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हाईवे पर हादसे में छात्र की मौत, दूसरा गंभीर

Thu, 26 Apr 2018 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 26 Apr 2018 11:29 PM IST
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accident on highway, studnt dead
पखपोखरिया गांव में रोते बिलखते परिजन। - फोटो : अमर उजाला
संतकबीरनगर। हाईवे पर कांटे चौराहे के पास गुरुवार को पिकअप की चपेट में आने से ट्यूशन पढ़ने जा रहे साइकिल सवार एक छात्र की जहां मौत हो गई, दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। लोगों ने एंबुलेंस से दोनों को जिला अस्पताल भेजा। डॉक्टरों ने एक को मृत घोषित कर दिया, दूसरे को प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।   
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 कांटे प्रतिनिधि के अनुसार, दुधारा क्षेत्र के पचपोखरिया गांव निवासी हाईस्कूल के 18 वर्षीय छात्र राजकुमार पुत्र इंद्रजीत और भुवनडांड़ गांव निवासी शेषमणि पुत्र रामवृक्ष अलग-अलग साइकिल से ट्यूशन पढ़ने कांटे जा रहे थे। कांटे तिराहे के पास तेज रफ्तार पिकअप की चपेट में आ गए। घायलों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया। डॉक्टर ने राजकुमार को मृत घोषित कर दिया।
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जबकि शेषमणि को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पिकअप की रफ्तार इतनी तेज थी कि साइकिल पिकअप में फंस गई और करीब 100 मीटर तक घसीटते हुए आगे तक चली गई । जब कांटे चौकी के सिपाही की नजर पड़ी तो पिकअप का बाइक से पीछा करके कुछ दूर आगे जाकर रोका।
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पुलिस ने  चालक और पिकअप को कब्जे में लिया। घटना की सूचना पर पीड़ित परिजन जिला अस्पताल पहुंच गए और बेटे का शव देख कर सहम गए। चौकी इंचार्ज कांटे धर्मेंद्र तिवारी ने बताया कि पीड़ित इंद्रजीत की तहरीर के आधार पर पिकअप चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौप दिया गया।

 छह मई को बहन की है शादी, बेटे की मौत से सहमे परिजन
संतकबीरनगर। हादसे के शिकार हुए पचपोखरिया गांव निवासी छात्र राजकुमार के बहन नंदिनी की छह मई को शादी है। इधर बेटे की मौत हो जाने से घर वाले सदमे में थे। पीड़ित पिता इंद्रजीत ने बताया कि उसके तीन बेटे और एक बेटी में राजकुमार सबसे छोटा था। बड़े बेटे उमेश मुंबई में और मझला बेटा रवींद्र लखनऊ में मेहनत मजदूरी करते है।

बेटी नंदिनी की छह मई को शादी है। मजदूरी के सहारे ही घर का चूल्हा जलता है। होनहार बेटे की मौत से परिवार बिखर गया। बेटे की मौत से मां निर्मला गमगीन थी। बहन नंदिनी का रो-रो कर बुरा हाल था। मुंबई से भाई उमेश और लखनऊ से रवींद्र चल दिए हैं। पूर्व प्रधान अख्तर ने बताया कि घटना से इंद्रजीत के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। साल भर पहले गांव में आग लगी थी।


जिसमें इंद्रजीत का छप्पर और उसमें रखा सब सामान जल गया था। सिर्फ इस परिवार के सदस्य के शरीर पर पहना हुआ कपड़ा ही बचा था। गरीबी और तंगहाली से परिवार गुजर रहा है। बेटी की शादी नजदीक है और इधर हादसे में जवान बेटे की मौत हो गई। इस परिवार की बिटिया की शादी में जो सहयोग बनेगा, देंगे। गांव के लोग चंदा जुटाएंगे और इस परिवार की मदद के लिए आगे आएंगे।
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