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नहाय-खाय के साथ छठ शुरू
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गोलाबाजार स्थित पोखरे की सफाई करते नगरपालिका के कर्मचारी।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
नहाय-खाय के साथ छठ शुरू
संतकबीरनगर। छठ पर्व शुक्रवार से नहाय-खाय के साथ शुरू हो गया। शनिवार को खरना के बाद निराजल व्रत रखकर रविवार की शाम पोखरे और नदियों के किनारे खड़ी होकर महिलाएं सूर्य भगवान का अर्घ्य देंगी। सोमवार सुबह उगते सूरज को अर्घ्य देंगी। छठ पर्व के लिए बाजार में दुकानें सज गई हैं। तरह-तरह के फल मौजूद हैं। महिलाएं खरीदारी में जुट गई हैं।
डाला छठ के नाम से पूर्वांचल में चार दिनों तक चलने वाले इस छठ पर्व के लिए तैयारियां तेजी से शुरू हो गई हैं। खलीलाबाद शहर के मुखलिसपुर तिराहा, गोला बाजार, समयजी स्थान आदि जगहों पर छठ व्रत की खरीदारी के लिए दुकानें सज गई हैं। छठ पर्व में लगने वाले अन्य सामान की बिक्री भी बढ़ गई है। नगर पालिका क्षेत्र के समय जी स्थान के पास स्थित पोखरा, शुगर मिल आदि जगहों पर पोखरे की सफाई का कार्य पूर्ण करा लिया गया है। इस बार छठ पूजा की शुरुआत 28 अक्तूबर को हो रही है। समापन 31 अक्तूबर को होगा।
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छठ पूजा का सही समय
ज्योतिषाचार्य सुजीत जी महाराज ने बताया कि कार्तिक शुक्ल पक्ष षष्ठी को छठ पूजा होती है। छठ पूजा का पहला दिन 28 अक्तूबर को नहाय-खाय के साथ होता है। 29 अक्तूबर को खरना है। 30 अक्तूबर को छठ पूजा में सूर्यास्त के समय सायंकाल 5:39 बजे नदियों और पोखरे में जाकर सूर्य भगवान को अर्घ्य दिया जाएगा। 31 अक्तूबर को सुबह 6:32 बजे उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। छठ पूजा का मुख्य षष्ठी तिथि रविवार 30 अक्तूबर को रहेगा। इस दिन नदी के तट या सरोवर पर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्ध्य देने घाट की ओर जाते हैं। वहां छठ व्रती सरोवर या नदी के किनारे सामूहिक रूप से अर्ध्य दान संपन्न करते हैं। छठ पूजा का अंतिम दिन 31 अक्तूबर सोमवार को रहेगा। इस दिन उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर प्रसाद का सेवन कर व्रत का पारण करते हैं।
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संतकबीरनगर। छठ पर्व शुक्रवार से नहाय-खाय के साथ शुरू हो गया। शनिवार को खरना के बाद निराजल व्रत रखकर रविवार की शाम पोखरे और नदियों के किनारे खड़ी होकर महिलाएं सूर्य भगवान का अर्घ्य देंगी। सोमवार सुबह उगते सूरज को अर्घ्य देंगी। छठ पर्व के लिए बाजार में दुकानें सज गई हैं। तरह-तरह के फल मौजूद हैं। महिलाएं खरीदारी में जुट गई हैं।
डाला छठ के नाम से पूर्वांचल में चार दिनों तक चलने वाले इस छठ पर्व के लिए तैयारियां तेजी से शुरू हो गई हैं। खलीलाबाद शहर के मुखलिसपुर तिराहा, गोला बाजार, समयजी स्थान आदि जगहों पर छठ व्रत की खरीदारी के लिए दुकानें सज गई हैं। छठ पर्व में लगने वाले अन्य सामान की बिक्री भी बढ़ गई है। नगर पालिका क्षेत्र के समय जी स्थान के पास स्थित पोखरा, शुगर मिल आदि जगहों पर पोखरे की सफाई का कार्य पूर्ण करा लिया गया है। इस बार छठ पूजा की शुरुआत 28 अक्तूबर को हो रही है। समापन 31 अक्तूबर को होगा।
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छठ पूजा का सही समय
ज्योतिषाचार्य सुजीत जी महाराज ने बताया कि कार्तिक शुक्ल पक्ष षष्ठी को छठ पूजा होती है। छठ पूजा का पहला दिन 28 अक्तूबर को नहाय-खाय के साथ होता है। 29 अक्तूबर को खरना है। 30 अक्तूबर को छठ पूजा में सूर्यास्त के समय सायंकाल 5:39 बजे नदियों और पोखरे में जाकर सूर्य भगवान को अर्घ्य दिया जाएगा। 31 अक्तूबर को सुबह 6:32 बजे उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। छठ पूजा का मुख्य षष्ठी तिथि रविवार 30 अक्तूबर को रहेगा। इस दिन नदी के तट या सरोवर पर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्ध्य देने घाट की ओर जाते हैं। वहां छठ व्रती सरोवर या नदी के किनारे सामूहिक रूप से अर्ध्य दान संपन्न करते हैं। छठ पूजा का अंतिम दिन 31 अक्तूबर सोमवार को रहेगा। इस दिन उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर प्रसाद का सेवन कर व्रत का पारण करते हैं।
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