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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने आंदोलन की चेतावनी दी
Updated Mon, 11 Jan 2016 11:29 PM IST
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इससे स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से बेगार करा रही है। उन्होंने इसके लिए केंद्र व प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए संघर्ष छेड़ने का एलान किया। कहा कि 15 फरवरी को बजट सत्र के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दिल्ली में संयुक्त धरना, प्रदर्शन व रैली कर राज्य कर्मचारी बनाने की मांग करेंगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के मंत्री, सचिव व निदेशक से हुए समझौते को लागू कराने के लिए संघ को आंदोलन करना पड़ रहा है। प्रमुख सचिव के साथ समझौता हुआ कि उत्तर प्रदेश सरकार भी महाराष्ट्र राज्य की तरह आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 5000 रुपये मानदेय देगी, किंतु अभी तक इस पर अमल नहीं किया गया।
प्रदेश महामंत्री नीलम पांडेय ने कहा कि कार्यकर्ता अपने अधिकार हासिल करने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगी। प्रदेश उपाध्यक्ष रतनबाला श्रीवास्तव, प्रदेश संगठन मंत्री प्रभावती देवी, मंडल संरक्षक नरेंद्र देव मिश्र, मंडल अध्यक्ष शिवसागर पांडेय व मंडलीय मंत्री रानी सिंह ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 15 फरवरी को दिल्ली में होने वाली रैली में बड़ी संख्या में पहुंचकर अपनी ताकत का एहसास कराएं।
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मजदूर नेता कामरेड केके श्रीवास्तव व प्रदेश संगठन मंत्री रमा देवी वर्मा ने कहा कि आश्वासन के बाद भी प्रदेश सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढोत्तरी नहीं कर रही है। स्थानीय स्तर भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न किया जा रहा है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सम्मेलन में स्थानीय स्तर की समस्याओं को लेकर 15 सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी के प्रतिनिधि तहसीलदार सदर को दिया।
सम्मेलन में दो वर्षों के लिए जिला कार्यकारिणी का चुनाव मंडल संरक्षक शिव सागर पांडेय की देखरेख में हुआ, जिसमें 17 सदस्यीय टीम गठित की गई। जिसमें जिला संरक्षक अयोध्या प्रसाद, अध्यक्ष मंजू चौधरी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गरिमा सिंह, उपाध्यक्ष नीरू मिश्रा, आशा वर्मा, महामंत्री मोहइया खातून, संयुक्त मंत्री विमला चौधरी, संगठन मंत्री शेष कुमारी, कार्यालय मंत्री उषा मिश्रा, कोषाध्यक्ष बीना मौर्या, प्रचार मंत्री राधिका त्रिपाठी व उषा चौधरी को चुना गया। साथ ही तीन लोगों को कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता प्रदेेश उपाध्यक्ष रतन बाला श्रीवास्तव तथा संचालन कामरेड केके श्रीवास्तव ने किया। जबकि समापन जिला कार्यक्रम अधिकारी अरुण कुमार दुबे ने किया। इस अवसर पर सरस्वती देवी, मकबूल आलम, अयोध्या प्रसाद, प्रेमलता, बनारसी चौधरी, सरिता चौधरी, शीला देवी, विजय लक्ष्मी, जयराम पांडेय, सुधा त्रिपाठी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के मंत्री, सचिव व निदेशक से हुए समझौते को लागू कराने के लिए संघ को आंदोलन करना पड़ रहा है। प्रमुख सचिव के साथ समझौता हुआ कि उत्तर प्रदेश सरकार भी महाराष्ट्र राज्य की तरह आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 5000 रुपये मानदेय देगी, किंतु अभी तक इस पर अमल नहीं किया गया।
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प्रदेश महामंत्री नीलम पांडेय ने कहा कि कार्यकर्ता अपने अधिकार हासिल करने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगी। प्रदेश उपाध्यक्ष रतनबाला श्रीवास्तव, प्रदेश संगठन मंत्री प्रभावती देवी, मंडल संरक्षक नरेंद्र देव मिश्र, मंडल अध्यक्ष शिवसागर पांडेय व मंडलीय मंत्री रानी सिंह ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 15 फरवरी को दिल्ली में होने वाली रैली में बड़ी संख्या में पहुंचकर अपनी ताकत का एहसास कराएं।
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मजदूर नेता कामरेड केके श्रीवास्तव व प्रदेश संगठन मंत्री रमा देवी वर्मा ने कहा कि आश्वासन के बाद भी प्रदेश सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढोत्तरी नहीं कर रही है। स्थानीय स्तर भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न किया जा रहा है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सम्मेलन में स्थानीय स्तर की समस्याओं को लेकर 15 सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी के प्रतिनिधि तहसीलदार सदर को दिया।
सम्मेलन में दो वर्षों के लिए जिला कार्यकारिणी का चुनाव मंडल संरक्षक शिव सागर पांडेय की देखरेख में हुआ, जिसमें 17 सदस्यीय टीम गठित की गई। जिसमें जिला संरक्षक अयोध्या प्रसाद, अध्यक्ष मंजू चौधरी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गरिमा सिंह, उपाध्यक्ष नीरू मिश्रा, आशा वर्मा, महामंत्री मोहइया खातून, संयुक्त मंत्री विमला चौधरी, संगठन मंत्री शेष कुमारी, कार्यालय मंत्री उषा मिश्रा, कोषाध्यक्ष बीना मौर्या, प्रचार मंत्री राधिका त्रिपाठी व उषा चौधरी को चुना गया। साथ ही तीन लोगों को कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता प्रदेेश उपाध्यक्ष रतन बाला श्रीवास्तव तथा संचालन कामरेड केके श्रीवास्तव ने किया। जबकि समापन जिला कार्यक्रम अधिकारी अरुण कुमार दुबे ने किया। इस अवसर पर सरस्वती देवी, मकबूल आलम, अयोध्या प्रसाद, प्रेमलता, बनारसी चौधरी, सरिता चौधरी, शीला देवी, विजय लक्ष्मी, जयराम पांडेय, सुधा त्रिपाठी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।