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Sant Kabir Nagar News: विद्यालयों में गठित होगा बाल संसद व मीना मंच
Thu, 04 Apr 2024 10:52 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 04 Apr 2024 10:52 PM IST
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- 1247 स्कूलों में बाल संसद का होगा गठन, अप्रैल माह में ही लागू करने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। परिषदीय विद्यालयों में बाल संसद व मीना मंच का गठन किया जाएगा। इसमें छात्र-छात्राओं को विद्यालय में होने वाली गतिविधियों के बारे में बताया जाएगा। उनमें जिम्मेदारियों का भाव जगाया जाएगा। राज्य परियोजना निदेशक के निर्देश के बाद बीएसए ने बीईओ को अप्रैल से प्रभावी करने के निर्देश दिए हैं।
जिले में 1247 परिषदीय विद्यालय हैं। इसमें 805 प्राथमिक विद्यालय, 250 कंपोजिट विद्यालय व 192 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें प्रार्थना, योग, व्यायाम, स्वच्छता, कक्षा की क्रियाएं, अनुशासन, मध्याह्न भोजन वितरण व्यवस्था, मीना की कहानियां व पुस्तकालय की किताबों का वितरण आदि क्रिया-कलाप शामिल हैं। बाल संसद का गठन सभी विद्यालयों में किया जाना है। जबकि मीना मंच सिर्फ पूर्व माध्यमिक विद्यालय में गठित होगी।
बाल संसद में प्रधानमंत्री, उप प्रधानमंत्री के अलावा सात मंत्री मंडल होगा। इसका नेतृत्व मंत्री व उप मंत्री करेंगे। प्रत्येक सदन में मंत्री और उप मंत्री के अतिरिक्त चार सहयोगी सदस्य होंगे। जिनमें दो बालक व दो बालिकाएं होंगी। बीएसए अमित सिंह ने बताया कि बाल संसद विद्यालय के बच्चों का एक मंच है। इसका उद्देश्य बच्चों में नेतृत्व, निर्णय लेने और जिम्मेदारियों का भाव उत्पन्न करना है। साथ ही विद्यालय गतिविधियों व प्रबंधन में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए विद्यालय को सुरक्षित व साफ-सुथरा रखना है। उन्होंने बताया कि इसको अमल में लाने के लिए बीईओ को निर्देश दिए गए हैं कि अप्रैल माह से इसे लागू कर दें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। परिषदीय विद्यालयों में बाल संसद व मीना मंच का गठन किया जाएगा। इसमें छात्र-छात्राओं को विद्यालय में होने वाली गतिविधियों के बारे में बताया जाएगा। उनमें जिम्मेदारियों का भाव जगाया जाएगा। राज्य परियोजना निदेशक के निर्देश के बाद बीएसए ने बीईओ को अप्रैल से प्रभावी करने के निर्देश दिए हैं।
जिले में 1247 परिषदीय विद्यालय हैं। इसमें 805 प्राथमिक विद्यालय, 250 कंपोजिट विद्यालय व 192 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें प्रार्थना, योग, व्यायाम, स्वच्छता, कक्षा की क्रियाएं, अनुशासन, मध्याह्न भोजन वितरण व्यवस्था, मीना की कहानियां व पुस्तकालय की किताबों का वितरण आदि क्रिया-कलाप शामिल हैं। बाल संसद का गठन सभी विद्यालयों में किया जाना है। जबकि मीना मंच सिर्फ पूर्व माध्यमिक विद्यालय में गठित होगी।
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बाल संसद में प्रधानमंत्री, उप प्रधानमंत्री के अलावा सात मंत्री मंडल होगा। इसका नेतृत्व मंत्री व उप मंत्री करेंगे। प्रत्येक सदन में मंत्री और उप मंत्री के अतिरिक्त चार सहयोगी सदस्य होंगे। जिनमें दो बालक व दो बालिकाएं होंगी। बीएसए अमित सिंह ने बताया कि बाल संसद विद्यालय के बच्चों का एक मंच है। इसका उद्देश्य बच्चों में नेतृत्व, निर्णय लेने और जिम्मेदारियों का भाव उत्पन्न करना है। साथ ही विद्यालय गतिविधियों व प्रबंधन में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए विद्यालय को सुरक्षित व साफ-सुथरा रखना है। उन्होंने बताया कि इसको अमल में लाने के लिए बीईओ को निर्देश दिए गए हैं कि अप्रैल माह से इसे लागू कर दें।
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