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पुलिस के खिलाफ एसपी आफिस और कोतवाली में प्रदर्शन

Tue, 03 Oct 2017 11:03 PM IST
Updated Tue, 03 Oct 2017 11:03 PM IST
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पुलिस के खिलाफ एसपी आफिस और कोतवाली में प्रदर्शन
संतकबीरनगर। पांच दिन पूर्व कठिनइया में मिली किशोरी की लाश के मामले में पुलिस पर लीपापोती का आरोप लगाकर कोतवाली क्षेत्र के गरथवलिया गांव के लोगों ने मंगलवार को पहले एसपी ऑफिस और बाद में कोतवाली पर प्रदर्शन किया। गांव वालों ने किशोरी को डुबोकर हत्या की आशंका जताई। कहा कि इस मामले में हिरासत में लेने के बाद युवक को कांटे चौकी पुलिस ने बगैर कार्रवाई के ही छोड़ दिया। एसपी के पेशकार अनिल सिंह ने गांव वालों को समझा बुझा कर वापस किया। जबकि कोतवाल ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किशोरी की मौत की वजह डूबने से होना बताया। कोतवाल ने कहा कि मामले की जांच सीओ कर रहे हैं। जांच पूरी होने पर कार्रवाई का आश्वासन देकर गांव वालों को लौटा दिया।
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एसपी ऑफिस पहुंचे गांव वालों को जब पता चला कि एसपी तहसील दिवस में गए हैं तो वे भड़क गए और बाहर सड़क पर प्रदर्शन करने लगे। उसी दौरान एसपी के पेशकार अनिल सिंह ने समझाया तो गांव वाले वहां से कोतवाली पहुंच कर प्रदर्शन किए और कोतवाल से मिल कर कार्रवाई की मांग की। किशोरी के पिता ने कोतवाल को तहरीर भी दी। कोतवाल वीरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह डूबने से होना आया है। किसी तरह की कोई चोट नहीं है। मामले की जांच सीओ कर रहे हैं। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उसके बाद ही गांव वाले कोतवाली से अपने घरों को लौटा।
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गरथवलिया गांव निवासी करमराज पुत्र कामिल का आरोप है कि उनकी 17 वर्षीय बेटी 27 सितंबर को नित्यक्रिया के लिए बाहर गई और गायब हो गई। उसकी तलाश की जा रही थी। 28 सितंबर को चिर्रीपुर गांव के पास कठिनइया नदी में उसका शव मिला। उसके कपड़े फटे थे और मुंह, नाक और कान से खून निकला था। आरोप लगाया कि गांव का एक युवक उसको अपना मोबाइल नंबर दिया था और चोरी-छिपे बातचीत भी करता था। पैसों की लालच देकर किशोरी बहका दिया था। आरोप लगाया कि उसी युवक ने कुछ लोगों के साथ मिल कर उसकी बेटी की हत्या कर दी। गांव के अजय कुमार, संदीप, विशाल, सुनील, चंदेश, दयानंद, धीरज और सुरेश आदि का कहना है कि काफी चालाकी से दलित किशोरी को मौत के घाट उतारा गया है। पुलिस ने एक युवक को हिरासत में ले लिया, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया। इस मामले में जो भी दोषी हो, उनके खिलाफ पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए।
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