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Sant Kabir Nagar News: संभल कर खरीदें फलाहार, बचा हुआ माल खपा रहे दुकानदार
Sat, 27 Sep 2025 08:04 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 27 Sep 2025 08:04 PM IST
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बाजार में बिक रहा फाफड़ का आटा
संतकबीरनगर। नवरात्र पर व्रत का सामान खरीदे तो सतर्क रहे। इसमें मिलावट हो सकती है। यही नहीं पुराने पैकेट को बदल कर नया कर दे रहे हैं और पुराना माल खफा रहे हैं। खाद्य टीम ने एक सप्ताह में करीब 14 नमूने कुट्टू के आटा और मूंगफली आदि के लिए हैं। जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। पिछले रामनवमी के दिनों में फाफड़ के आटे में फफूंद मिला था। जिस पर दुकानदार पर जुर्माना की कार्रवाई की गई थी।
नवरात्र का पर्व 22 सितंबर से शुरू हो चुका है। ऐसे में ज्यादातर परिवार में लोग नौ दिन तक व्रत रखे हुए हैं। इस व्रत में फलाहार के सामानों की डिमांड अधिक होती है। इसमें कुट्टू का आटा, मूंगफली, साबुदाना व फलों की मांग अधिक होती है। यह खाद्य पदार्थ नवरात्र में ही ज्यादा उपयोग में लाए जाते हैं। इसके बाद इनका उपयोग कम ही होता है। वर्तमान में मूंगफली के कई दाम बाजार में हैं। कहीं पर यह 180 रुपये किलो, तो कही पर 200 रुपये किलो तक है।
शहर के बंजरिया निवासी दिनेश चौधरी ने बताया कि वह एक किलो मूंगफली 180 रुपये में ले गए थे। उसमें काफी दाने खराब निकले और उसमें फफूंद लगा था जिसकी वजह से उसे फेंकना पड़ा। इसी तहर से कुट्टू का आटा भी सही नहीं था। पानी डालने पर हल्का हरा हो गया। जब दुकानदार से शिकायत की तो उसने कहा कि वह नहीं बनाते हैं यह तो माल बाहर से आता है। वह तो सिर्फ बिक्री करते हैं।
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इसी तरह से देशी घी में भी मिलावट पाई जा रही है। देशी घी में मिलावट का खेल बड़े पैमाने पर हो रहा है। कई छोटी-छोटी कंपनियों की पन्नी और डिब्बे में 100 से 200 ग्राम की पैकिंग में देशी घी बाजार में उपलब्ध है। इन गुमनाम कंपनियों की पैकिंग में देशी घी वाली खुशबू भी नहीं रहती। जबरदस्त गर्मी के बावजूद यह देशी घी जमा रहता है। जबकि शुद्ध देशी घी गर्मी में अपने आप पिघल जाता है। ऐसे में इन सामानों की खरीदारी करते समय थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए।
खाद्य टीम ने पिछले रामनवमी पर कुट्टू के आटे का नमूना जांच के लिए भेजा था जिसमे फफूंद मिला था। यह पुराने पैकेट को नया कर बेचा गया था। जिसकी सैंपलिंग हुई थी। इधर भी खाद्य टीम ने सैंपलिंग शुरू कर दी है।
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नवरात्र का पर्व 22 सितंबर से शुरू हो चुका है। ऐसे में ज्यादातर परिवार में लोग नौ दिन तक व्रत रखे हुए हैं। इस व्रत में फलाहार के सामानों की डिमांड अधिक होती है। इसमें कुट्टू का आटा, मूंगफली, साबुदाना व फलों की मांग अधिक होती है। यह खाद्य पदार्थ नवरात्र में ही ज्यादा उपयोग में लाए जाते हैं। इसके बाद इनका उपयोग कम ही होता है। वर्तमान में मूंगफली के कई दाम बाजार में हैं। कहीं पर यह 180 रुपये किलो, तो कही पर 200 रुपये किलो तक है।
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शहर के बंजरिया निवासी दिनेश चौधरी ने बताया कि वह एक किलो मूंगफली 180 रुपये में ले गए थे। उसमें काफी दाने खराब निकले और उसमें फफूंद लगा था जिसकी वजह से उसे फेंकना पड़ा। इसी तहर से कुट्टू का आटा भी सही नहीं था। पानी डालने पर हल्का हरा हो गया। जब दुकानदार से शिकायत की तो उसने कहा कि वह नहीं बनाते हैं यह तो माल बाहर से आता है। वह तो सिर्फ बिक्री करते हैं।
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इसी तरह से देशी घी में भी मिलावट पाई जा रही है। देशी घी में मिलावट का खेल बड़े पैमाने पर हो रहा है। कई छोटी-छोटी कंपनियों की पन्नी और डिब्बे में 100 से 200 ग्राम की पैकिंग में देशी घी बाजार में उपलब्ध है। इन गुमनाम कंपनियों की पैकिंग में देशी घी वाली खुशबू भी नहीं रहती। जबरदस्त गर्मी के बावजूद यह देशी घी जमा रहता है। जबकि शुद्ध देशी घी गर्मी में अपने आप पिघल जाता है। ऐसे में इन सामानों की खरीदारी करते समय थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए।
खाद्य टीम ने पिछले रामनवमी पर कुट्टू के आटे का नमूना जांच के लिए भेजा था जिसमे फफूंद मिला था। यह पुराने पैकेट को नया कर बेचा गया था। जिसकी सैंपलिंग हुई थी। इधर भी खाद्य टीम ने सैंपलिंग शुरू कर दी है।