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पौली चौकी प्रभारी को घूस लेते पकड़ा,धनघटा थाने से भागा
sant kabir nagar
Updated Thu, 01 Sep 2016 04:30 PM IST
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पौली चौकी प्रभारी
- फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर की एंटी करप्शन टीम ने बुधवार को पौली चौकी इंचार्ज विनोद कुमार को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि रिश्वत के आरोप में पकड़े गए दरोगा के समर्थन में इलाके के लोग जुट गए और एंटी करप्शन टीम पर अन्यायपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसबीच देरारात 11 बजे मौका देखकर आरोपी दरोगा थाने से फरार हो गया। एसपी शैलेष पांडेय ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि दरोगा की तलाश में दबिश दी जा रही है। आरोपी पर भागने और घूस के मामले में केस दर्ज होगा।
एंटी करप्शन टीम में शामिल इंस्पेक्टर सभाजीत त्रिपाठी ने बताया कि दरोगा विनोद को पकड़ने की कार्रवाई धनघटा क्षेत्र के परसा गांव की रहने वाली छाया देवी ने की थी। छाया देवी का आरोप है कि पट्टीदार विद्यावती से रास्ते का विवाद है। इसी विवाद में 13 अगस्त को मारपीट हो गई लेकिन 14 अगस्त को कार्रवाई की उम्मीद से पौली चौकी पहुंचीं तो इंचार्ज विनोद कुमार ने 15 हजार घूस की मांग की। इस पर पांच हजार तत्काल दे दिए। बाकी 10 हजार की अदायगी के लिए चौकी इंचार्ज ने बुधवार को ब्लॉक परिसर स्थित आवास पर बुलाया। इसकी जानकारी एंटी करप्शन टीम को दिए जाने के कारण बुधवार के लेनदेन के समय टीम भी चौंकी इंचार्ज के आवास पर पहुंच गई और रंगे हाथ पकड़कर धनघटा पुलिस के हवाले कर दिया।
गिरफ्त में आए चौकी प्रभारी ने घूस के आरोप को झूठा और पूरे मामले को साजिश बताया है। चौकी प्रभारी का कहना है कि बुधवार को जिस वक्त वह ब्लाक प्रमुख कक्ष में थे तो नजदीक में स्थित उनके कमरे में मौजूद उनकी डायरी में 10 हजार की रकम रखकर फर्जी फंसाया जा रहा है। चौकी प्रभारी के कथन के तरह क्षेत्र के लोगों ने भी इस कार्रवाई को साजिश बताते हुए विरोध शुरू कर दिया। भीड़ की शक्ल में थाने पहुंचे लोग एंटी करप्शन टीम के खिलाफ देर रात तक थ्ााने के बाहर डटे रहे।
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एंटी करप्शन टीम में शामिल इंस्पेक्टर सभाजीत त्रिपाठी ने बताया कि दरोगा विनोद को पकड़ने की कार्रवाई धनघटा क्षेत्र के परसा गांव की रहने वाली छाया देवी ने की थी। छाया देवी का आरोप है कि पट्टीदार विद्यावती से रास्ते का विवाद है। इसी विवाद में 13 अगस्त को मारपीट हो गई लेकिन 14 अगस्त को कार्रवाई की उम्मीद से पौली चौकी पहुंचीं तो इंचार्ज विनोद कुमार ने 15 हजार घूस की मांग की। इस पर पांच हजार तत्काल दे दिए। बाकी 10 हजार की अदायगी के लिए चौकी इंचार्ज ने बुधवार को ब्लॉक परिसर स्थित आवास पर बुलाया। इसकी जानकारी एंटी करप्शन टीम को दिए जाने के कारण बुधवार के लेनदेन के समय टीम भी चौंकी इंचार्ज के आवास पर पहुंच गई और रंगे हाथ पकड़कर धनघटा पुलिस के हवाले कर दिया।
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गिरफ्त में आए चौकी प्रभारी ने घूस के आरोप को झूठा और पूरे मामले को साजिश बताया है। चौकी प्रभारी का कहना है कि बुधवार को जिस वक्त वह ब्लाक प्रमुख कक्ष में थे तो नजदीक में स्थित उनके कमरे में मौजूद उनकी डायरी में 10 हजार की रकम रखकर फर्जी फंसाया जा रहा है। चौकी प्रभारी के कथन के तरह क्षेत्र के लोगों ने भी इस कार्रवाई को साजिश बताते हुए विरोध शुरू कर दिया। भीड़ की शक्ल में थाने पहुंचे लोग एंटी करप्शन टीम के खिलाफ देर रात तक थ्ााने के बाहर डटे रहे।
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