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‘आजादी में आजाद का योगदान महत्वपूर्ण’
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Sat, 23 Jul 2016 11:16 PM IST
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जयंती मनाई गई।
- फोटो : अमर उजाला
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जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर शनिवार को चंद्रशेखर आजाद की जयंती जिलाध्यक्ष परवेज खान के नेतृत्व में धूम-धाम से मनाई गई। इस दौरान चंद्रशेखर आजाद के चित्र पर माल्यार्पण के बाद विचार गोष्ठी आयोजित हुई।
जिलाध्यक्ष परवेज खान ने कहा कि देश की आजादी में चंद्रशेखर आजाद ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जब महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन शुरू किया तो उस आंदोलन में 15 वर्ष की अल्पायु में ही आजाद ने हिस्सा लिया। जिसकी वजह से उनकी गिरफ्तारी भी हुई, और उन्हें जेल जाना पड़ा। चंद्रशेेखर आजाद के अंदर देश प्रेम की भावना कूट- कूट कर भरा हुआ था। जिन्होंने कभी भी अंग्रेजों की गुलामी स्वीकार नहीं किया और जब तक जिंदा रहे अंग्रेजो को चंगुल से भारत की मातृ भूमि को स्वतंत्र कराने के लिए प्रयासरत रहे। पूूर्व सांसद सुरेंद्र यादव ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद ने अपना कार्य क्षेत्र झांसी को बनाया। झांसी से 15 किलोमीटर उरैया के जंगल में निशानेबाजी की ट्रेनिंग दी। इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में जब अंग्रेजों से मुठभेड़ हुई तो कई पुलिस वालों को मारने के बाद जब गोली समाप्त होने को हुई तो अंग्रेजों के हाथ गिरफ्तार होने के बजाए अपने आप को गोली मार कर समाप्त कर लिया। महिला जिलाध्यक्ष शांती देवी ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद स्वतंत्रता संग्राम के महान योद्धा थे। जिनके नेतृत्व में पूरे देश का नौजवान बहादुरी के साथ अंग्रेजों से लड़ रहा था। इस अवसर पर मृत्युंजय चौबे, अजय सिंह, सुनील पांडेय, शेषनाथ मौर्य, कृष्ण कुमार, शंकर प्रसाद चौरसिया, रामू, रामवचन, सुभाष मौर्य, लक्ष्मी, विनय कुमार समेत अन्य मौजूद रहे।
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जिलाध्यक्ष परवेज खान ने कहा कि देश की आजादी में चंद्रशेखर आजाद ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जब महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन शुरू किया तो उस आंदोलन में 15 वर्ष की अल्पायु में ही आजाद ने हिस्सा लिया। जिसकी वजह से उनकी गिरफ्तारी भी हुई, और उन्हें जेल जाना पड़ा। चंद्रशेेखर आजाद के अंदर देश प्रेम की भावना कूट- कूट कर भरा हुआ था। जिन्होंने कभी भी अंग्रेजों की गुलामी स्वीकार नहीं किया और जब तक जिंदा रहे अंग्रेजो को चंगुल से भारत की मातृ भूमि को स्वतंत्र कराने के लिए प्रयासरत रहे। पूूर्व सांसद सुरेंद्र यादव ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद ने अपना कार्य क्षेत्र झांसी को बनाया। झांसी से 15 किलोमीटर उरैया के जंगल में निशानेबाजी की ट्रेनिंग दी। इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में जब अंग्रेजों से मुठभेड़ हुई तो कई पुलिस वालों को मारने के बाद जब गोली समाप्त होने को हुई तो अंग्रेजों के हाथ गिरफ्तार होने के बजाए अपने आप को गोली मार कर समाप्त कर लिया। महिला जिलाध्यक्ष शांती देवी ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद स्वतंत्रता संग्राम के महान योद्धा थे। जिनके नेतृत्व में पूरे देश का नौजवान बहादुरी के साथ अंग्रेजों से लड़ रहा था। इस अवसर पर मृत्युंजय चौबे, अजय सिंह, सुनील पांडेय, शेषनाथ मौर्य, कृष्ण कुमार, शंकर प्रसाद चौरसिया, रामू, रामवचन, सुभाष मौर्य, लक्ष्मी, विनय कुमार समेत अन्य मौजूद रहे।
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