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Sant Kabir Nagar News: पुलिस का कब्जा हटवाने की मांग
Wed, 26 Mar 2025 12:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 26 Mar 2025 12:04 AM IST
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धनघटा। तहसील पर पिछले पांच माह से धरना प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने मंगलवार को विभिन्न मांगों को लेकर एसडीएम धनघटा अरुण कुमार को ज्ञापन सौंपा। राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन में तहसील की भूमि से पुलिस विभाग का कब्जा हटाने की मांग की गई।
तहसील परिसर में स्थित एक भवन का दो वर्ष पूर्व उप निबंधक कार्यालय के रूप में लोकार्पण होने के बावजूद धनघटा (गागरगाड़) में स्थित विवादित भूमि पर भवन निर्माण कराया जा रहा है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि दो करोड़ रुपये बेमतलब खर्च किया जा रहा है। मांग किया कि बाढ़ शरणालय में संचालित उप निबंधक कार्यालय को धनघटा तहसील में शीघ्र स्थानांतरित किया जाए।
धनघटा तहसील के नाम दर्ज चार हजार वर्गमीटर भूमि पर थाना धनघटा द्वारा किये गए कब्जे को शीघ्र मुक्त करने की भी मांग किया गया। इसके अलावा तहसील परिसर में स्थित महिला समूह के नाम आवंटित दुकान को फौरन निरस्त किए जाने की मांग की गई। एसडीएम को सौंपे एक अन्य ज्ञापन में कहा गया कि उप जिलाधिकारी न्यायालय में बहुत अधिक अविवादित करेक्शन ऑफ पेपर की पत्रावलियां विचाराधीन है। जिससे आदेश पारित नहीं हो रहा है। जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र में विकास खंड हैंसर बाजार, पौली व नाथनगर के कार्यालय में लापरवाही बरती जा रही है जिससे अनावश्यक रूप से काफी समय लग रहा है।
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इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता लाल शरण सिंह, हनुमान चौधरी, प्रेम नारायण मिश्र, सुरेंद्र सिंह, प्रभु नाथ यादव, राधेश्याम मौर्य, अन्नपूर्णा मांझी, प्रभु नाथ यादव, उदयभान, विजय लाल श्रीवास्तव, योगेश श्रीवास्तव, पवन तिवारी आदि लोग मौजूद रहे।
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तहसील परिसर में स्थित एक भवन का दो वर्ष पूर्व उप निबंधक कार्यालय के रूप में लोकार्पण होने के बावजूद धनघटा (गागरगाड़) में स्थित विवादित भूमि पर भवन निर्माण कराया जा रहा है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि दो करोड़ रुपये बेमतलब खर्च किया जा रहा है। मांग किया कि बाढ़ शरणालय में संचालित उप निबंधक कार्यालय को धनघटा तहसील में शीघ्र स्थानांतरित किया जाए।
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धनघटा तहसील के नाम दर्ज चार हजार वर्गमीटर भूमि पर थाना धनघटा द्वारा किये गए कब्जे को शीघ्र मुक्त करने की भी मांग किया गया। इसके अलावा तहसील परिसर में स्थित महिला समूह के नाम आवंटित दुकान को फौरन निरस्त किए जाने की मांग की गई। एसडीएम को सौंपे एक अन्य ज्ञापन में कहा गया कि उप जिलाधिकारी न्यायालय में बहुत अधिक अविवादित करेक्शन ऑफ पेपर की पत्रावलियां विचाराधीन है। जिससे आदेश पारित नहीं हो रहा है। जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र में विकास खंड हैंसर बाजार, पौली व नाथनगर के कार्यालय में लापरवाही बरती जा रही है जिससे अनावश्यक रूप से काफी समय लग रहा है।
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इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता लाल शरण सिंह, हनुमान चौधरी, प्रेम नारायण मिश्र, सुरेंद्र सिंह, प्रभु नाथ यादव, राधेश्याम मौर्य, अन्नपूर्णा मांझी, प्रभु नाथ यादव, उदयभान, विजय लाल श्रीवास्तव, योगेश श्रीवास्तव, पवन तिवारी आदि लोग मौजूद रहे।