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एएसपी करेंगे फरार होने की जांच
sant kabir nagar
Updated Fri, 02 Sep 2016 11:32 PM IST
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जांच
- फोटो : demopic
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रिश्वत लेने के आरोप में पकड़े जाने के बाद धनघटा थाने से फरार हुए आरोपी दरोगा विनोद कुमार को पकड़ना तो दूर अभी तक पुलिस उसका सुराग नहीं लगा पाई है। हालांकि पुलिस का दावा है कि उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। वहीं क्षेत्र में चाय और पान की दुकानों पर दरोगा के थाने से भागने की चर्चा जोरों पर है। दबी जुबां तो लोगों यहां तक कह रहे हैं कि आरोपी दरोगा थाने से भागकर शनिचरा मार्ग पर जिस गाड़ी में सवार हुआ था उसमें नीली बत्ती लगी हुई थी। फिलहाल दरोगा पुलिस की पकड़ से दूर है और एसपी ने फरारी मामले की जांच एएसपी को सौंप दी है।
पुलिस चौकी पौली पर तैनात दरोगा विनोद कुमार को बुधवार दोपहर में गोरखपुर एंटी करप्शन की टीम ने एक महिला से दस हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा था। इसके बाद टीम उसे धनघटा थाने ले आई। दिन में दो बजे से रात दस बजे तक दरोगा पर केस दर्ज करने की तैयारी होती रही। इसी बीच रात करीब दस बजे दरोगा थाने से फरार हो गया।
फरारी के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। वही एंटीकरप्शन के इंस्पेक्टर सभाजीत ने एक साथ दो अलग-अलग तहरीर देकर दरोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत और कस्टडी से फरार होने का केस दर्ज कराया था।
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सूत्रों की माने तो आरोपी दरोगा थाने से भाग कर शनिचरा मार्ग पर पहुंचा, जहां पहले से ही नीली बत्ती लगी एक लग्जरी गाड़ी खड़ी थी। दरोगा उसमें सवार हुआ और गाड़ी तेज गति से राम जानकी मार्ग पर पौली की तरफ निकल गई। सूत्रों का दावा है कि दरोगा पौली ब्लॉक परिसर में स्थित अपने आवास पर पहुंचा था और वहां से जरूरी सामान और कुछ कागजात लेकर गाड़ी से बस्ती की ओर रवाना हो गया। दरोगा के थाने से फरार होने को लेकर चाय व पान की दुकानों पर लोग जो चर्चा हो रही है कि यदि दरोगा थाने से भागा है तो क्या पुलिस जिम्मेदार नहीं है।
दूसरी तरफ चर्चा यह भी है कि दरोगा को पकड़वाने में महत्वपूर्ण भूमिका एक प्रधान की है। चूकि दरोगा ने एक सप्ताह पूर्व उसकी बालू लदी ट्राली पकड़ी और प्रधान की कोशिशों के बाद भी ट्राली नहीं छोड़ी। दरोगा पर आरोप लगाने वाली महिला भी प्रधान की खास बताई जा रही है। एसओ एमपी चतुर्वेदी ने बताया कि दरोगा विनोद कुमार को पकड़ने के लिए जगह- जगह दबिश दी जा रही है, जल्द ही वह पुलिस के गिरफ्त में होगा। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि आरोपी दरोगा एंटी करप्शन की कस्टडी से भागा है, जिसका केस भी दर्ज है। वैसे दरोगा के थाने से भागने के मामले में एंटीकरप्शन टीम से कैसे चूक हुई है, इसकी जांच एएसपी से कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस चौकी पौली पर तैनात दरोगा विनोद कुमार को बुधवार दोपहर में गोरखपुर एंटी करप्शन की टीम ने एक महिला से दस हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा था। इसके बाद टीम उसे धनघटा थाने ले आई। दिन में दो बजे से रात दस बजे तक दरोगा पर केस दर्ज करने की तैयारी होती रही। इसी बीच रात करीब दस बजे दरोगा थाने से फरार हो गया।
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फरारी के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। वही एंटीकरप्शन के इंस्पेक्टर सभाजीत ने एक साथ दो अलग-अलग तहरीर देकर दरोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत और कस्टडी से फरार होने का केस दर्ज कराया था।
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सूत्रों की माने तो आरोपी दरोगा थाने से भाग कर शनिचरा मार्ग पर पहुंचा, जहां पहले से ही नीली बत्ती लगी एक लग्जरी गाड़ी खड़ी थी। दरोगा उसमें सवार हुआ और गाड़ी तेज गति से राम जानकी मार्ग पर पौली की तरफ निकल गई। सूत्रों का दावा है कि दरोगा पौली ब्लॉक परिसर में स्थित अपने आवास पर पहुंचा था और वहां से जरूरी सामान और कुछ कागजात लेकर गाड़ी से बस्ती की ओर रवाना हो गया। दरोगा के थाने से फरार होने को लेकर चाय व पान की दुकानों पर लोग जो चर्चा हो रही है कि यदि दरोगा थाने से भागा है तो क्या पुलिस जिम्मेदार नहीं है।
दूसरी तरफ चर्चा यह भी है कि दरोगा को पकड़वाने में महत्वपूर्ण भूमिका एक प्रधान की है। चूकि दरोगा ने एक सप्ताह पूर्व उसकी बालू लदी ट्राली पकड़ी और प्रधान की कोशिशों के बाद भी ट्राली नहीं छोड़ी। दरोगा पर आरोप लगाने वाली महिला भी प्रधान की खास बताई जा रही है। एसओ एमपी चतुर्वेदी ने बताया कि दरोगा विनोद कुमार को पकड़ने के लिए जगह- जगह दबिश दी जा रही है, जल्द ही वह पुलिस के गिरफ्त में होगा। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि आरोपी दरोगा एंटी करप्शन की कस्टडी से भागा है, जिसका केस भी दर्ज है। वैसे दरोगा के थाने से भागने के मामले में एंटीकरप्शन टीम से कैसे चूक हुई है, इसकी जांच एएसपी से कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।