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Sant Kabir Nagar News: दो दरोगा, ग्राम प्रधान समेत आठ की फौजदारी निगरानी निरस्त
Mon, 26 Aug 2024 12:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 26 Aug 2024 12:08 AM IST
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- अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की कोर्ट ने दिया आदेश
- अधीनस्थ न्यायालय के आदेश की की पुष्टि
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। सीजेएम कोर्ट द्वारा पारित आदेश के विरुद्ध दाखिल की गई फौजदारी निगरानी की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कृष्ण कुमार पंचम की कोर्ट ने निरस्त कर दिया।
महिला ने अधिनस्थ न्यायालय सीजएम कोर्ट में 156 (3) सी आरपीसी के अंतर्गत प्रार्थनापत्र में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि तत्कालीन उपनिरीक्षक अनिल कुमार थाना दुधारा, विजय बहादुर पाण्डेय उपनिरीक्षक थाना दुधारा, तत्कालीन ग्राम प्रधान खुदैजतुल अजरा ग्राम तिलजा, पति माशूक अहमद, रहमतुल्लाह, मकसूद, हमीदुन्निसा, समसुन्निसा निवासी छपिया छितौना थाना दुधारा सहित कुल आठ लोगों के विरुद्ध पद का दुरुपयोग करने और अन्य आरोपियों को बचाने में मदद के मामले में दाखिल किया था।
मामले में सुनवाई के बाद सीजेएम कोर्ट ने सात नवंबर 2019 को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया। साथ ही महिला को बयान अंकित करने का भी आदेश दिया। सीजेएम कोर्ट के आदेश के विरुद्ध पीड़ित महिला ने सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में फौजदारी निगरानी दाखिल किया। सुनवाई अपर सत्र व विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कृष्ण कुमार पंचम की कोर्ट में हुई।
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कोर्ट ने पक्षों की बहस सुनने व पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य और आधार निगरानी का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने कहा कि अधीनस्थ न्यायालय के आदेश में कोई वैधानिक त्रुटि नहीं पाई जाती है। आदेश ठोस आधार पर पारित किया गया है। कोई भी अवैधता या अनियमितता नहीं पाई गई है। फौजदारी निगरानी बलहीन होने के कारण निरस्त की जाती है।
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- अधीनस्थ न्यायालय के आदेश की की पुष्टि
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। सीजेएम कोर्ट द्वारा पारित आदेश के विरुद्ध दाखिल की गई फौजदारी निगरानी की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कृष्ण कुमार पंचम की कोर्ट ने निरस्त कर दिया।
महिला ने अधिनस्थ न्यायालय सीजएम कोर्ट में 156 (3) सी आरपीसी के अंतर्गत प्रार्थनापत्र में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि तत्कालीन उपनिरीक्षक अनिल कुमार थाना दुधारा, विजय बहादुर पाण्डेय उपनिरीक्षक थाना दुधारा, तत्कालीन ग्राम प्रधान खुदैजतुल अजरा ग्राम तिलजा, पति माशूक अहमद, रहमतुल्लाह, मकसूद, हमीदुन्निसा, समसुन्निसा निवासी छपिया छितौना थाना दुधारा सहित कुल आठ लोगों के विरुद्ध पद का दुरुपयोग करने और अन्य आरोपियों को बचाने में मदद के मामले में दाखिल किया था।
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मामले में सुनवाई के बाद सीजेएम कोर्ट ने सात नवंबर 2019 को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया। साथ ही महिला को बयान अंकित करने का भी आदेश दिया। सीजेएम कोर्ट के आदेश के विरुद्ध पीड़ित महिला ने सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में फौजदारी निगरानी दाखिल किया। सुनवाई अपर सत्र व विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कृष्ण कुमार पंचम की कोर्ट में हुई।
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कोर्ट ने पक्षों की बहस सुनने व पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य और आधार निगरानी का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने कहा कि अधीनस्थ न्यायालय के आदेश में कोई वैधानिक त्रुटि नहीं पाई जाती है। आदेश ठोस आधार पर पारित किया गया है। कोई भी अवैधता या अनियमितता नहीं पाई गई है। फौजदारी निगरानी बलहीन होने के कारण निरस्त की जाती है।