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Sant Kabir Nagar News: आशा कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
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सेमरियावां। उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन के बैनर तले सोमवार को विकासखंड क्षेत्र में कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरियावां पर प्रदर्शन किया। इस दौरान नारेबाजी करते हुए आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार से पूर्व में हुई सहमति के अनुसार मांगों को लागू करने की मांग की।
आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि सात फरवरी को स्वास्थ्य मंत्री और यूनियन पदाधिकारियों के बीच वार्ता में 13 सूत्रीय मांगों पर सहमति बनी थी। कई माह बीतने के बाद भी मांगों को लागू नहीं किया गया। उन्होंने राज्यांश 1,500 रुपये से बढ़ाकर 7,500 रुपये करने, मातृत्व अवकाश देने और जीवन बीमा की राशि दो लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की मांग की।
आशा कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य बीमा के लिए कैशलेस योजना के अतिरिक्त पांच लाख रुपये का प्रावधान करने की भी मांग की। वर्षों से लंबित प्रोत्साहन राशि का पूरा भुगतान करने और प्रोत्साहन राशि का पुनरीक्षण किए जाने की मांग भी उठाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मांगों के समाधान के लिए अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई थी। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद समझौते को लागू करने के लिए अंतिम बैठक होनी थी, लेकिन अब तक बैठक नहीं बुलाई गई।
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आशा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि वर्ष 2018 से आयुष्मान कार्ड और गोल्डन कार्ड बनाने के कार्य में योगदान देने के बावजूद उन्हें अब तक प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया गया है। इसके अलावा टीबी, फाइलेरिया, नसबंदी और कुष्ठ रोग समेत विभिन्न स्वास्थ्य अभियानों की प्रोत्साहन राशि भी लंबित है। उन्होंने अवैध वसूली पर रोक लगाने की मांग की। आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि मांगों का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो 23 अक्तूबर को लखनऊ में महाप्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद उन्होंने चिकित्साधिकारी डॉ. हिमांशु चौधरी को सीएचसी अधीक्षक से संबंधित मांगों का ज्ञापन सौंपा।प्रदर्शन के दौरान अध्यक्ष विजय लक्ष्मी पांडेय, प्रदेश उपाध्यक्ष सरोज यादव, कृष्णा गुप्ता, रामा देवी, सावित्री देवी, पुष्पा देवी, सादिया खातून, किरण कुमारी, बिंदु देवी और माया देवी समेत अन्य आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
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आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि सात फरवरी को स्वास्थ्य मंत्री और यूनियन पदाधिकारियों के बीच वार्ता में 13 सूत्रीय मांगों पर सहमति बनी थी। कई माह बीतने के बाद भी मांगों को लागू नहीं किया गया। उन्होंने राज्यांश 1,500 रुपये से बढ़ाकर 7,500 रुपये करने, मातृत्व अवकाश देने और जीवन बीमा की राशि दो लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की मांग की।
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आशा कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य बीमा के लिए कैशलेस योजना के अतिरिक्त पांच लाख रुपये का प्रावधान करने की भी मांग की। वर्षों से लंबित प्रोत्साहन राशि का पूरा भुगतान करने और प्रोत्साहन राशि का पुनरीक्षण किए जाने की मांग भी उठाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मांगों के समाधान के लिए अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई थी। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद समझौते को लागू करने के लिए अंतिम बैठक होनी थी, लेकिन अब तक बैठक नहीं बुलाई गई।
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आशा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि वर्ष 2018 से आयुष्मान कार्ड और गोल्डन कार्ड बनाने के कार्य में योगदान देने के बावजूद उन्हें अब तक प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया गया है। इसके अलावा टीबी, फाइलेरिया, नसबंदी और कुष्ठ रोग समेत विभिन्न स्वास्थ्य अभियानों की प्रोत्साहन राशि भी लंबित है। उन्होंने अवैध वसूली पर रोक लगाने की मांग की। आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि मांगों का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो 23 अक्तूबर को लखनऊ में महाप्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद उन्होंने चिकित्साधिकारी डॉ. हिमांशु चौधरी को सीएचसी अधीक्षक से संबंधित मांगों का ज्ञापन सौंपा।प्रदर्शन के दौरान अध्यक्ष विजय लक्ष्मी पांडेय, प्रदेश उपाध्यक्ष सरोज यादव, कृष्णा गुप्ता, रामा देवी, सावित्री देवी, पुष्पा देवी, सादिया खातून, किरण कुमारी, बिंदु देवी और माया देवी समेत अन्य आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं।