फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   At the age of 14, Ismail fought in the freedom movement.

Sant Kabir Nagar News: 14 साल की उम्र में इस्माइल ने लड़ी थी स्वतंत्रता आंदोलन की लड़ाई

Sun, 13 Aug 2023 11:21 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 13 Aug 2023 11:21 PM IST
विज्ञापन
At the age of 14, Ismail fought in the freedom movement.
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी इस्माइल का पोता सड़क पर ठेला लगाकर सब्जी बेचते हुए।संवाद
मेंहदावल नगर पंचायत के ठाकुरद्वारा वार्ड निवासी थे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी इस्माइल
विज्ञापन

इस्माइल का पोता सब्जी बेचकर परिवार का करता है भरण-पोषण
संवाद न्यूज एजेंसी

मेंहदावल। क्षेत्र की मिट्टी में स्वतंत्रता आंदोलन की यादें समाई हुई हैं। अंग्रेजों से देश को आजाद कराने में यहां के युवाओं ने स्वतंत्रता आंदोलन में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था। देश को आजाद कराने में नगर पंचायत के इस्माइल की अहम भूमिका का गुणगान आज भी क्षेत्र के लोगों की जुबां पर आता है। जिन्होंने 14 वर्ष की अवस्था में अंग्रेजों के विरुद्ध शुरू हुए आंदोलन में अपनी सहभागिता देते हुए देश की आजादी के लिए संघर्ष किया।

मेंहदावल नगर पंचायत के ठाकुरद्वारा वार्ड निवासी इस्माइल 14 वर्ष की अवस्था में अंग्रेजों के विरुद्ध चल रहे आंदोलन में कूद पड़े। वर्ष 1930 में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अंग्रेजों के विरुद्ध बिगुल फूंका। सिद्धार्थनगर जनपद के बांसी के राजा चंगेरा, जो अंग्रेजों के हमदर्द व सिपहसालार थे। उनके विरुद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने बिगुल फूंका। जिसमें स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की गिरफ्तारी हुई। मेंहदावल क्षेत्र के निवासी सेनानी पंडित लालसा प्रसाद मिश्र के इलाहाबाद के नैनी जेल जाने के बाद स्वतंत्रता संग्राम सेनानी इस्माइल ने आंदोलन की कमान संभाली और अंग्रेजी हुकूमत के अत्याचार के विरुद्ध बस्ती जनपद में आंदोलन का नेतृत्व किया। जेल से रिहाई के बाद पंडित लालसा प्रसाद मिश्र उनके भाई श्यामलाल, बंसराज, दिजेंद्र भी आजादी की लड़ाई में कूद पड़े। इस्माइल ने स्वतंत्रता आंदोलन की पंडित लालसा प्रसाद मिश्र के साथ कमान संभाली और 1932 में अंग्रेजों के विरुद्ध लगातार किए जा रहे आंदोलन से क्षुब्ध होकर अंग्रेजों की सरकार ने लालसा प्रसाद मिश्र को पुनः जेल भेज दिया, जबकि इस्माइल फरार हो गए। छह माह जेल में व्यतीत करने के बाद पंडित लालसा प्रसाद रिहा हुए, जबकि उनकी अनुपस्थिति में आंदोलन की कमान इस्माइल संभालते रहे। उन्होंने क्रांतिकारियों को संगठित कर स्वतंत्रता आंदोलन की रफ्तार अंग्रेजों के विरुद्ध तेज कर दी। उन्हें ढूंढने के लिए अंग्रेजी सरकार ने पूरी ताकत लगा दी, लेकिन सफल नहीं हो पाई। 1942 से 1943 तक जेल में भी रहे। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्माइल के पोते जुल्फकार ने कहा कि बाबा की आजादी की लड़ाई तथा अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष का इतिहास जब लोगों की जुबानी हम लोग सुनते हैं तो खुद के ऊपर गर्व महसूस होता है। लेकिन दर्द यह है आजाद भारत में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवार की सुधि कभी सरकारी तंत्र लेने की दिशा में पहल नहीं करता। तमाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजन ऐसे हैं, जो भुखमरी के कगार पर हैं, लेकिन इन्हें सरकारी कोई सुविधा आज तक नसीब नहीं हुए।
विज्ञापन



पोता बेचता है सब्जी
नगर के ठाकुरद्वारा वार्ड निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी इस्माइल का परिवार दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष कर रहा है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का पोता जुल्फाकार परिवार चलाने के लिए ठेला लगाकर पूरे नगर पंचायत में सब्जी बेचता है। अभी तक परिवार टीन शेड में रहता था, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के पोते को पक्का छत नसीब हो गया। आपूर्ति विभाग की लापरवाही के कारण इस परिवार को सफेद कार्ड की जगह लाल कार्ड आज तक नसीब नहीं हो पाया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के पोते जुल्फकार ने बताया कि लाल राशन कार्ड के लिए आपूर्ति विभाग, एसडीएम तथा कोटेदार की गणेश परिक्रमा करते थक गया हूं, लेकिन अब तक सफेद कार्ड की जगह हमारे परिवार को लाल कार्ड नसीब नहीं हो पाया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का परिवार होने के बाद भी किसी सरकारी अफसर ने कभी हम लोगों की सुधि नहीं ली। सुबह से लेकर देर रात तक ठेला लगाकर सब्जी बेचते हैं और परिवार के लिए दो वक्त की रोटी की व्यवस्था करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed