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Sant Kabir Nagar News: निगम का नोटिस निरस्त, मुकदमा खर्च 30 हजार देने का आदेश
Mon, 14 Jul 2025 11:15 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 14 Jul 2025 11:15 PM IST
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संतकबीरनगर। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह, महिला सदस्य संतोष ने अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड खलीलाबाद व अजय चौरसिया जेई सब स्टेशन मुखलिसपुर के खिलाफ शिकायतकर्ता का शिकायत पत्र स्वीकार किया। विद्युत निगम द्वारा जारी राजस्व निर्धारण व शमन शुल्क 52 हजार 561 रुपये निरस्त कर क्षतिपूर्ति व मुकदमा खर्च 30 हजार रुपये भी देने का आदेश दिया है। रामबल प्रजापति निवासी ओनिया थाना धनघटा ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद दाखिल किया। शिकायतकर्ता ने बताया कि अपने घर में घरेलू विद्युत कनेक्शन लिया है। बराबर विद्युत बिल का भुगतान करता रहा है। उसके घर एक किलो वाट का मीटर 27 मार्च 2018 को लगाया गया। 23 मार्च 2023 को जेई अजय चौरसिया लाइन मैन के साथ आकर विद्युत बकाया बताते हुए पांच हजार रुपये की मांग करने लगे। जिसे नहीं देने पर परिवादी के विद्युत तार को काटकर गिरा दिया और फर्जी मुकदमे में फंसा दिए। अवैध तरीके से मीटर बाईपास दिखाकर अधिशासी अभियंता के पास विद्युत बाईपास का गलत सूचना दे दिए।
अधिशासी अभियंता ने उसके खिलाफ 52,561 रुपये का नोटिस भेज दिया। उसके नोटिस देने पर भी विद्युत निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़ित उपभोक्ता ने मजबूर होकर फोरम में परिवाद दाखिल किया। जिला उपभोक्ता फोरम ने पक्षों की बहस सुनने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर शमन शुल्क 52,561 रुपये निरस्त करने का आदेश दिया है। साथ ही शिकायतकर्ता को सामाजिक, आर्थिक व मानसिक क्षतिपूर्ति एवं मुकदमा खर्च 30 हजार रुपये निर्णय की तिथि से 60 दिन के अंदर अदा करने का आदेश दिया।
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अधिशासी अभियंता ने उसके खिलाफ 52,561 रुपये का नोटिस भेज दिया। उसके नोटिस देने पर भी विद्युत निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़ित उपभोक्ता ने मजबूर होकर फोरम में परिवाद दाखिल किया। जिला उपभोक्ता फोरम ने पक्षों की बहस सुनने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर शमन शुल्क 52,561 रुपये निरस्त करने का आदेश दिया है। साथ ही शिकायतकर्ता को सामाजिक, आर्थिक व मानसिक क्षतिपूर्ति एवं मुकदमा खर्च 30 हजार रुपये निर्णय की तिथि से 60 दिन के अंदर अदा करने का आदेश दिया।
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