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सड़क हादसे में मामा-भांजे की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 13 Mar 2018 11:29 PM IST
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पीएम हाउस पर रोते बिलखते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। धनघटा-खलीलाबाद मार्ग पर महुली क्षेत्र में निबियहवा पोखरे के पास मंगलवार दोपहर ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार मामा-भांजे की मौत हो गई। हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर भाग निकला।
धनघटा प्रतिनिधि के अनुसार, महुली क्षेत्र के भैंसही गांव निवासी देवेंद्र कुमार त्रिपाठी (25) मंगलवार को चचेरी बहन के घर सेमरडाड़ी गांव गए थे। वह अपने भांजे अरुण उर्फ राजन पांडेय (20) के साथ बाइक से नाथनगर की ओर लौट रहे थे।
इसी बीच धनघटा-खलीलाबाद मार्ग पर नाथनगर के निकट निबियहवा पोखरे के पास खलीलाबाद से धनघटा की ओर जा रहे तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आ गए। आसपास के लोगों ने दोनों को एंबुलेंस से नाथनगर सीएचसी पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
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जिला अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने देवेंद्र त्रिपाठी को मृत घोषित कर दिया और अरुण उर्फ राजन पांडेय को मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज पहुंचते ही अरुण की भी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे देवेंद्र के पिता पारसनाथ त्रिपाठी, उनके छोटे बेटे मानवेंद्र त्रिपाठी और मां विद्यावती बेटे देवेंद्र का शव देख फफक पड़े। मानवेंद्र ने बताया कि उसके बड़े भाई देवेंद्र और भांजा अरुण एक ही बाइक से लौट रहे थे। इसी दौरान ट्रक की चपेट में आ गए।
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धनघटा प्रतिनिधि के अनुसार, महुली क्षेत्र के भैंसही गांव निवासी देवेंद्र कुमार त्रिपाठी (25) मंगलवार को चचेरी बहन के घर सेमरडाड़ी गांव गए थे। वह अपने भांजे अरुण उर्फ राजन पांडेय (20) के साथ बाइक से नाथनगर की ओर लौट रहे थे।
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इसी बीच धनघटा-खलीलाबाद मार्ग पर नाथनगर के निकट निबियहवा पोखरे के पास खलीलाबाद से धनघटा की ओर जा रहे तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आ गए। आसपास के लोगों ने दोनों को एंबुलेंस से नाथनगर सीएचसी पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
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जिला अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने देवेंद्र त्रिपाठी को मृत घोषित कर दिया और अरुण उर्फ राजन पांडेय को मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज पहुंचते ही अरुण की भी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे देवेंद्र के पिता पारसनाथ त्रिपाठी, उनके छोटे बेटे मानवेंद्र त्रिपाठी और मां विद्यावती बेटे देवेंद्र का शव देख फफक पड़े। मानवेंद्र ने बताया कि उसके बड़े भाई देवेंद्र और भांजा अरुण एक ही बाइक से लौट रहे थे। इसी दौरान ट्रक की चपेट में आ गए।