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Sant Kabir Nagar News: परिषदीय विद्यालयों के बच्चे अब संगीत भी सीखेंगे
Wed, 05 Aug 2026 02:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 05 Aug 2026 02:00 AM IST
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मेंहदावल। परिषदीय स्कूलों में अध्ययनरत कक्षा तीन और चार के विद्यार्थियों को पहली बार कला की पुस्तक ‘बांसुरी’ पढ़ने को मिलेगी। अब तक शिक्षक बिना पुस्तक के कला-संगीत पढ़ाते थे और परीक्षा लेते थे।
इस सत्र से बच्चों को एनसीईआरटी की पुस्तक बांसुरी भी पढ़ने के लिए मिलेगी। इस सत्र में बेसिक स्कूलों में यह पुस्तक वितरित की गई है। बीईओ आशीष कुमार सिंह ने बताया कि कक्षा तीन की पुस्तक में 20 पाठ हैं। प्रत्येक अध्याय में क्यू-आर कोड है।
बच्चे दीक्षा पोर्टल पर उसे स्कैन कर उसके अतिरिक्त विषय सामग्री तक पहुंच सकते हैं। वर्तमान सत्र में बच्चों को कला की पढ़ाई के लिए विद्यालय में कला विशेषज्ञों को आमंत्रित कर कलात्मकता से परिचित कराने का लक्ष्य है। शिक्षण के दौरान बच्चों से गतिविधियां कराते हुए कलाकृतियां बनवाई जाएंगी।
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उनका प्रदर्शन स्कूल परिसर या अन्य जगहों पर अलग अलग अवसरों पर भी किया जाएगा। डायट प्रवक्ता अभीष्ट देव पांडेय ने बताया कि बच्चों की रुचियों को ध्यान में रखकर कक्षा चार की पुस्तक में गतिविधियां संजोई गई हैं। इससे छात्र-छात्राओं में व्यक्तिगत स्तर और समूह बनाकर कार्य करने, आलोचनात्मक दृष्टिकोण का विकास, पढ़ने व लिखने का अभ्यास में मदद मिलेगी।
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इस सत्र से बच्चों को एनसीईआरटी की पुस्तक बांसुरी भी पढ़ने के लिए मिलेगी। इस सत्र में बेसिक स्कूलों में यह पुस्तक वितरित की गई है। बीईओ आशीष कुमार सिंह ने बताया कि कक्षा तीन की पुस्तक में 20 पाठ हैं। प्रत्येक अध्याय में क्यू-आर कोड है।
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बच्चे दीक्षा पोर्टल पर उसे स्कैन कर उसके अतिरिक्त विषय सामग्री तक पहुंच सकते हैं। वर्तमान सत्र में बच्चों को कला की पढ़ाई के लिए विद्यालय में कला विशेषज्ञों को आमंत्रित कर कलात्मकता से परिचित कराने का लक्ष्य है। शिक्षण के दौरान बच्चों से गतिविधियां कराते हुए कलाकृतियां बनवाई जाएंगी।
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उनका प्रदर्शन स्कूल परिसर या अन्य जगहों पर अलग अलग अवसरों पर भी किया जाएगा। डायट प्रवक्ता अभीष्ट देव पांडेय ने बताया कि बच्चों की रुचियों को ध्यान में रखकर कक्षा चार की पुस्तक में गतिविधियां संजोई गई हैं। इससे छात्र-छात्राओं में व्यक्तिगत स्तर और समूह बनाकर कार्य करने, आलोचनात्मक दृष्टिकोण का विकास, पढ़ने व लिखने का अभ्यास में मदद मिलेगी।