र सिंह तंवर, डीएम
इंसेट
वर्ष 2020 में कोरोना संक्रमण के बाद से शासन स्तर से दो प्रतिशत विकास शुल्क की धनराशि जारी नहीं की गई। अभी तक यह रकम नहीं मिली है। जैसे ही विकास शुल्क की रकम मिलेगी, वैसे ही नगरीय क्षेत्र में नियमानुसार टेंडर प्रकाशित करा कर नाला, नाली, सड़क, बिजली आदि की व्यवस्थाएं सुधारी जाएंगी।
विनय कुमार मिश्र, ईओ नगर पालिका
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पुराने खलीलाबाद के सात वार्डों में रजिस्ट्री करने वालों से वसूला जाता है दो प्रतिशत विकास शुल्क
नगर पालिका के विस्तारित क्षेत्रों में रजिस्ट्री कराने वालों को भी देना होगा विकास शुल्क
एक महीने में हुई 92 रजिस्ट्री, वसूले गए 69.95 लाख रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। पुराने खलीलाबाद शहर के सात वार्डों में जमीन की रजिस्ट्री कराने वालों से दो प्रतिशत विकास शुल्क की वसूली की जाती है। अब नगर पालिका के विस्तारित क्षेत्रों में भी यह व्यवस्था लागू कर दी गई है। एक महीने के भीतर हुई 92 रजिस्ट्री से 69,95,440 रुपये विकास शुल्क लिया गया है। ऐसे में यह आंकड़ा औसतन साल में करीब 83, 945, 280 रुपये हो रहा है। यह रकम शासन से नगर पालिका प्रशासन को क्षेत्र के विकास के लिए मुहैया कराया जाता है। आलम यह है कि इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद भी वार्डों में समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
रजिस्ट्री कार्यालय के रिकॉर्ड के मुताबिक शहर के पुराने खलीलाबाद में खलीलाबाद, मटिहना, बिधियानी,उसका कला,मड़या, घोरखल और बंजरिया शामिल हैं। इन जगहों पर जमीन की रजिस्ट्री कराने वालों से पांच प्रतिशत स्टांप शुल्क और दो प्रतिशत विकास शुल्क लिया जाता है। विकास शुल्क की रकम को सरकार के माध्यम से नगर पालिका परिषद खलीलाबाद को दिया जाता है। करीब तीन साल पहले नगर पालिका परिषद खलीलाबाद का सीमा विस्तार हुआ। इसमें सरैया, मिश्रौलिया, नेदुला, पटखौली, सरौली, बड़गों, खटौली, मैलानी, मोहद्दीनपुर,बेलवनिया,डीघा, कसैला, गौसपुर, बनियाबारी, सादिकगंज और उसका खुर्द को शामिल किया गया था। इससे नगर पालिका की आबादी करीब 50,000 बढ़ी और उसका दायरा भी बढ़ गया। विकसित पुराने नगर पालिका की अपेक्षाकृत नए विस्तारित क्षेत्र में अधिक जमीन है और सस्ती होने की वजह से वहां लोग जमीनों की खरीदारी भी कर रहे हैं। विस्तारित क्षेत्रों में 22 अगस्त 2023 से जमीन की रजिस्ट्री कराने वालों से दो प्रतिशत विकास शुल्क लिया जा रहा है। वैसे महीने में औसतन करीब 900 बैनामा होता है, इसमें करीब 450 बैनामे नगरीय क्षेत्र के होते हैं। अगस्त महीने में विस्तारित क्षेत्रों में 92 बैनामें हुए हैं, जिससे 69,95,440 रुपये विकास शुल्क की वसूली की गई है। यह रकम नगर पालिका को जाता है। इस रकम से नगर पालिका क्षेत्रों में विकास कार्य कराता है। इधर वार्डों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।
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छोटी सरौली : बांस-बल्ली के सहारे होती बिजली आपूर्ति
सरौली वार्ड में अभी तक बांस-बल्ली के सहारे बिजली की आपूर्ति हो रही है। इससे आए दिन फाल्ट की समस्या हो जाती है। कई दिनों तक बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है। वार्ड में पेयजल के लिए कोई इंतजाम नहीं है। यही नहीं सड़क भी नहीं बनी है। कई जगहों पर सड़क में जलभराव हो जाता है। इससे आने-जाने में लोगों को परेशानी होती है। वार्ड के सुरेश मौर्या बताते हैं कि शहरी क्षेत्र में आने के बावजूद यहां ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति की जा रही है।
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मैलानी : सड़क बनी, न नाली
नगर पालिका के विस्तारित क्षेत्र में तीन साल पहले मैलानी कस्बे को जोड़ा गया। यहां न सड़क बनी है न नाली। सड़कों की मरम्मत तक नहीं हो पाई है। इससे आने-जाने में लोगों को परेशानी होती है। क्षेत्र के राजेश ने बताया कि सड़क और नाली नहीं होने से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसे ठीक कराने में पालिका रुचि नहीं ले रही है। इसके अलावा बिजली की आपूर्ति भी बांस-बल्ली के सहारे हो रही है।
इंसेट
मडया : बारिश होने पर रास्ते में होता है जलभराव
मड़या के दलित बस्ती में समस्याएं ही समस्याएं हैं। यहां बारिश होने पर रास्ते में जलभराव हो जाता है। जलनिकासी की समस्या बनी हुई है। अरुणेंद्र सिंह ने बताया कि समस्या को दूर करने की दिशा में नगर पालिका प्रशासन रुचि नहीं ले रहा है। जिसकी वजह से लोगों की समस्याएं बनी हुई हैं।
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मटिहना : स्कूल का शौचालय है बदहाल
बंजरिया मोहल्ले में सबसे बड़ी समस्या सड़क और जलनिकासी की है। सड़कें टूट गई हैं। यहां बिजली और पेयजल का भी इंतजाम नहीं है। स्कूल का शौचालय बदहाल है। बाउंड्रीवाॅल तक की व्यवस्था नहीं है। वार्ड की ठीक ढंग से सफाई तक नहीं हो पाती है। शैलेष गौतम ने बताया कि वार्ड में विकास की आस लगाए लोग बैठे हैं और अभी तक समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। इससे यहां रहने वाले लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं।
इंसेट
नगर पालिका के विस्तारित क्षेत्र में जमीन की रजिस्ट्री कराने वालों से दो प्रतिशत विकास शुल्क अगस्त 2023 से वसूला जा रहा है। जबकि नव सृजित नगर पंचायत हैंसर बाजार- धनघटा, बखिरा, धर्मसिंवा, बेलहर कला एवं पुरानी नगर पंचायत मेंहदावल और मगहर में अभी दो प्रतिशत विकास शुल्क नहीं लिया जा रहा है। यहां भी प्रक्रिया शुरू हो गई है। जल्द ही यहां भी यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। विकास शुल्क की रकम से क्षेत्रों में विकास कार्य प्राथमिकता से कराएं जाएंगे।
महेंद्र सिंह तंवर, डीएम
इंसेट
वर्ष 2020 में कोरोना संक्रमण के बाद से शासन स्तर से दो प्रतिशत विकास शुल्क की धनराशि जारी नहीं की गई। अभी तक यह रकम नहीं मिली है। जैसे ही विकास शुल्क की रकम मिलेगी, वैसे ही नगरीय क्षेत्र में नियमानुसार टेंडर प्रकाशित करा कर नाला, नाली, सड़क, बिजली आदि की व्यवस्थाएं सुधारी जाएंगी।
विनय कुमार मिश्र, ईओ नगर पालिका