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Sant Kabir Nagar News: आयुर्वेद क्लिनिक में करा दिया प्रसव... तीन घंटे में जच्चा-बच्चा की मौत
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-नाराज तीमारदारों ने किया हंगामा तो क्लीनिक बंद कर भाग गया संचालक- इलाज में लापरवाही का आरोप लगा परिवार वालों ने प्रसूता का शव रख कर सड़क की जाम
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लिनिक सील किया
पडरौना/मंसाछापर। पडरौना कोतवाली क्षेत्र के जंगल सिंघापट्टी गांव के बांसी चौराहा पर संचालित आयुर्वेदिक योगी क्लिनिक में शनिवार सुबह सामान्य प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की तीन घंटे के अंतराल पर मौत हो गई। इसके बाद इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजन हंगामा करने लगे और शव सड़क पर रखकर बांसी-पडरौना मार्ग को जाम कर दिया। मामला बढ़ता देख संचालक और कर्मचारी क्लिनिक बंद कर भाग निकले।
सूचना पर पहुंची पुलिस के समझाने पर परिजन माने और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। शाम को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लिनिक को सील कर दिया। नोटिस चस्पा कर सात दिन में संचालक को जरूरी दस्तावेजों के साथ पहुंचने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परिवार वालों से भी बातचीत पर घटना की जानकारी ली।
बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के धनहा थाना क्षेत्र स्थित खोतहवा गांव के वार्ड नंबर-11 निवासी विकास यादव की पत्नी रजनी देवी (28) गर्भवती थीं। परिजनों के अनुसार दो महीने से बांसी के योगी क्लिनिक में उनका नियमित उपचार चल रहा था। शुक्रवार शाम को प्रसव पीड़ा होने पर रजनी को लेकर परिजन क्लिनिक पहुंचे। जांच के बाद डाॅक्टर ने सबकुछ सामान्य बताया। इसके बाद परिजन लौट आए। शनिवार भोर में दोबारा प्रसव पीड़ा होने पर परिजन रजनी को लेकर क्लिनिक पहुंचे। इस बार रजनी को भर्ती कर लिया गया। सुबह करीब 5.30 बजे सामान्य प्रसव से रजनी ने बेटी को जन्म दिया पर कुछ मिनट बाद उसकी मौत हो गई।
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घर वालों का आरोप है कि क्लिनिक संचालक ने जल्दबाजी में नवजात का अंतिम संस्कार करवा दिया। बेटी की मौत की जानकारी होने पर रजनी की तबीयत भी बिगड़ने लगी। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने इंजेक्शन और दवाएं दीं पर उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। बार-बार कहने के बाद भी डाॅक्टर ने उसे रेफर नहीं किया और सुबह करीब नौ बजे रजनी ने भी दम तोड़ दिया।
उसकी मौत की सूचना मिलते ही अन्य परिजन और रिश्तेदार पहुंचे गए और क्लिनिक पर हंगामा करने लगे। इस पर क्लिनिक संचालक और कर्मचारी वहां से भाग निकले। तब नाराज लोगों ने शव को सड़क पर रखकर बांसी से बिहार जाने वाले मार्ग पर जाम लगा दिया। इसके चलते 9.30 से 10.30 तक करीब एक घंटे सड़क पर आवागमन ठप रहा। सूचना पर कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंच गई और लोगों को समझाकर जाम खत्म कराया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
कोतवाल ओमप्रकाश तिवारी और तहसीलदार सदर अभिषेक मिश्रा ने परिजनों से अलग से वार्ता कर घटना की जानकारी ली। सीएमओ के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और घर वालों का बयान दर्ज कर लौट गई।
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महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच कर रही है।
अभिषेक मिश्र, तहसीलदार पडरौना
