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Sant Kabir Nagar News: जिला अस्पताल में उमड़ी मरीजों की भीड़
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जिला अस्पताल के ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़।
बुखार और खांसी की तकलीफ लेकर पहुंचे रोगी, पर्ची बनवाने में आधार की अनिवार्यता से परेशान हुए मरीज
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल में सोमवार को मरीजों की खासी भीड़ देखी गई। बदलते मौसम के चलते सर्दी, जुकाम, खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या ज्यादा रही। अस्पताल में ओपीडी की पर्ची बनवाने के लिए मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। आधार कार्ड की अनिवार्यता के कारण मरीज ज्यादा परेशान हुए।
अस्पताल में पर्ची बनवाने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है। वेरिफिकेशन और ओटीपी के बाद ही पर्ची बनाई जाती है। कई मरीज सुबह 6:00 बजे घर से निकलकर अस्पताल पहुंचे, फिर भी पर्ची नहीं बन पाई।
धनघटा के रामसेवक (40 वर्ष) ने बताया कि सुबह 6:00 बजे घर से निकले हैं, लेकिन दोपहर तक पर्ची नहीं बन पाई है। बीमार हूं, डॉक्टर को दिखाना मुश्किल हो रहा है। रामरति (दुधारा) और सावित्री (टेमा) ने बताया कि छोटे बच्चों को लेकर घंटों लाइन में खड़े रहना पड़ रहा है, लेकिन पर्ची नहीं बन पा रही है। बिना पर्ची के डॉक्टर से इलाज संभव नहीं है।
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कुछ मरीज तो पर्ची न बन पाने के कारण घर लौटने को मजबूर हो गए। वहीं डॉक्टर सिद्धार्थ ने बताया कि मौसम बदलने से वायरल बुखार, सर्दी और जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ी है। मरीजों को दवा के साथ बचाव के उपाय भी बताए जा रहे हैं, क्योंंकि मौजूदा समय में बचाव ज्यादा आवश्यक है। दूसरी ओर पर्ची न बनने में परेशानी से ओपीडी में मरीजों की संख्या कम दिखाई कम पड़ रही थी, जबकि काउंटर पर भीड़ ज्यादा थी।
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संतकबीरनगर। जिला अस्पताल में सोमवार को मरीजों की खासी भीड़ देखी गई। बदलते मौसम के चलते सर्दी, जुकाम, खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या ज्यादा रही। अस्पताल में ओपीडी की पर्ची बनवाने के लिए मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। आधार कार्ड की अनिवार्यता के कारण मरीज ज्यादा परेशान हुए।
अस्पताल में पर्ची बनवाने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है। वेरिफिकेशन और ओटीपी के बाद ही पर्ची बनाई जाती है। कई मरीज सुबह 6:00 बजे घर से निकलकर अस्पताल पहुंचे, फिर भी पर्ची नहीं बन पाई।
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धनघटा के रामसेवक (40 वर्ष) ने बताया कि सुबह 6:00 बजे घर से निकले हैं, लेकिन दोपहर तक पर्ची नहीं बन पाई है। बीमार हूं, डॉक्टर को दिखाना मुश्किल हो रहा है। रामरति (दुधारा) और सावित्री (टेमा) ने बताया कि छोटे बच्चों को लेकर घंटों लाइन में खड़े रहना पड़ रहा है, लेकिन पर्ची नहीं बन पा रही है। बिना पर्ची के डॉक्टर से इलाज संभव नहीं है।
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कुछ मरीज तो पर्ची न बन पाने के कारण घर लौटने को मजबूर हो गए। वहीं डॉक्टर सिद्धार्थ ने बताया कि मौसम बदलने से वायरल बुखार, सर्दी और जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ी है। मरीजों को दवा के साथ बचाव के उपाय भी बताए जा रहे हैं, क्योंंकि मौजूदा समय में बचाव ज्यादा आवश्यक है। दूसरी ओर पर्ची न बनने में परेशानी से ओपीडी में मरीजों की संख्या कम दिखाई कम पड़ रही थी, जबकि काउंटर पर भीड़ ज्यादा थी।