{"_id":"690d0812c05c21f53605ad77","slug":"bail-application-of-sisters-in-law-accused-of-dowry-murder-rejected-khalilabad-news-c-209-1-kld1004-140856-2025-11-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: दहेज हत्या की आरोपी ननदों की जमानत अर्जी निरस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: दहेज हत्या की आरोपी ननदों की जमानत अर्जी निरस्त
Fri, 07 Nov 2025 02:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 07 Nov 2025 02:11 AM IST
विज्ञापन
संतकबीरनगर। जिला व सत्र न्यायाधीश मोहन लाल विश्वकर्मा की अदालत ने दहेज हत्या की आरोपी ननद सीमा व मनोरमा की जमानत अर्जी सुनवाई के बाद निरस्त कर दी।
अभियोजन के मुताबिक, थाना रूधौली जनपद बस्ती के ग्राम चांद चौरा निवासी हरीशचंद्र ने 11 अगस्त को दुधारा थानाध्यक्ष को प्रार्थना पत्र दिया कि उसने अपनी पुत्री परमिला की शादी वर्ष 2019 में गौरी शंकर निवासी देवरिया घाट थाना दुधारा के साथ की थी। आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही उसकी ससुराल वाले कम दहेज लाने का ताना देकर उसे मारते-पीटते और प्रताड़ित करते थे। दहेज न मिलने पर 10 अगस्त की रात में पति गौरी शंकर, ससुर राम जनम, ननद सीमा व मनोरमा, देवर अश्वनी व रविंद्र ने मिलकर परमिला की हत्या कर दी।
थाना दुधारा में केस दर्ज हुआ। मामले में आरोपी ननद सीमा व मनोरमा ने सत्र न्यायाधीश मोहन लाल विश्वकर्मा की अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर जमानत अर्जी निरस्त कर दी। संवाद
विज्ञापन
अभियोजन के मुताबिक, थाना रूधौली जनपद बस्ती के ग्राम चांद चौरा निवासी हरीशचंद्र ने 11 अगस्त को दुधारा थानाध्यक्ष को प्रार्थना पत्र दिया कि उसने अपनी पुत्री परमिला की शादी वर्ष 2019 में गौरी शंकर निवासी देवरिया घाट थाना दुधारा के साथ की थी। आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही उसकी ससुराल वाले कम दहेज लाने का ताना देकर उसे मारते-पीटते और प्रताड़ित करते थे। दहेज न मिलने पर 10 अगस्त की रात में पति गौरी शंकर, ससुर राम जनम, ननद सीमा व मनोरमा, देवर अश्वनी व रविंद्र ने मिलकर परमिला की हत्या कर दी।
थाना दुधारा में केस दर्ज हुआ। मामले में आरोपी ननद सीमा व मनोरमा ने सत्र न्यायाधीश मोहन लाल विश्वकर्मा की अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर जमानत अर्जी निरस्त कर दी। संवाद
विज्ञापन