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-क्लिनिक को सील कर दिया गया है। नोटिस चस्पा कर संचालक को क्लिनिक के पंजीकरण से संबंधित दस्तावेजों के साथ सात दिन में विभाग पहुंचने को कहा गया है। पीड़ित परिवार के बयान के आधार पर टीम जांच कर रही है।
डॉ. चंद्रप्रकाश, सीएमओ
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लिनिक सील किया
पडरौना/मंसाछापर। पडरौना कोतवाली क्षेत्र के जंगल सिंघापट्टी गांव के बांसी चौराहा पर संचालित आयुर्वेदिक योगी क्लिनिक में शनिवार सुबह सामान्य प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की तीन घंटे के अंतराल पर मौत हो गई। इसके बाद इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजन हंगामा करने लगे और शव सड़क पर रखकर बांसी-पडरौना मार्ग को जाम कर दिया। मामला बढ़ता देख संचालक और कर्मचारी क्लिनिक बंद कर भाग निकले।
सूचना पर पहुंची पुलिस के समझाने पर परिजन माने और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। शाम को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लिनिक को सील कर दिया। नोटिस चस्पा कर सात दिन में संचालक को जरूरी दस्तावेजों के साथ पहुंचने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परिवार वालों से भी बातचीत पर घटना की जानकारी ली।
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बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के धनहा थाना क्षेत्र स्थित खोतहवा गांव के वार्ड नंबर-11 निवासी विकास यादव की पत्नी रजनी देवी (28) गर्भवती थीं। परिजनों के अनुसार दो महीने से बांसी के योगी क्लिनिक में उनका नियमित उपचार चल रहा था। शुक्रवार शाम को प्रसव पीड़ा होने पर रजनी को लेकर परिजन क्लिनिक पहुंचे। जांच के बाद डाॅक्टर ने सबकुछ सामान्य बताया। इसके बाद परिजन लौट आए। शनिवार भोर में दोबारा प्रसव पीड़ा होने पर परिजन रजनी को लेकर क्लिनिक पहुंचे। इस बार रजनी को भर्ती कर लिया गया। सुबह करीब 5.30 बजे सामान्य प्रसव से रजनी ने बेटी को जन्म दिया पर कुछ मिनट बाद उसकी मौत हो गई।
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घर वालों का आरोप है कि क्लिनिक संचालक ने जल्दबाजी में नवजात का अंतिम संस्कार करवा दिया। बेटी की मौत की जानकारी होने पर रजनी की तबीयत भी बिगड़ने लगी। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने इंजेक्शन और दवाएं दीं पर उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। बार-बार कहने के बाद भी डाॅक्टर ने उसे रेफर नहीं किया और सुबह करीब नौ बजे रजनी ने भी दम तोड़ दिया।
उसकी मौत की सूचना मिलते ही अन्य परिजन और रिश्तेदार पहुंचे गए और क्लिनिक पर हंगामा करने लगे। इस पर क्लिनिक संचालक और कर्मचारी वहां से भाग निकले। तब नाराज लोगों ने शव को सड़क पर रखकर बांसी से बिहार जाने वाले मार्ग पर जाम लगा दिया। इसके चलते 9.30 से 10.30 तक करीब एक घंटे सड़क पर आवागमन ठप रहा। सूचना पर कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंच गई और लोगों को समझाकर जाम खत्म कराया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
कोतवाल ओमप्रकाश तिवारी और तहसीलदार सदर अभिषेक मिश्रा ने परिजनों से अलग से वार्ता कर घटना की जानकारी ली। सीएमओ के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और घर वालों का बयान दर्ज कर लौट गई।
महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच कर रही है।
अभिषेक मिश्र, तहसीलदार पडरौना
-क्लिनिक को सील कर दिया गया है। नोटिस चस्पा कर संचालक को क्लिनिक के पंजीकरण से संबंधित दस्तावेजों के साथ सात दिन में विभाग पहुंचने को कहा गया है। पीड़ित परिवार के बयान के आधार पर टीम जांच कर रही है।
डॉ. चंद्रप्रकाश, सीएमओ