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गलत एचआईवी रिपोर्ट को लेकर डॉक्टर और तीमारदार भिड़े
Updated Sun, 01 Oct 2017 11:07 PM IST
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हैंसर। सीएचसी मलौली पर शनिवार को गलत एचआईवी रिपोर्ट को लेकर महिला के तीमारदार और स्वास्थ्य कर्मी भिड़ गए। दोनों पक्षों की ओर से करीब एक घंटे तक ईट पत्थर चले। मारपीट में चार लोग चोटहिल हो गए। सीएचसी परिसर मेें अफरातफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने सीएचसी अधीक्षक की तहरीर पर मनिकापार गांव के प्रधान के पति समेत दो नामजद व 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा डालने व लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया। एक आरोपी को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। जबकि दूसरे पक्ष से भी तहरीर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर जिले के बेलघाट क्षेत्र रोहारी गांव निवासी महिला का मायका संतकबीरनगर जिले के मनिकापार गांव में है। वह आठ महीने की गर्भवती है। 18 अगस्त को वह एएनएम के साथ सीएचसी मलौली गई थी। डॉक्टर की सलाह पर सीएचसी की पैथोलॉजी में जांच के लिए खून का सैंपल दिया। उस दिन जांच रिपोर्ट नहीं मिली। 28 सितंबर को एएनएम जांच रिपोर्ट लेकर उनके घर पहुंची। एएनएम ने जांच रिपोर्ट में एचआईवी पॉजिटिव होने की जानकारी दी तो परिवार के लोगों के होश उड़ गए। दूसरे दिन महिला को लेकर घर वाले गोरखपुर पहुंचे और प्राइवेट अस्पताल में खून की जांच कराई तो रिपोर्ट एचआईवी निगेटिव की मिली।
शनिवार को वह मनिकापार के ग्राम प्रधान के पति जयराम यादव और रिश्तेदार अनिल यादव के साथ सीएचसी मलौली पहुंची। सीएचसी अधीक्षक से गलत रिपोर्ट की शिकायत की। महिला का आरोप है कि शिकायत पर सीएचसी अधीक्षक बिफर पड़े और उसे तथा साथ गए लोगों को अपशब्द कहने लगे। इतने में मलौली गांव निवासी एवं अस्पताल में ब्लॉक कार्यक्रम प्रबधंक के पद पर कार्यरत अशोक कुमार यादव कई लोगों के साथ पहुंच गए और प्रधान पति समेत अन्य लोगों को मारने पीटने लगे। अपनी जान बचाने के लिए अनिल ड्रेसिंग कक्ष में घुस गए तो दरवाजा तोड़ कर उन्हें मारा पीटा गया। दूसरी तरफ, अधीक्षक डॉक्टर उमर हसरत अंसारी का कहना है कि मनिकापार गांव के प्रधान के पति जयराम यादव, अनिल यादव समेत 10-12 अज्ञात लोग उन्हें तथा अशोक यादव को मारे पीटे। उन लोगों ने तीन ब्लड प्रेशर मशीन, स्टेथस्कोप, टेबल, वैक्सीन, इंजेक्शन, दरवाजे आदि तोड़ डाले। एसओ प्रदीप सिंह ने बताया कि मारपीट की घटना में अनिल, जयराम, रामपति और सीएचसी अधीक्षक को मामूली चोटें आई हैं। सीएचसी अधीक्षक की तहरीर पर प्रधान पति जयराम यादव, अनिल यादव के अलावा 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। दूसरी तरफ से निर्मला ने तहरीर दी है। उसकी जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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विवाद का केंद्र बन कर उभर रहा सीएचसी मलौली
तीमारदार और अस्पताल कर्मियों के बीच आए दिन हो रही मारपीट
अमर उजाला ब्यूरो
हैंसर। मरीजों के उपचार का केंद्र सीएचसी मलौली इन दिनों विवाद का केंद्र बन कर उभर रहा है। पिछले कुछ महीने के भीतर यहां मरीज के तीमारदार और स्वास्थ्य कर्मी कई बार भिड़ गए। बढ़ रहे विवाद की वजह से अब लोग यही रट लगा रहे हैं कि केंद्र इलाज के बजाए विवादों के घेरे में आ गया है।
सितंबर में किठिऊरी गांव निवासी मां- बाप के इकलौते मासूम बेटे की डॉक्टर की लापरवाही से हुई मौत के बाद भी जमकर बवाल हुआ था। इसके पहले अशरफपुर गांव के लोगों और डॉक्टर से हाथापाई हो चुकी है। शनिवार को अस्पताल पर डॉक्टर और मेडिकल स्टोर संचालक व उनके समर्थकों के जरिए बवाल कराया। मनिकापार गांव से महिला अस्पताल पर पहुंची और उसे एचआईवी पॉजिटिव की जानकारी दी गई तो उसका नाराज होना स्वाभाविक था। लोगों का कहना है कि अगर महिला के परिजन और रिश्तेदार गुस्से में कुछ बोल गए तो स्वास्थ्य कर्मियों को समझा बुझाकर शांत कराना चाहिए था। दोनों तरफ से बढ़े विवाद में ईट पत्थर चला और अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। इस संबंध में अधीक्षक डॉक्टर उमर हसरत अंसारी का कहना है कि अकेले स्वास्थ्य कर्मी ही यहां होने वाले विवाद के लिए जिम्मेदार नहीं है। कुछ असामाजिक तत्व अस्पताल परिसर का माहौल खराब करने की फिराक में लगे रहते हैं।
