अपहरण के आरोपी को सजा
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तीन साल पूर्व कांशीराम आवास से एक मासूम के अपहरण के मामले में सीजेएम मोहिंदर कुमार ने एक आरोपी को पांच साल की सजा सुनाई। इसके अलावा दस हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया। जुर्माने की धनराशि अदा न करने की दशा में छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। कोर्ट ने दूसरे आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
इंडस्ट्रीयल एरिया खलीलाबाद में स्थित मान्यवर कांशीराम शहरी आवास में रहने वाले देवी प्रसाद पुत्र रामलखन का आरोप था कि 28 नवंबर 2011 को उसके तेरह माह के बेटे को उसके साले का दोस्त राजू निवासी पांडेय बाजार टहलाने के बहाने घर से बाहर ले गया। उसी दिन से आरोपी उसके बच्चे के साथ लापता है। आरोपी राजू के पास एक मोबाइल भी है।
डायल करने पर नंबर स्विच ऑफ बता रहा है। कोतवाली पुलिस ने राजू के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया। विवेचक ने विवेचना के बाद राजू कन्नौजिया तथा बबलू गुप्ता के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। सीएजे मोहिंदर कुमार की कोर्ट में मामले का विचारण हुआ। गवाहाें का बयान और जिरह कोर्ट में हुआ। बचाव पक्ष और सरकारी अधिवक्ता ने अपनी- अपनी दलीलें रखीं।
कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में आरोपी बबलू गुप्ता निवासी लोहिया नगर पुरानी बस्ती जनपद बस्ती को बरी कर दिया। जबकि आरोपी राजू कन्नौजिया निवासी देवारोड थाना एवं जिला बाराबंकी को दोषी करार दिया। सीजेएम ने आरोपी राजू कन्नौजिया को पांच साल की सजा और दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की धनराशि अदा न करने पर आरोपी को छह माह की सजा और भुगतनी होगी। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित होगी।