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Sant Kabir Nagar News: प्राथमिक उपचार के लिए प्रशिक्षित होंगे परिषदीय स्कूल के शिक्षक
Tue, 11 Mar 2025 11:48 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 11 Mar 2025 11:48 PM IST
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संतकबीरनगर। परिषदीय स्कूलों में शिक्षा के साथ ही नौनिहालों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर भी शासन गंभीर हो गया है। इसके लिए सभी स्कूलों में प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था सुनिश्चित होगी। दवा और प्राथमिक उपचार से संबंधित किट स्कूलों में रखा जाएगा। किसी जरूरत पर बच्चों को प्राथमिक उपचार स्कूल में ही होगा। इसके लिए विद्यालय के एक शिक्षक को प्रशिक्षित किया जाएगा, जो नौनिहालों को प्राथमिक उपचार करेगा।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 1247 परिषदीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक व कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। इनमें कुल 1.07 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। बच्चों को बेहतर शिक्षा हासिल हो इसके लिए तमाम योजनाएं संचालित की जा रही हैं। यहां तक कि बच्चों के यूनिफार्म, जूता मोजा, स्वेटर व स्कूल बैग तक के लिए डीबीटी के जरिए 12 सौ रुपये की धनराशि अभिभावकों के खाते में भेजी जाती है।
अक्सर स्कूल परिसर में खेलते समय गिर जाने आदि के चलते बच्चे घायल हो जाते हैं या फिर अचानक बीमार पड़ जाते हैं। इस स्थिति में बच्चों को स्कूल स्तर पर प्राथमिक उपचार की सुविधा नहीं मिल पाती। जबकि अभिभावक को जानकारी देने से लेकर अस्पताल तक ले जाने में काफी समय लग जाता है। इसे देखते हुए महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर स्कूलों में स्वास्थ्य किट रखवाने का निर्देश जारी किया है।
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स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक माहौल व गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने के साथ बच्चों की सुरक्षा व स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। बच्चों के उपचार के लिए एक शिक्षक को स्वास्थ्य संबंधी सामान्य जानकारी व प्राथमिक चिकित्सा के जरिए राहत देने के लिए प्रशिक्षित भी किया गया है।
कोट
स्कूलों में बच्चों को त्वरित उपचार मिल सके इसके लिए पहल की गई है। नए शिक्षा सत्र से विद्यालयों में यह व्यवस्था प्रभावी कर दी जाएगी।
-अमित कुमार सिंह, बीएसए
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जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 1247 परिषदीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक व कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। इनमें कुल 1.07 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। बच्चों को बेहतर शिक्षा हासिल हो इसके लिए तमाम योजनाएं संचालित की जा रही हैं। यहां तक कि बच्चों के यूनिफार्म, जूता मोजा, स्वेटर व स्कूल बैग तक के लिए डीबीटी के जरिए 12 सौ रुपये की धनराशि अभिभावकों के खाते में भेजी जाती है।
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अक्सर स्कूल परिसर में खेलते समय गिर जाने आदि के चलते बच्चे घायल हो जाते हैं या फिर अचानक बीमार पड़ जाते हैं। इस स्थिति में बच्चों को स्कूल स्तर पर प्राथमिक उपचार की सुविधा नहीं मिल पाती। जबकि अभिभावक को जानकारी देने से लेकर अस्पताल तक ले जाने में काफी समय लग जाता है। इसे देखते हुए महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर स्कूलों में स्वास्थ्य किट रखवाने का निर्देश जारी किया है।
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स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक माहौल व गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने के साथ बच्चों की सुरक्षा व स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। बच्चों के उपचार के लिए एक शिक्षक को स्वास्थ्य संबंधी सामान्य जानकारी व प्राथमिक चिकित्सा के जरिए राहत देने के लिए प्रशिक्षित भी किया गया है।
कोट
स्कूलों में बच्चों को त्वरित उपचार मिल सके इसके लिए पहल की गई है। नए शिक्षा सत्र से विद्यालयों में यह व्यवस्था प्रभावी कर दी जाएगी।
-अमित कुमार सिंह, बीएसए