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नौकरी के नाम पर लेनदेन, चार पकड़े
अमर उजाला/संतकबीरनगर
Updated Wed, 24 Feb 2016 12:26 AM IST
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संतकबीरनगर। सफाईकर्मी की नौकरी के नाम पर लेनदेन का मामला सामने आया है।
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मंगलवार को डीपीआरओ कार्यालय पर विवाद कर रहे बस्ती निवासी चार बेरोजगार
युवकों को हिरासत में लिया गया है। इनमें मामा-भांजे भी शामिल हैं।
पकड़ा गया हर शख्स दूसरे पर रकम लेने की बात कह रहा है। हालांकि एक युवक ने लखनऊ में पंचायती राज विभाग में तैनात एक व्यक्ति को रकम देने की बात कही है। नौकरी न मिलने पर ये सभी संतकबीरनगर डीपीआरओ कार्यालय पर बातचीत करने के लिए पहुंचे थे।
हिरासत में लिए गए बृजेश पुत्र रामदुलारे यादव निवासी सूरतगढ़ थाना वाल्टरगंज जिला बस्ती ने बताया कि वह इंटर पास है। अजगवा गांव निवासी उसके भांजे राजनरायन यादव उर्फ राजन पुत्र रामधीरज यादव ने करीब एक साल पहले उसे सफाई कर्मी पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर तीन बार में 1.52 लाख रुपये लिए थे।
पहले बस्ती में फिर बाद में संतकबीरनगर में सफाई कर्मी की नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया। जबकि भांजे राजनरायन ने बताया कि वह आठवीं पास है।
उसका आरोप है कि बस्ती के गौर थाना क्षेत्र के बभनगवा निवासी अंशू सिंह पुत्र सतन कुमार सिंह ने उसे सफाई कर्मी के पद पर नौकरी दिलाने की बात कहकर चार साल पहले एक लाख रुपये लिए थे। साथ ही एक साल पहले मामा की नौकरी के लिए भी रकम दी थी। अंशु कई बार उसे और मामा को डीपीआरओ कार्यालय में नौकरी के लिए बुला चुका है।जबकि अंशू सिंह ने बताया कि वह हाईस्कूल पास है।
आरोप है कि बस्ती के बक्सर निवासी देवनाथ सोनी पुत्र सत्य नारायन सोनी ने सफाई कर्मचारी पद पर उसे नौकरी की बात कही। उसने खुद के एक लाख और राजनरायन यादव के एक लाख रुपये देवनाथ सोनी को दिए हैं।
वही देवनाथ सोनी ने बताया कि बस्ती जिले के ही रहने वाले आनंद प्रकाश श्रीवास्तव नाम के व्यक्ति से उसकी मुलाकात हुई थी। उसने खुद को लखनऊ में जिला पंचायत राज विभाग कार्यरत होना बताकर सफाईकर्मी की नौकरी दिलाने की बात कही। बहकावे में आकर पहले उसने उसे 50 हजार रुपये दे दिए। बाद में अंशु के जरिए दी गई रकम भी आनंद प्रकाश को दी। अब वह नहीं मिल रहा है।
हिरासत में लिए गए युवकों में से एक की शादी हाल ही में होने वाली है।डीपीआरओ रामअग्रे सिंह ने बताया कि वह लखनऊ मीटिंग से लौट कर कार्यालय पहुंचे। इसी दौरान चारो युवक आपस में झगड़ रहे थे और सफाई कर्मी पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर एक-दूसरे पर रकम के लेनदेन का आरोप मढ़ रहे थे।
विवाद न बढ़े इसकी खबर पुलिस को दी गई। एसआई अवधेश पांडेय ने बताया कि जांच पड़ताल हो रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पकड़ा गया हर शख्स दूसरे पर रकम लेने की बात कह रहा है। हालांकि एक युवक ने लखनऊ में पंचायती राज विभाग में तैनात एक व्यक्ति को रकम देने की बात कही है। नौकरी न मिलने पर ये सभी संतकबीरनगर डीपीआरओ कार्यालय पर बातचीत करने के लिए पहुंचे थे।
हिरासत में लिए गए बृजेश पुत्र रामदुलारे यादव निवासी सूरतगढ़ थाना वाल्टरगंज जिला बस्ती ने बताया कि वह इंटर पास है। अजगवा गांव निवासी उसके भांजे राजनरायन यादव उर्फ राजन पुत्र रामधीरज यादव ने करीब एक साल पहले उसे सफाई कर्मी पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर तीन बार में 1.52 लाख रुपये लिए थे।
पहले बस्ती में फिर बाद में संतकबीरनगर में सफाई कर्मी की नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया। जबकि भांजे राजनरायन ने बताया कि वह आठवीं पास है।
उसका आरोप है कि बस्ती के गौर थाना क्षेत्र के बभनगवा निवासी अंशू सिंह पुत्र सतन कुमार सिंह ने उसे सफाई कर्मी के पद पर नौकरी दिलाने की बात कहकर चार साल पहले एक लाख रुपये लिए थे। साथ ही एक साल पहले मामा की नौकरी के लिए भी रकम दी थी। अंशु कई बार उसे और मामा को डीपीआरओ कार्यालय में नौकरी के लिए बुला चुका है।जबकि अंशू सिंह ने बताया कि वह हाईस्कूल पास है।
आरोप है कि बस्ती के बक्सर निवासी देवनाथ सोनी पुत्र सत्य नारायन सोनी ने सफाई कर्मचारी पद पर उसे नौकरी की बात कही। उसने खुद के एक लाख और राजनरायन यादव के एक लाख रुपये देवनाथ सोनी को दिए हैं।
वही देवनाथ सोनी ने बताया कि बस्ती जिले के ही रहने वाले आनंद प्रकाश श्रीवास्तव नाम के व्यक्ति से उसकी मुलाकात हुई थी। उसने खुद को लखनऊ में जिला पंचायत राज विभाग कार्यरत होना बताकर सफाईकर्मी की नौकरी दिलाने की बात कही। बहकावे में आकर पहले उसने उसे 50 हजार रुपये दे दिए। बाद में अंशु के जरिए दी गई रकम भी आनंद प्रकाश को दी। अब वह नहीं मिल रहा है।
हिरासत में लिए गए युवकों में से एक की शादी हाल ही में होने वाली है।डीपीआरओ रामअग्रे सिंह ने बताया कि वह लखनऊ मीटिंग से लौट कर कार्यालय पहुंचे। इसी दौरान चारो युवक आपस में झगड़ रहे थे और सफाई कर्मी पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर एक-दूसरे पर रकम के लेनदेन का आरोप मढ़ रहे थे।
विवाद न बढ़े इसकी खबर पुलिस को दी गई। एसआई अवधेश पांडेय ने बताया कि जांच पड़ताल हो रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।