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डेंजर कट से कोहरे में हादसे की आशंका
Sant Kabir Nagar
Updated Sun, 04 Dec 2016 11:21 PM IST
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नवीन मंडी के पास बना अवैधानिक कट। साइकिल सवार के साथ ही बाइक लेकर भ्ाी लोग यहां से जाते है। जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है।
- फोटो : अमर उजाला
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बदले मौसम के साथ ही कोहरा असर दिखाने लगाने लगा है। ऐसे में हाइवे के डेंजर कट हादसे का सबब बन सकते हैं। हाल यह है कि इन डेंजर कट से लोग अक्सर हाइवे पर एक पार से दूसरे पार जाते हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग पर कांटे से लेकर मगहर तक कई जगहों पर वैधानिक कट के साथ ही अवैधानिक कट बने हुए हैं। गर्मी के मौसम में ही इन स्थानों पर सड़क पार करते समय ही कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें कुछ लोगों को जान गंवानी पड़ी थी। अब जबकि कोहरे का दौर शुरू हो गया है, ऐसे में सुबह, शाम और रात में कम विजिविलिटी के कारण हादसों की आशंका अक्सर बनी रहती है।
गोरखपुर-लखनऊ हाइवे पर जिले की सीमा से गुजर रहे हाइवे में एनएचआई द्वारा जो भी लीगल कट बनाए गए हैं, वे भी इतने डेंजर हैं कि यहां मुड़ना आसान नहीं है। कांटे मोड़ की बात करें तो यहां से नेशनल हाइवे से मुंडेरवा की ओर जाने के लिए मुड़ना रहता है। इसी प्रकार भुजैनी चौराहा, सरैया बाईपास, नेदुला चौराहा तथा मेंहदावल बाईपास खलीलाबाद के पास ओवरब्रिज के नीचे से होकर लोगों का आना जाना है। इन स्थानों पर कट बने हुए हैं। इसी प्रकार रैना पेपर मिल के पास, बगला ताल, मगहर स्थित शिवमंदिर के पास भी कट बने हुए हैं।
इसके अलावा कई स्थानों पर अवैधानिक तौर पर लोगों ने अपनी सहूलियत के आधार पर कट बना लिया है। इन स्थानों पर सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम नहीं हुए हैं। ऐसे में दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। जैसे-जैसे कोहरा घना होगा, लोगों की मुसीबत बढ़ सकती है। हालांकि एनएचआई ने अवैधानिक कट की खुदाई कराकर उसे बंद कर दिया है, लेकिन अब भी कुछ लोग इसे नजरअंदाज कर बगल से वाहन लेकर गुजर रहे हैं। अरविंद पांडेय, लालबचन, धर्मेद्र सिंह, सुनील पांडेय, अजय शुक्ला, राघवेंद्र मिश्र आदि ने कहा कि यदि समय रहते कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में दुर्घटनाएं बढ़ सकती हैं। ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर अजीत सिंह ने बताया कि अवैधानिक कट से होकर गुजरना खतरे से खाली नहीं है।
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जहां लीगल कट बने हुए है, वहां सुरक्षा के प्रबंध किए जाने के लिए एनएचआई के अधिकारियों से वार्ता की है। कोहर का असर दिखने लगा है। ऐसे में रिफ्लेक्टर के साथ डीपर का प्रयोग भी वाहन चालक करके धीमी गति से वाहन चलाएं। सावधानी ही सुरक्षा का सबसे बेहतर उपाय है।
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गोरखपुर-लखनऊ हाइवे पर जिले की सीमा से गुजर रहे हाइवे में एनएचआई द्वारा जो भी लीगल कट बनाए गए हैं, वे भी इतने डेंजर हैं कि यहां मुड़ना आसान नहीं है। कांटे मोड़ की बात करें तो यहां से नेशनल हाइवे से मुंडेरवा की ओर जाने के लिए मुड़ना रहता है। इसी प्रकार भुजैनी चौराहा, सरैया बाईपास, नेदुला चौराहा तथा मेंहदावल बाईपास खलीलाबाद के पास ओवरब्रिज के नीचे से होकर लोगों का आना जाना है। इन स्थानों पर कट बने हुए हैं। इसी प्रकार रैना पेपर मिल के पास, बगला ताल, मगहर स्थित शिवमंदिर के पास भी कट बने हुए हैं।
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इसके अलावा कई स्थानों पर अवैधानिक तौर पर लोगों ने अपनी सहूलियत के आधार पर कट बना लिया है। इन स्थानों पर सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम नहीं हुए हैं। ऐसे में दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। जैसे-जैसे कोहरा घना होगा, लोगों की मुसीबत बढ़ सकती है। हालांकि एनएचआई ने अवैधानिक कट की खुदाई कराकर उसे बंद कर दिया है, लेकिन अब भी कुछ लोग इसे नजरअंदाज कर बगल से वाहन लेकर गुजर रहे हैं। अरविंद पांडेय, लालबचन, धर्मेद्र सिंह, सुनील पांडेय, अजय शुक्ला, राघवेंद्र मिश्र आदि ने कहा कि यदि समय रहते कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में दुर्घटनाएं बढ़ सकती हैं। ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर अजीत सिंह ने बताया कि अवैधानिक कट से होकर गुजरना खतरे से खाली नहीं है।
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जहां लीगल कट बने हुए है, वहां सुरक्षा के प्रबंध किए जाने के लिए एनएचआई के अधिकारियों से वार्ता की है। कोहर का असर दिखने लगा है। ऐसे में रिफ्लेक्टर के साथ डीपर का प्रयोग भी वाहन चालक करके धीमी गति से वाहन चलाएं। सावधानी ही सुरक्षा का सबसे बेहतर उपाय है।