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मुठभेड़ में तीन लुटेरे गिरफ्तार
Sant Kabir Nagar
Updated Wed, 16 Nov 2016 11:36 PM IST
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- फोटो : डेमो फोटो
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एसटीएफ लखनऊ और कोतवाली पुलिस की टीम ने मंगलवार रात संतकबीर पार्क डीघा बाईपास के निकट से मुठभेड़ में तीन लुटेरों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए बदमाशों के पास से तीन असलहे, कारतूस, लूट के 32000 कैश आदि बरामद की। पकड़े गए बदमाशों ने नगर के अंसार टोला के पास से चार दिन पूर्व अकाउंटेंट से लूट की घटना समेत धनघटा और गोरखपुर जिले की भी कई वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की।
एसपी विक्रमादित्य सचान ने बताया कि एसटीएफ के एएसपी शहाब रशीद खान अपनी टीम के साथ लुटेरों की तलाश में मंगलवार को जिले में आए थे। इसी बीच पता चला कि लुटेरों के गैंग के कुछ सदस्य अपने किसी साथी से मिलने के लिए संतकबीर पार्क डीघाबाईपास पर हैं। इसके बाद रात आठ बजे एसटीएफ और कोतवाली एसआई प्रदीप सिंह की टीम ने घेराबंदी शुरू की।
इसी बीच एक बदमाश ने टीम पर फायरिंग कर दी।
इसके बाद टीम ने तत्परता दिखाते हुए तीनों बदमाशों को घेरकर पकड़ लिया। बदमाशों की पहचान जयविंद सिंह पुत्र राजेंद्र सिंह निवासी चैनपुर थाना बड़हलगंज, इंद्रजीत सिंह पुत्र श्याम बिहारी सिंह निवासी बासगांव थाना बासगांव और राजाराम पांडेय उर्फ बाबू पांडेय पुत्र राजनरायन पांडेय निवासी शाहपुर सोहनाग थाना बेलघाट जिला गोरखपुर के रूप में हुई। इनके पास से दो तमंचे और एक देशी पिस्टल और कारतूस बरामद किया।
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इसके साथ ही इन लोगों के पास से 32,000 नकदी, आलोक कुमार पांडेय नाम का हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और बीकॉम का अंकपत्र, आधार कार्ड, बैक की डिपाजिट स्लिप, तीन मोबाइल व बैग आदि बरामद हुआ। एसपी के मुुताबिक पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि 12 नवंबर को शहर के अंसार टोला के पास गोरखपुर जिले के पिपराइच क्षेत्र के मठिया निवासी एवं गोरखपुर के ही एक डिस्ट्रीब्यूटर की फर्म के अकाउंटेंट पद पर कार्यरत आलोक कुमार पांडेय से 90 हजार की लूट की थी। बरामद बैग ,32000 नकदी और अंकतालिका व अन्य कागजात उन्हीं के हैं। यह लूट उन्होंने अपने साथी आजमगढ़ के निवासी मनोज निषाद व तिवारी जिसे मनोज जानता है, उसकी मदद से की थी। पकड़े गए बदमाश अपने पुराने साथी संदीप सिंह से मिलने यहां आए थे।
जयविंद, इंद्रजीत और संदीप सिंह के जरिए 10-12 दिन पहले धनघटा क्षेत्र में बिना नंबर की पल्सर लूटने की बात स्वीकार की। इसके साथ ही गोरखपुर जिले के बेलीपार क्षेत्र के कोठीपुरवा में एक व्यापारी को गोलीमार कर 40 हजार की लूट और सितंबर में उरुवा थाना क्षेत्र में व्यापारी से सोने चांदी की लूट की घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। एसपी ने बताया कि पीड़ित अकाउटेंट आलोक कुमार पांडेय ने पकड़े गए बदमाशों की पहचान भी की। पकड़े गए बदमाशों के खिलाफ एसटीएफ के इंस्पेक्टर विनय गौतम की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर जेल भेज दिया।
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एसपी विक्रमादित्य सचान ने बताया कि एसटीएफ के एएसपी शहाब रशीद खान अपनी टीम के साथ लुटेरों की तलाश में मंगलवार को जिले में आए थे। इसी बीच पता चला कि लुटेरों के गैंग के कुछ सदस्य अपने किसी साथी से मिलने के लिए संतकबीर पार्क डीघाबाईपास पर हैं। इसके बाद रात आठ बजे एसटीएफ और कोतवाली एसआई प्रदीप सिंह की टीम ने घेराबंदी शुरू की।
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इसी बीच एक बदमाश ने टीम पर फायरिंग कर दी।
इसके बाद टीम ने तत्परता दिखाते हुए तीनों बदमाशों को घेरकर पकड़ लिया। बदमाशों की पहचान जयविंद सिंह पुत्र राजेंद्र सिंह निवासी चैनपुर थाना बड़हलगंज, इंद्रजीत सिंह पुत्र श्याम बिहारी सिंह निवासी बासगांव थाना बासगांव और राजाराम पांडेय उर्फ बाबू पांडेय पुत्र राजनरायन पांडेय निवासी शाहपुर सोहनाग थाना बेलघाट जिला गोरखपुर के रूप में हुई। इनके पास से दो तमंचे और एक देशी पिस्टल और कारतूस बरामद किया।
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इसके साथ ही इन लोगों के पास से 32,000 नकदी, आलोक कुमार पांडेय नाम का हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और बीकॉम का अंकपत्र, आधार कार्ड, बैक की डिपाजिट स्लिप, तीन मोबाइल व बैग आदि बरामद हुआ। एसपी के मुुताबिक पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि 12 नवंबर को शहर के अंसार टोला के पास गोरखपुर जिले के पिपराइच क्षेत्र के मठिया निवासी एवं गोरखपुर के ही एक डिस्ट्रीब्यूटर की फर्म के अकाउंटेंट पद पर कार्यरत आलोक कुमार पांडेय से 90 हजार की लूट की थी। बरामद बैग ,32000 नकदी और अंकतालिका व अन्य कागजात उन्हीं के हैं। यह लूट उन्होंने अपने साथी आजमगढ़ के निवासी मनोज निषाद व तिवारी जिसे मनोज जानता है, उसकी मदद से की थी। पकड़े गए बदमाश अपने पुराने साथी संदीप सिंह से मिलने यहां आए थे।
जयविंद, इंद्रजीत और संदीप सिंह के जरिए 10-12 दिन पहले धनघटा क्षेत्र में बिना नंबर की पल्सर लूटने की बात स्वीकार की। इसके साथ ही गोरखपुर जिले के बेलीपार क्षेत्र के कोठीपुरवा में एक व्यापारी को गोलीमार कर 40 हजार की लूट और सितंबर में उरुवा थाना क्षेत्र में व्यापारी से सोने चांदी की लूट की घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। एसपी ने बताया कि पीड़ित अकाउटेंट आलोक कुमार पांडेय ने पकड़े गए बदमाशों की पहचान भी की। पकड़े गए बदमाशों के खिलाफ एसटीएफ के इंस्पेक्टर विनय गौतम की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर जेल भेज दिया।