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Sant Kabir Nagar News: सेंट्रल लैब बनकर तैयार, वायरिंग पर सीएमएस ने जताई आपत्ति
Fri, 14 Jun 2024 01:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 14 Jun 2024 01:13 AM IST
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संतकबीरनगर। जिला अस्पताल में सेंट्रल लैब बनकर तैयार हो गया है। हालांकि सीएमएस ने वायरिंग पर आपत्ति जताई है। अब सीएमओ कार्यालय के जेई जब अनापत्ति प्रमाणपत्र देंगे तभी सेंट्रल लैब में काम शुरू होगा। सेंट्रल लैब शुरू होने से एक जगह सभी प्रकार की जांच की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।
जिला अस्पताल में ब्लड के साथ ही अन्य जांच के लिए मरीजों को अलग-अलग जगहों पर जाना पड़ता है। इससे उन्हें काफी भागदौड़ करनी पड़ती है। शासन ने समस्याओं को देखते हुए जिला अस्पताल के पुराने महिला चिकित्सालय को सेंट्रल लैब के लिए चिन्हित किया था। इसके बाद निर्माण शुरू हुआ। करीब आठ माह बाद सेंट्रल लैब बनकर तैयार हो गया है। इसमें कुल 16 एसी लगाए गए हैं। इसके साथ ही सिलिंग का कार्य भी हुआ है।
सीएमओ कार्यालय के जेई ने लैब के निर्माण पूरा होने पर सीएमएस को स्थानांतरित करने के लिए पत्र लिखा। इसके बाद सीएमएस ने आपत्ति जता दी। सीएमएस डॉ. भवनाथ पांडेय की माने तो लैब में जो वायरिंग हुई है वह फाॅर सिलिंग के अंदर की गई है। अगर कभी वायरिंग में शार्ट सर्किट होती है तो आग लगने के बाद ही उसकी जानकारी हो पाएगी। जो काफी खतरनाक है। इसको बाहर किया जाना चाहिए था। जेई को पत्र लिखकर इस पर आपत्ति जताई गई है। अगर जेई अनापत्ति प्रमाण पत्र देते हैं तो इसे हस्तातंरित कर लिया जाएगा।
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जिला अस्पताल में ब्लड के साथ ही अन्य जांच के लिए मरीजों को अलग-अलग जगहों पर जाना पड़ता है। इससे उन्हें काफी भागदौड़ करनी पड़ती है। शासन ने समस्याओं को देखते हुए जिला अस्पताल के पुराने महिला चिकित्सालय को सेंट्रल लैब के लिए चिन्हित किया था। इसके बाद निर्माण शुरू हुआ। करीब आठ माह बाद सेंट्रल लैब बनकर तैयार हो गया है। इसमें कुल 16 एसी लगाए गए हैं। इसके साथ ही सिलिंग का कार्य भी हुआ है।
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सीएमओ कार्यालय के जेई ने लैब के निर्माण पूरा होने पर सीएमएस को स्थानांतरित करने के लिए पत्र लिखा। इसके बाद सीएमएस ने आपत्ति जता दी। सीएमएस डॉ. भवनाथ पांडेय की माने तो लैब में जो वायरिंग हुई है वह फाॅर सिलिंग के अंदर की गई है। अगर कभी वायरिंग में शार्ट सर्किट होती है तो आग लगने के बाद ही उसकी जानकारी हो पाएगी। जो काफी खतरनाक है। इसको बाहर किया जाना चाहिए था। जेई को पत्र लिखकर इस पर आपत्ति जताई गई है। अगर जेई अनापत्ति प्रमाण पत्र देते हैं तो इसे हस्तातंरित कर लिया जाएगा।
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