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हंगामे के चलते नहीं हुआ कोटे का चयन
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Sat, 16 Apr 2016 11:40 PM IST
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बैठक हुई।
- फोटो : अंबरीश मिश्रा
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नाथनगर ब्लॉक क्षेत्र के भैसही उर्फ भैसवरिया गांव में शनिवार को प्रभारी बीडीओ के निर्देश पर कोटे की दुकान के चयन को लेकर ग्राम प्रधान रंजीत गुप्ता की अध्यक्षता में खुुली बैठक हुई प्राथमिक विद्यालय पर आयोजित इस बैठक के दौरान ग्रामीण कहा सुनी के साथ आपस में भिड़ गए। इस दौरान काफी हंगामा हुआ। विवाद को बढ़ता देख मौजूद अधिकारियों ने अध्यक्ष की अनुमति से बैठक को निरस्त करते हुए अगली बैठक के लिए 27 अप्रैल की तिथि निश्चित किया।
भैसही उर्फ भैसवरिया में नई कोटे की दुकान का चयन होना है। इसके लिए प्रभारी खंड विकास अधिकारी ने पंचायत सचिव इंद्रेश यादव को 16 अप्रैल को ग्राम पंचायत में खुली बैठक कराकर कोटे की दुकान का चयन करने का निर्देश जारी किया था। पंचायत सचिव इंद्रेश यादव ने बताया कि प्रभारी बीडीओ के निर्देश पर ग्राम पंचायत की खुली बैठक आयोजित की गई। इसके लिए दो दिन पूर्व ही गांव के दुलारे और नागेंद्र यादव द्वारा गांव में घुमकर डुग्गी मुनादी किया गया था। बैठक में हस्ताक्षर कार्य पूर्ण होने पर बैठक का कोरम पूरा नहीं हो पाया था, कि उसी दौरान भैसही उर्फ भैसवरिया गांव के लोग बैठक के स्थान को लेकर नाराजगी व्यक्त करने लगे।
धीरे-धीरे कहा सुनी के साथ ग्रामीण आपस में धक्का मुक्की के साथ मार पीट करने लगे। कुछ लोगों ने बीच बचाव किया तब मामला शांत हुआ। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पंचायत सचिव और प्रभारी एडीओ पंचायत ने अध्यक्षता कर रहे ग्राम प्रधान रंजित गुप्ता से वार्ता के उपरांत बैठक को निरस्त करते हुए आगामी 27 अप्रैल को बैठक की तिथि निश्चित किया। पंचायत सचिव ने बताया कि विवाद और कोरम के अभाव में बैठक निरस्त की गई है। इस अवसर पर ग्रामीण शंभू प्रसाद, चंद्रभान, रामबेलास, महेन्द्र, मुनेश्वर, सतई, रामदास व प्रदीप समेत अन्य लोग मौजूद थे।
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भैसही उर्फ भैसवरिया में नई कोटे की दुकान का चयन होना है। इसके लिए प्रभारी खंड विकास अधिकारी ने पंचायत सचिव इंद्रेश यादव को 16 अप्रैल को ग्राम पंचायत में खुली बैठक कराकर कोटे की दुकान का चयन करने का निर्देश जारी किया था। पंचायत सचिव इंद्रेश यादव ने बताया कि प्रभारी बीडीओ के निर्देश पर ग्राम पंचायत की खुली बैठक आयोजित की गई। इसके लिए दो दिन पूर्व ही गांव के दुलारे और नागेंद्र यादव द्वारा गांव में घुमकर डुग्गी मुनादी किया गया था। बैठक में हस्ताक्षर कार्य पूर्ण होने पर बैठक का कोरम पूरा नहीं हो पाया था, कि उसी दौरान भैसही उर्फ भैसवरिया गांव के लोग बैठक के स्थान को लेकर नाराजगी व्यक्त करने लगे।
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धीरे-धीरे कहा सुनी के साथ ग्रामीण आपस में धक्का मुक्की के साथ मार पीट करने लगे। कुछ लोगों ने बीच बचाव किया तब मामला शांत हुआ। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पंचायत सचिव और प्रभारी एडीओ पंचायत ने अध्यक्षता कर रहे ग्राम प्रधान रंजित गुप्ता से वार्ता के उपरांत बैठक को निरस्त करते हुए आगामी 27 अप्रैल को बैठक की तिथि निश्चित किया। पंचायत सचिव ने बताया कि विवाद और कोरम के अभाव में बैठक निरस्त की गई है। इस अवसर पर ग्रामीण शंभू प्रसाद, चंद्रभान, रामबेलास, महेन्द्र, मुनेश्वर, सतई, रामदास व प्रदीप समेत अन्य लोग मौजूद थे।
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