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Sant Kabir Nagar News: समूह गतिविधियों के माध्यम से बच्चों ने सीखी हिंदी वर्णमाला
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लोहरौली। एएच एग्री इंटर काॅलेज दुधारा में बुधवार से समर कैंप शुरू हुआ। समर कैंप 20 मई तक चलेगा। कैंप की अध्यक्षता प्रधानाचार्य संजय द्विवेदी व संचालन मोहम्मद इश्तियाक अंसारी ने किया। समर कैंप में बच्चों को हिंदी वर्णमाला, संख्याएं, हस्ताक्षर, मूल अभिवादन व दैनिक उपयोग के सरल वाक्यांश बनाने का अभ्यास कराया गया।
समर कैंप में प्रधानाचार्य संजय द्विवेदी ने कहा कि हिंदी वर्णमाला (देवनागरी लिपि) वैज्ञानिक, व्यवस्थित और ध्वनि- आधारित है, जिसमें 52 वर्ण होते हैं। यह जैसा लिखा जाता है वैसा ही पढ़ा जाता है, जिसमें स्वर और व्यंजन अलग-अलग क्रम में होते हैं। इसकी मुख्य विशेषताएं उच्चारण की स्पष्टता और वर्णों का वैज्ञानिक वर्गीकरण है।
उन्होंने कहा कि हिंदी की देवनागरी लिपि एक ''फोनोटिक'' लिपि है, जिसका अर्थ है कि इसमें जो बोला जाता है, वही लिखा जाता है। इसमें मूक अक्षर नहीं होते। वर्णमाला में वर्णों का क्रम बहुत ही तार्किक है। पहले स्वर (अ-औ) आते हैं, फिर व्यंजन। व्यंजन उच्चारण स्थान के आधार पर वर्गों (कवर्ग, चवर्ग, टवर्ग, तवर्ग, पवर्ग) में बंटे हैं।
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कैंप के दौरान गतिविधि आधारित शिक्षण, फ्लैश कार्ड, चित्र सामग्री, उच्चारण अभ्यास एवं समूह गतिविधियां कराई गई।
इस दौरान अब्दुस्सलाम, मोहम्मद परवेज अख्तर, हकीमुल्लाह, फ़खरुद्दीन आदि उपस्थित रहे।
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समर कैंप में प्रधानाचार्य संजय द्विवेदी ने कहा कि हिंदी वर्णमाला (देवनागरी लिपि) वैज्ञानिक, व्यवस्थित और ध्वनि- आधारित है, जिसमें 52 वर्ण होते हैं। यह जैसा लिखा जाता है वैसा ही पढ़ा जाता है, जिसमें स्वर और व्यंजन अलग-अलग क्रम में होते हैं। इसकी मुख्य विशेषताएं उच्चारण की स्पष्टता और वर्णों का वैज्ञानिक वर्गीकरण है।
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उन्होंने कहा कि हिंदी की देवनागरी लिपि एक ''फोनोटिक'' लिपि है, जिसका अर्थ है कि इसमें जो बोला जाता है, वही लिखा जाता है। इसमें मूक अक्षर नहीं होते। वर्णमाला में वर्णों का क्रम बहुत ही तार्किक है। पहले स्वर (अ-औ) आते हैं, फिर व्यंजन। व्यंजन उच्चारण स्थान के आधार पर वर्गों (कवर्ग, चवर्ग, टवर्ग, तवर्ग, पवर्ग) में बंटे हैं।
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कैंप के दौरान गतिविधि आधारित शिक्षण, फ्लैश कार्ड, चित्र सामग्री, उच्चारण अभ्यास एवं समूह गतिविधियां कराई गई।
इस दौरान अब्दुस्सलाम, मोहम्मद परवेज अख्तर, हकीमुल्लाह, फ़खरुद्दीन आदि उपस्थित रहे।