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गोरखपुर जिले के बेलघाट क्षेत्र रोहारी गांव निवासी महिला का मायका संतकबीरनगर जिले के मनिकापार गांव में है। वह आठ महीने की गर्भवती है। 18 अगस्त को वह एएनएम के साथ सीएचसी मलौली गई थी। डॉक्टर की सलाह पर सीएचसी की पैथोलॉजी में जांच के लिए खून का सैंपल दिया। उस दिन जांच रिपोर्ट नहीं मिली। 28 सितंबर को एएनएम जांच रिपोर्ट लेकर उनके घर पहुंची। एएनएम ने जांच रिपोर्ट में एचआईवी पॉजिटिव होने की जानकारी दी तो परिवार के लोगों के होश उड़ गए। दूसरे दिन महिला को लेकर घर वाले गोरखपुर पहुंचे और प्राइवेट अस्पताल में खून की जांच कराई तो रिपोर्ट एचआईवी निगेटिव की मिली।
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शनिवार को वह मनिकापार के ग्राम प्रधान के पति जयराम यादव और रिश्तेदार अनिल यादव के साथ सीएचसी मलौली पहुंची। सीएचसी अधीक्षक से गलत रिपोर्ट की शिकायत की। महिला का आरोप है कि शिकायत पर सीएचसी अधीक्षक बिफर पड़े और उसे तथा साथ गए लोगों को अपशब्द कहने लगे। इतने में मलौली गांव निवासी एवं अस्पताल में ब्लॉक कार्यक्रम प्रबधंक के पद पर कार्यरत अशोक कुमार यादव कई लोगों के साथ पहुंच गए और प्रधान पति समेत अन्य लोगों को मारने पीटने लगे। अपनी जान बचाने के लिए अनिल ड्रेसिंग कक्ष में घुस गए तो दरवाजा तोड़ कर उन्हें मारा पीटा गया। दूसरी तरफ, अधीक्षक डॉक्टर उमर हसरत अंसारी का कहना है कि मनिकापार गांव के प्रधान के पति जयराम यादव, अनिल यादव समेत 10-12 अज्ञात लोग उन्हें तथा अशोक यादव को मारे पीटे। उन लोगों ने तीन ब्लड प्रेशर मशीन, स्टेथस्कोप, टेबल, वैक्सीन, इंजेक्शन, दरवाजे आदि तोड़ डाले। एसओ प्रदीप सिंह ने बताया कि मारपीट की घटना में अनिल, जयराम, रामपति और सीएचसी अधीक्षक को मामूली चोटें आई हैं। सीएचसी अधीक्षक की तहरीर पर प्रधान पति जयराम यादव, अनिल यादव के अलावा 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। दूसरी तरफ से निर्मला ने तहरीर दी है। उसकी जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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विवाद का केंद्र बन कर उभर रहा सीएचसी मलौली
तीमारदार और अस्पताल कर्मियों के बीच आए दिन हो रही मारपीट
अमर उजाला ब्यूरो
हैंसर। मरीजों के उपचार का केंद्र सीएचसी मलौली इन दिनों विवाद का केंद्र बन कर उभर रहा है। पिछले कुछ महीने के भीतर यहां मरीज के तीमारदार और स्वास्थ्य कर्मी कई बार भिड़ गए। बढ़ रहे विवाद की वजह से अब लोग यही रट लगा रहे हैं कि केंद्र इलाज के बजाए विवादों के घेरे में आ गया है।
सितंबर में किठिऊरी गांव निवासी मां- बाप के इकलौते मासूम बेटे की डॉक्टर की लापरवाही से हुई मौत के बाद भी जमकर बवाल हुआ था। इसके पहले अशरफपुर गांव के लोगों और डॉक्टर से हाथापाई हो चुकी है। शनिवार को अस्पताल पर डॉक्टर और मेडिकल स्टोर संचालक व उनके समर्थकों के जरिए बवाल कराया। मनिकापार गांव से महिला अस्पताल पर पहुंची और उसे एचआईवी पॉजिटिव की जानकारी दी गई तो उसका नाराज होना स्वाभाविक था। लोगों का कहना है कि अगर महिला के परिजन और रिश्तेदार गुस्से में कुछ बोल गए तो स्वास्थ्य कर्मियों को समझा बुझाकर शांत कराना चाहिए था। दोनों तरफ से बढ़े विवाद में ईट पत्थर चला और अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। इस संबंध में अधीक्षक डॉक्टर उमर हसरत अंसारी का कहना है कि अकेले स्वास्थ्य कर्मी ही यहां होने वाले विवाद के लिए जिम्मेदार नहीं है। कुछ असामाजिक तत्व अस्पताल परिसर का माहौल खराब करने की फिराक में लगे रहते हैं।