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असंगठित क्षेत्र के मजदूर पाएंगे बेहतर उपचार
Sant Kabir Nagar
Updated Sat, 13 Aug 2016 11:16 PM IST
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जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता सांसद ने की।
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर जिले के असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूर भी बेहतर उपचार पा सकेंगे। हालांकि यह सुविधा संगठित क्षेत्र में कार्यरत लोगों को ईएसआई के माध्यम से मिल रही है। केंद्र सरकार की इस योजना के तहत जिले में तीन नए अस्पताल खुलेंगे। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की पहली बैठक में शनिवार को यह जानकारी सांसद शरद त्रिपाठी ने दी। सांसद ने इस संबंध में डीएम डॉ. सरोज कुमार को प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने को भी कहा।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए सांसद ने कहा कि इस बैठक को दिशा नाम दिया गया है और यही इसका ध्येय है। ताकि केंद्र सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का शत प्रतिशत क्रियान्वयन हो और विकास कार्यों की बदौलत जिले की दशा और दिशा बदले। बैठक में डाक विभाग, रेलवे और ब्रिज कारपोरेशन के अफसर अनुपस्थित रहे। सांसद ने कहा कि यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश के 640 जिलों में एक ही दिन हो रही है। उन्होंने कहा कि कुल योजनाओं में से 63 फीसदी का ही क्रियान्वयन हो पाता है। ऐसे में जिम्मेदारों को सतर्कता बरतने की जरूरत है। मुखलिसपुर रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण में गार्डर बनाए जाने की स्थिति पर सवाल खड़ा किया। ओवर ब्रिज की जो ड्राइंग बनती है, उसमें गर्डर ई थ्री एप्रूव्ड होता है, लेकिन इस पुल को बनाने वाले जिम्मेदार ई थ्री की जगह ई वन करके बना रहे हैं।
मुद्रा योजना की स्थिति पर सांसद ने असंतोष व्यक्त करते हुए डीएम के माध्यम से कैंप लगाए जाने पर जोर दिया। बखिरा की जर्जर सड़क का हाल पूछा तो एक्सईएन पीडब्लूडी ने बताया कि पिछले जुलाई में स्टीमेट अनुमोदित हुआ था, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिल पाई है। सांसद ने कहा कि संसद के गलियारे में सपा मुखिया मिले तो जिले की सड़क के हाल पर जिक्र किया तो उन्होंने बताया कि 12 हजार करोड़ रुपये सड़क पर खर्च किया गया है। जबकि वह अपने स्तर से मुख्यमंत्री को बखिरा की सड़क बनवाए जाने के लिए सात बार पत्र भेज चुके हैं। यदि सांसद निधि से यह सड़क बनाई जा सकती है तो वह रकम देने में कोई संकोच नहीं करते।
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बखिरा की सड़क उस इलाके के लिए कितनी महत्वपूर्ण है, यह समझने की जरूरत है। एसबीआई की शाखा नाथनगर के जरिए नौ किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ देने में परेशान करने की शिकायत को गंभीरता से लिया। इस पर मुद्दे पर अलग से चर्चा करने की जरूरत जताई। भव्य तिरंगा झंडा बनवाए जाने के लिए सांसद निधि से धन देने की बात कह कर डीएम से ऐसा कराने का सुझाव दिया। बैठक में सीडीओ लालजी यादव, पीडी अनिल पांडेय, सांसद प्रतिनिधि महेंद्र दूबे, संजीव राय, ब्लॉक प्रमुख मनोज राय, सेराज अहमद, डीसी विनय श्रीवास्तव, डीडीओ रमेशचंद्रा आदि उपस्थित रहे।
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बैठक की अध्यक्षता करते हुए सांसद ने कहा कि इस बैठक को दिशा नाम दिया गया है और यही इसका ध्येय है। ताकि केंद्र सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का शत प्रतिशत क्रियान्वयन हो और विकास कार्यों की बदौलत जिले की दशा और दिशा बदले। बैठक में डाक विभाग, रेलवे और ब्रिज कारपोरेशन के अफसर अनुपस्थित रहे। सांसद ने कहा कि यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश के 640 जिलों में एक ही दिन हो रही है। उन्होंने कहा कि कुल योजनाओं में से 63 फीसदी का ही क्रियान्वयन हो पाता है। ऐसे में जिम्मेदारों को सतर्कता बरतने की जरूरत है। मुखलिसपुर रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण में गार्डर बनाए जाने की स्थिति पर सवाल खड़ा किया। ओवर ब्रिज की जो ड्राइंग बनती है, उसमें गर्डर ई थ्री एप्रूव्ड होता है, लेकिन इस पुल को बनाने वाले जिम्मेदार ई थ्री की जगह ई वन करके बना रहे हैं।
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मुद्रा योजना की स्थिति पर सांसद ने असंतोष व्यक्त करते हुए डीएम के माध्यम से कैंप लगाए जाने पर जोर दिया। बखिरा की जर्जर सड़क का हाल पूछा तो एक्सईएन पीडब्लूडी ने बताया कि पिछले जुलाई में स्टीमेट अनुमोदित हुआ था, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिल पाई है। सांसद ने कहा कि संसद के गलियारे में सपा मुखिया मिले तो जिले की सड़क के हाल पर जिक्र किया तो उन्होंने बताया कि 12 हजार करोड़ रुपये सड़क पर खर्च किया गया है। जबकि वह अपने स्तर से मुख्यमंत्री को बखिरा की सड़क बनवाए जाने के लिए सात बार पत्र भेज चुके हैं। यदि सांसद निधि से यह सड़क बनाई जा सकती है तो वह रकम देने में कोई संकोच नहीं करते।
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बखिरा की सड़क उस इलाके के लिए कितनी महत्वपूर्ण है, यह समझने की जरूरत है। एसबीआई की शाखा नाथनगर के जरिए नौ किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ देने में परेशान करने की शिकायत को गंभीरता से लिया। इस पर मुद्दे पर अलग से चर्चा करने की जरूरत जताई। भव्य तिरंगा झंडा बनवाए जाने के लिए सांसद निधि से धन देने की बात कह कर डीएम से ऐसा कराने का सुझाव दिया। बैठक में सीडीओ लालजी यादव, पीडी अनिल पांडेय, सांसद प्रतिनिधि महेंद्र दूबे, संजीव राय, ब्लॉक प्रमुख मनोज राय, सेराज अहमद, डीसी विनय श्रीवास्तव, डीडीओ रमेशचंद्रा आदि उपस्थित रहे।