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गर्मी में शहरवासी पानी के लिए तरसेंगे
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Mon, 05 Mar 2018 11:41 PM IST
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बेकार पानी टंकियां
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। नगर पालिका परिषद खलीलाबाद शहरवासियों को अभी तक स्वच्छ पानी उपलब्ध नहीं करा सका है। जहां लोग गर्मी में परेशान होंगे, वहीं पानी का संकट नागरिकों के लिए मुसीबत बन सकता हैं। एक तो सभी घरों में पानी की आपूर्ति की व्यवस्था नहीं हो सकी है, दूसरी तरफ जहां आपूर्ति हो रही है, वहां भी पानी स्वच्छ नहीं आ रहा है। फिर भी नगर पालिका दावा कर रही है कि व्यवस्था चाक चौबंद है।
नगर पालिका परिषद की कुल आबादी करीब 50 हजार है, जो 25 वार्डों में बटी है। इन्हें नागरिक सुविधाओं के साथ ही पानी की आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए पालिका ने 22 सौ किलोलीटर की क्षमता का ओवर हेड टैंक बनवाया है। साथ ही चार नलकूप बनवाएं गए हैं, ताकि लोगों को पानी की आपूर्ति प्रतिदिन की जा सके। पर यह व्यवस्था नाकाफी है। नगर पालिका परिषद का मानना है कि प्रति व्यक्ति औसतन 135 लीटर पानी की जरूरत रहती हैं, लेकिन जो व्यवस्था है, उसमें भेली मंडी में स्थापित एक नलकूप छह साल से खराब पड़ा है। पालिका प्रशासन इस मामले में अब तक कई बार जल निगम को पत्र लिख चुका है, बावजूद इसके नलकूप ठीक नहीं हो सका।
जहां तक लोगों के घरों तक पानी पहुंचने की बात है तो सिर्फ 1800 घरों पर कनेक्शन हुआ है। यदि यह आंकड़ा सही है तो नगर पालिका अभी तक बीस फीसदी घरों तक पानी की आपूर्ति नहीं कर पा रही है। इतना जरूर है कि विभिन्न वार्डों में कुल 236 इंडिया मार्का हैंडपंप लगाए गए हैं। इनमें से भी 18 हैंडपंप रिबोर योग्य हैं तो 12 से अधिक हैंडपंप मामूली खराबी से बेकार पड़े हैं। कई हैंडपंप तो दूषित पानी दे रहे हैं। ऐसे में यह पानी पीने लायक नहीं है।
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नगर पालिका परिषद की कुल आबादी करीब 50 हजार है, जो 25 वार्डों में बटी है। इन्हें नागरिक सुविधाओं के साथ ही पानी की आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए पालिका ने 22 सौ किलोलीटर की क्षमता का ओवर हेड टैंक बनवाया है। साथ ही चार नलकूप बनवाएं गए हैं, ताकि लोगों को पानी की आपूर्ति प्रतिदिन की जा सके। पर यह व्यवस्था नाकाफी है। नगर पालिका परिषद का मानना है कि प्रति व्यक्ति औसतन 135 लीटर पानी की जरूरत रहती हैं, लेकिन जो व्यवस्था है, उसमें भेली मंडी में स्थापित एक नलकूप छह साल से खराब पड़ा है। पालिका प्रशासन इस मामले में अब तक कई बार जल निगम को पत्र लिख चुका है, बावजूद इसके नलकूप ठीक नहीं हो सका।
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जहां तक लोगों के घरों तक पानी पहुंचने की बात है तो सिर्फ 1800 घरों पर कनेक्शन हुआ है। यदि यह आंकड़ा सही है तो नगर पालिका अभी तक बीस फीसदी घरों तक पानी की आपूर्ति नहीं कर पा रही है। इतना जरूर है कि विभिन्न वार्डों में कुल 236 इंडिया मार्का हैंडपंप लगाए गए हैं। इनमें से भी 18 हैंडपंप रिबोर योग्य हैं तो 12 से अधिक हैंडपंप मामूली खराबी से बेकार पड़े हैं। कई हैंडपंप तो दूषित पानी दे रहे हैं। ऐसे में यह पानी पीने लायक नहीं है।
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