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स्वास्थ्य संविदा कर्मियों ने दिया ज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Thu, 30 Jun 2016 11:17 PM IST
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ज्ञापन एसडीएम को दिया
- फोटो : अंबरीश मिश्रा
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उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर गुरुवार को संविदा कर्मियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्रीय मांग पत्र एसडीएम को दिया। इस दौरान संविदा कर्मियों ने कहा कि यदि मांगों पर 15 जुलाई तक कोई निर्णय नहीं लिया गया तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
स्वास्थ्य मिशन से जुड़े संविदा कर्मी दोपहर में संगठन के जिलाध्यक्ष डॉ. आनंद प्रताप सिंह के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां पर संविदा कर्मियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्रीय मांग पत्र एसडीएम को दिया। इस दौरान जिलाध्यक्ष ने कहा कि मिशन के अंतर्गत चिकित्सा, पैरामेडिकल, नर्सिंग, तकनीकी संवर्ग सहित अन्य पदों पर करीब 7500 संविदा कर्मी कार्यरत है। इन कर्मचारियों की मांगों को लेकर सरकारें खामोश है। मांग किया कि संविदा कर्मियों को एनएचएम के अनुरूप पद सृजित कर नियमितीकरण प्रक्रिया शुरू की जाए। संविदा के आधार पर कार्यरत कार्मिकों को रिजवी कमेटी की संस्तुति के अनुसार ग्रेड पे पद के अनुरूप पे बैंड निर्धारित किया जाए। एनएचएम में आउट सोर्सिंग के माध्यम से नियुक्ति प्रक्रिया को खत्म किया जाए और भविष्य में राज्य या जिला स्वास्थ्य समिति से ही एनएचएम में संविदा पर भर्ती प्रक्रिया की जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य के सुधार में अहम भूमिका निभने वाली आशा बहुओं के जीवन यापन को सुनिश्चित करने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के अनुरूप मानदेय निर्धारित किया जाए। नियमितीकरण की प्रक्रिया पूर्ण होने तक प्रत्येक वर्ष नवीनीकरण की प्रक्रिया को समाप्त किया जाए तथा राज्य स्वास्थ्य समिति से अनुुमति के बगैर किसी भी कर्मचारी की संविदा समाप्त न की जाए। साथ ही म्यूचुअल ट्रांसफर की व्यवस्था लागू की जाए। ज्ञापन देने वालों में डॉ. अश्वनी यादव, डॉ. मोहम्मद सलीम, डॉ. रचना यादव, डॉ. नीलिमा बाली, डॉ. हरिबंश मौर्या, डॉ. एसके ओझा, डा. सनाउल्लाह, डॉ. राजेश तिवारी, डॉ. अबुबकर, डॉ. यशवंत मल्ल आदि शामिल रहे।
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स्वास्थ्य मिशन से जुड़े संविदा कर्मी दोपहर में संगठन के जिलाध्यक्ष डॉ. आनंद प्रताप सिंह के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां पर संविदा कर्मियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्रीय मांग पत्र एसडीएम को दिया। इस दौरान जिलाध्यक्ष ने कहा कि मिशन के अंतर्गत चिकित्सा, पैरामेडिकल, नर्सिंग, तकनीकी संवर्ग सहित अन्य पदों पर करीब 7500 संविदा कर्मी कार्यरत है। इन कर्मचारियों की मांगों को लेकर सरकारें खामोश है। मांग किया कि संविदा कर्मियों को एनएचएम के अनुरूप पद सृजित कर नियमितीकरण प्रक्रिया शुरू की जाए। संविदा के आधार पर कार्यरत कार्मिकों को रिजवी कमेटी की संस्तुति के अनुसार ग्रेड पे पद के अनुरूप पे बैंड निर्धारित किया जाए। एनएचएम में आउट सोर्सिंग के माध्यम से नियुक्ति प्रक्रिया को खत्म किया जाए और भविष्य में राज्य या जिला स्वास्थ्य समिति से ही एनएचएम में संविदा पर भर्ती प्रक्रिया की जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य के सुधार में अहम भूमिका निभने वाली आशा बहुओं के जीवन यापन को सुनिश्चित करने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के अनुरूप मानदेय निर्धारित किया जाए। नियमितीकरण की प्रक्रिया पूर्ण होने तक प्रत्येक वर्ष नवीनीकरण की प्रक्रिया को समाप्त किया जाए तथा राज्य स्वास्थ्य समिति से अनुुमति के बगैर किसी भी कर्मचारी की संविदा समाप्त न की जाए। साथ ही म्यूचुअल ट्रांसफर की व्यवस्था लागू की जाए। ज्ञापन देने वालों में डॉ. अश्वनी यादव, डॉ. मोहम्मद सलीम, डॉ. रचना यादव, डॉ. नीलिमा बाली, डॉ. हरिबंश मौर्या, डॉ. एसके ओझा, डा. सनाउल्लाह, डॉ. राजेश तिवारी, डॉ. अबुबकर, डॉ. यशवंत मल्ल आदि शामिल रहे।
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