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Sant Kabir Nagar News: पुलिस की कार्रवाई के बाद भी नहीं थम रहा साइबर क्राइम

Wed, 27 May 2026 02:47 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 27 May 2026 02:47 AM IST
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Cybercrime continues unabated despite police action
संतकबीरनगर। जिले में पुलिस और साइबर सेल की लगातार कार्रवाई के बावजूद साइबर अपराध थमने का नाम नहीं ले रहा है। जालसाज नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। कभी खुद को बैंक अधिकारी बताकर खाते की जानकारी हासिल कर लेते हैं, तो कभी सोशल मीडिया पर दोस्त या परिचित बनकर लोगों की गाढ़ी कमाई पर हाथ साफ कर दे रहे हैं। कई मामलों में लालच देकर निवेश और ऑनलाइन कमाई का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये ठग लिए गए हैं।
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कुछ महीनों में जिले में साइबर ठगी के मामलों में तेजी आई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी कॉल, यूपीआई भुगतान और सोशल मीडिया हैकिंग से जुड़े मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी साइबर अपराधियों का नेटवर्क सक्रिय हो गया है। कम जानकारी और जागरूकता के अभाव में लोग आसानी से इनके झांसे में आ जा रहे हैं।
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साइबर अपराधी सबसे अधिक मोबाइल कॉल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। कई मामलों में अपराधी व्हाट्सएप या फेसबुक पर परिचित की फोटो लगाकर रुपये मांगते हैं। लोग पहचान वाले का नाम और फोटो देखकर भरोसा कर लेते हैं और खाते में रुपये भेज देते हैं। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास होता है। इसके अलावा नौकरी दिलाने, सस्ता लोन उपलब्ध कराने और ऑनलाइन निवेश पर ज्यादा मुनाफा देने का लालच देकर भी लोगों को फंसाया जा रहा है।
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अपराधी फर्जी वेबसाइट और मोबाइल एप के जरिये लोगों की निजी जानकारी और बैंक डिटेल हासिल कर खाते खाली कर दे रहे हैं।
हाल ही में जिले के कई लोगों ने साइबर थाने और स्थानीय थानों में शिकायत दर्ज कराई है। किसी के खाते से हजारों रुपये उड़ गए तो किसी को ऑनलाइन खरीदारी के नाम पर ठग लिया गया। पुलिस ने कुछ मामलों में रकम वापस भी कराई है, लेकिन अधिकांश मामलों में अपराधी तक पहुंचना चुनौती बना है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराध से बचाव के लिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही ओटीपी, बैंक खाता या एटीएम संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा करें। सोशल मीडिया पर रुपये मांगने वाले परिचित की पहले फोन कर पुष्टि जरूर कर लें।

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साइबर ठगी से बचने के उपाय
- किसी अनजान नंबर या लिंक पर भरोसा न करें।
- ओटीपी, सीवीवी और बैंक डिटेल किसी को न बताएं।
- सोशल मीडिया पर आए रुपये मांगने वाले संदेश की पुष्टि करें।
- फर्जी निवेश और ज्यादा मुनाफे के लालच से बचें।
- साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें।

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केस-एक
बैंक कर्मचारी बनकर की ठगी
थाना बखिरा क्षेत्र के चुरीयामीर निवासी दीनानाथ तिवारी से ठगों ने बैंक कर्मचारी बनकर संपर्क किया। आरोपियों ने क्रेडिट कार्ड अपडेट कराने के नाम पर ओटीपी हासिल कर ली और उनके खाते से 34,978.97 रुपये ट्रांसफर कर लिए। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तत्काल एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर संबंधित बैंक एवं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से समन्वय स्थापित किया। तकनीकी विश्लेषण और त्वरित कार्रवाई के बाद पूरी धनराशि पीड़ित के खाते में वापस कराई।
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केस दो
एप डाउनलोड कराकर उड़ा दिए 20 हजार रुपये
मेंहदावल थाना क्षेत्र के हरपुर पंचनौरी गांव निवासी राम आशीष यादव के पास अज्ञात व्यक्ति ने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर फोन किया। आरोपी ने युवक को एक संदिग्ध एप डाउनलोड करने के लिए कहा। एप डाउनलोड करने के बाद साइबर अपराधी ने क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 20 हजार रुपये की धोखाधड़ी कर ली। धोखाधड़ी का पता चलने पर पीड़ित ने थाना मेंहदावल साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर संबंधित बैंक एवं ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म से समन्वय स्थापित किया। तकनीकी विश्लेषण और त्वरित कार्रवाई के जरिये पूरी 20 हजार रुपये की रकम वापस करा दी।
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केस तीन
ऑनलाइन धोखाधड़ी से गायब रकम कराई वापस
दुधारा थाने की पुलिस ने साबरीन खातून निवासी करही के बैंक खाते से एक अज्ञात ठग द्वारा 12,000 रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी कर ली गई। पीड़िता द्वारा इसकी तत्काल सूचना थाना दुधारा पर दी गई। जहां साइबर टीम ने सक्रियता दिखाते हुए राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और फ्रॉड की गई रकम को तुरंत होल्ड (फ्रीज) करा दिया। पुलिस टीम द्वारा साक्ष्य व बैंक विवरणों के साथ फ्रीज पैसों को अवमुक्त कराने हेतु विधिक आख्या प्रस्तुत की। मामले के तथ्यों और पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर संपूर्ण धनराशि पीड़िता के खाते में वापस कराई गई।

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जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है। लगातार अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद जालसाज नए तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। लोगों को हर पल सजग रहने की जरूरत है।
-जय प्रकाश चौबे, प्रभारी, साइबर क्राइम थाना
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