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आग से झोपड़ी जली,भाई-बहन झुलसे
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Thu, 17 Mar 2016 12:03 AM IST
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झोपड़ी जली।
- फोटो : अंबरीश मिश्रा
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दुधारा क्षेत्र के रक्साकला गांव में मंगलवार की रात आग से एक व्यक्ति की झोपड़ी के साथ उसमें रखा सामान जल कर नष्ट हो गया। गांवों वालों ने प्रयास कर आग पर काबू पाया। झोपड़ी में सोए भाई- बहन भी झुलस गए। जिन्हें गांव के लोगों ने सीएचसी सेमरियावां भेजवाया।
रक्सा कला गांव निवासी फेकू के 20 वर्षीय विकलांग बेटे सुहेल व दस वर्षीय बेटी अलफिया रात में झोपड़ी में चिराग जलाकर रख दिए थे। भाई- बहन की चीख पुकार सुनकर गांव के लोग पहुंच गए और आग बुझाए। झोपड़ी में सोए भाई- बहन झुलस गए। जबकि उसी में बंधी दो बकरियाें की जल जाने से मौत हो गई। एक बकरी का बच्चा भी जलकर बुरी तरह घायल हो गया। साथ ही झोपड़ी में रखा कपड़ा, नगदी, बिस्तर, बर्तन, जेवर व खाने पीने के सामान सब जल कर राख हो गया।
सुहेल ने बताया कि शरीर पर पहने कपड़े ही बचे हैं। विकलांग सुहेल ने बताया कि उसका पैर व हाथ जल गया है तो बहन अलफिया का बाल चेहरा झुलस गया है। माता पिता कुछ दिन पहले किसी काम से मुंबई गए हुए है। पीड़ित भाई- बहनो का रो रो कर बुरा हाल था। आग से पीड़ित परिवार खुले आकाश तले रहने को मजबूर हैं।
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ग्रमीणों ने बताया कि परिवार बेहद गरीब है। आग ने सब कुछ छीन लिया। अब इन्हें सिर छुपाने की जगह नही बचा। रोटी के भी लाले पड़ गए। पीड़ित परिवार को प्रशासन से मदद की दरकार है। ग्राम प्रधान इल्ताफर्रहमान ने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद की। प्रधान ने बताया कि अनाज की व्यवस्था कर दी गई। अन्य वस्तुओं की व्यवस्था की जा रही है। पशु अस्पताल के डॉक्टर आशीष सिंह भी मौके पर पहुंच गए थे।
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रक्सा कला गांव निवासी फेकू के 20 वर्षीय विकलांग बेटे सुहेल व दस वर्षीय बेटी अलफिया रात में झोपड़ी में चिराग जलाकर रख दिए थे। भाई- बहन की चीख पुकार सुनकर गांव के लोग पहुंच गए और आग बुझाए। झोपड़ी में सोए भाई- बहन झुलस गए। जबकि उसी में बंधी दो बकरियाें की जल जाने से मौत हो गई। एक बकरी का बच्चा भी जलकर बुरी तरह घायल हो गया। साथ ही झोपड़ी में रखा कपड़ा, नगदी, बिस्तर, बर्तन, जेवर व खाने पीने के सामान सब जल कर राख हो गया।
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सुहेल ने बताया कि शरीर पर पहने कपड़े ही बचे हैं। विकलांग सुहेल ने बताया कि उसका पैर व हाथ जल गया है तो बहन अलफिया का बाल चेहरा झुलस गया है। माता पिता कुछ दिन पहले किसी काम से मुंबई गए हुए है। पीड़ित भाई- बहनो का रो रो कर बुरा हाल था। आग से पीड़ित परिवार खुले आकाश तले रहने को मजबूर हैं।
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ग्रमीणों ने बताया कि परिवार बेहद गरीब है। आग ने सब कुछ छीन लिया। अब इन्हें सिर छुपाने की जगह नही बचा। रोटी के भी लाले पड़ गए। पीड़ित परिवार को प्रशासन से मदद की दरकार है। ग्राम प्रधान इल्ताफर्रहमान ने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद की। प्रधान ने बताया कि अनाज की व्यवस्था कर दी गई। अन्य वस्तुओं की व्यवस्था की जा रही है। पशु अस्पताल के डॉक्टर आशीष सिंह भी मौके पर पहुंच गए थे।