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Sant Kabir Nagar News: 14 से शुरू होंगे शुभ मुहूर्त, होंगे मांगलिक कार्यक्रम
Fri, 12 Apr 2024 12:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 12 Apr 2024 12:08 AM IST
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- अप्रैल के बाद गुरु ग्रह के अस्त होने से जुलाई में ही सहालग
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। 13 अप्रैल को रात 11 बजकर 19 मिनट पर सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इसी के साथ एक माह से चल रहा खरमास समाप्त हो जाएगा। इसकी समाप्ति के बाद मांगलिक कार्य के लिए शुभ मुहूर्त मिलने शुरू हो जाएंगे।
ज्योतिषाचार्य सुजीत कुमार ने बताया कि हिंदू पंचाग के मुताबिक अप्रैल में सहालग के लिए शुभ मुहूर्त 18, 19, 20, 21, 22, 23, 26 व 28 अप्रैल को है। विवाह के लिए गुरु और शुक्र ग्रह का उदय होना जरूरी होता है। 29 अप्रैल को शुक्र अस्त हो रहे हैं और छह मई को गुरु भी अस्त हो जाएंगे। इस तरह शुक्र व गुरु के अस्त होने के कारण दोबारा मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। ऐसी स्थिति में मई व जून में लगन के लिए मुहूर्त नहीं रहेंगे। दोबारा तीन जून को गुरु व 28 जून को शुक्र उदय होंगे। इसके बाद जुलाई में ही विवाह मुहूर्त मिलेंगे।
ज्योतिषाचार्य का कहना है कि विवाह मुहूर्त में नक्षत्र बल प्राप्त हो। भद्रा न हो व देर रात तक की सहालग सीमित न हो तो वह श्रेष्ठ मानी जाती है। वर-वधू के उज्जवल भविष्य के लिए दोनों कुंडलियों का मिलान आवश्यक है। ज्योतिषाचार्य सुजीत महाराज ने बताया कि ऐसे में लोग शुभ लग्न देखकर ही विवाह करें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। 13 अप्रैल को रात 11 बजकर 19 मिनट पर सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इसी के साथ एक माह से चल रहा खरमास समाप्त हो जाएगा। इसकी समाप्ति के बाद मांगलिक कार्य के लिए शुभ मुहूर्त मिलने शुरू हो जाएंगे।
ज्योतिषाचार्य सुजीत कुमार ने बताया कि हिंदू पंचाग के मुताबिक अप्रैल में सहालग के लिए शुभ मुहूर्त 18, 19, 20, 21, 22, 23, 26 व 28 अप्रैल को है। विवाह के लिए गुरु और शुक्र ग्रह का उदय होना जरूरी होता है। 29 अप्रैल को शुक्र अस्त हो रहे हैं और छह मई को गुरु भी अस्त हो जाएंगे। इस तरह शुक्र व गुरु के अस्त होने के कारण दोबारा मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। ऐसी स्थिति में मई व जून में लगन के लिए मुहूर्त नहीं रहेंगे। दोबारा तीन जून को गुरु व 28 जून को शुक्र उदय होंगे। इसके बाद जुलाई में ही विवाह मुहूर्त मिलेंगे।
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ज्योतिषाचार्य का कहना है कि विवाह मुहूर्त में नक्षत्र बल प्राप्त हो। भद्रा न हो व देर रात तक की सहालग सीमित न हो तो वह श्रेष्ठ मानी जाती है। वर-वधू के उज्जवल भविष्य के लिए दोनों कुंडलियों का मिलान आवश्यक है। ज्योतिषाचार्य सुजीत महाराज ने बताया कि ऐसे में लोग शुभ लग्न देखकर ही विवाह करें।
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