{"_id":"692f3c6bcb7f7419a50391ae","slug":"along-with-studies-children-will-also-be-proficient-in-cultural-programs-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1040-142174-2025-12-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: पढ़ाई के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी दक्ष होंगे बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: पढ़ाई के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी दक्ष होंगे बच्चे
Wed, 03 Dec 2025 12:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 03 Dec 2025 12:52 AM IST
विज्ञापन
संतकबीरनगर। जिले के 1247 परिषदीय स्कूलों के छात्रों में भाषाई समझ, सांस्कृतिक संवेदनशीलता और बहुभाषीय दक्षता को बढ़ाने के लिए भारतीय भाषा उत्सव मनाया जाएगा। चार से 11 दिसंबर तक चलने वाले कार्यक्रम में स्कूलों में कथा, कविता और संवाद की जीवंत प्रस्तुति होगी। महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने सभी बीएसए को भारतीय भाषा उत्सव आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।
जिले के 1247 परिषदीय स्कूलों में 1.04 लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। छात्रों को पढ़ाई के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दक्ष बनाने के लिए सरकार प्रयासरत है। स्कूलों में अनेक भाषाएं और एक भावना थीम पर भारतीय भाषा उत्सव मनाया जाएगा। इसमें कथा, कविता और संवाद की जीवंत सांस्कृतिक धारा बहेगी। कार्यक्रम में मातृभाषा आधारित शिक्षा, बहुभाषीय सीख और सांस्कृतिक एकत्व को भी स्कूलों में वातावरण में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास है।
बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि परिषदीय स्कूलों में भारतीय भाषा उत्सव चार से 11 दिसंबर तक मनाया जाएगा। चार दिसंबर को स्कूलों में भाषा वृक्ष और भाषाई विरासत वॉल बनाई जाएगी। विद्यार्थी घर, क्षेत्र और देश में बोली जाने वाली भाषाओं का परिचय देंगे। पांच दिसंबर को भाषाओं पर आधारित कविता और संगीत के तहत विभिन्न भाषाओं की कविताओं और गीतों की प्रस्तुति होगी। छह को विभिन्न भारतीय भाषाओं के त्योहारों से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम और भाषाओं की आवाज का पॉडकास्ट होगा।
विज्ञापन
आठ दिसंबर को ''कहावतों में एकता के माध्यम से बच्चों को देशभर की कहावतों में निहित एकता का संदेश समझाया जाएगा, जबकि भाषा मित्र में सहयोग के तहत छात्र-छात्राएं एक-दूसरे की भाषाओं के शब्द सिखाएंगे। नौ दिसंबर को भाषा बंधु पत्र और बहुभाषीय कहानी-शृंखला होगी। 10 को विद्यालयों में भाषा अन्वेषण सक्रिय होंगे, जहां बच्चे खेल, कहानी, शब्द-यात्रा और संवाद आधारित गतिविधियों के माध्यम से भाषाओं की खोज करेंगे। उत्सव का समापन 11 दिसंबर को इंटरेक्टिव भाषा मेला और भाषा-रंगमंच प्रस्तुतियों के साथ होगा।
विज्ञापन
जिले के 1247 परिषदीय स्कूलों में 1.04 लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। छात्रों को पढ़ाई के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दक्ष बनाने के लिए सरकार प्रयासरत है। स्कूलों में अनेक भाषाएं और एक भावना थीम पर भारतीय भाषा उत्सव मनाया जाएगा। इसमें कथा, कविता और संवाद की जीवंत सांस्कृतिक धारा बहेगी। कार्यक्रम में मातृभाषा आधारित शिक्षा, बहुभाषीय सीख और सांस्कृतिक एकत्व को भी स्कूलों में वातावरण में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास है।
विज्ञापन
बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि परिषदीय स्कूलों में भारतीय भाषा उत्सव चार से 11 दिसंबर तक मनाया जाएगा। चार दिसंबर को स्कूलों में भाषा वृक्ष और भाषाई विरासत वॉल बनाई जाएगी। विद्यार्थी घर, क्षेत्र और देश में बोली जाने वाली भाषाओं का परिचय देंगे। पांच दिसंबर को भाषाओं पर आधारित कविता और संगीत के तहत विभिन्न भाषाओं की कविताओं और गीतों की प्रस्तुति होगी। छह को विभिन्न भारतीय भाषाओं के त्योहारों से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम और भाषाओं की आवाज का पॉडकास्ट होगा।
विज्ञापन
आठ दिसंबर को ''कहावतों में एकता के माध्यम से बच्चों को देशभर की कहावतों में निहित एकता का संदेश समझाया जाएगा, जबकि भाषा मित्र में सहयोग के तहत छात्र-छात्राएं एक-दूसरे की भाषाओं के शब्द सिखाएंगे। नौ दिसंबर को भाषा बंधु पत्र और बहुभाषीय कहानी-शृंखला होगी। 10 को विद्यालयों में भाषा अन्वेषण सक्रिय होंगे, जहां बच्चे खेल, कहानी, शब्द-यात्रा और संवाद आधारित गतिविधियों के माध्यम से भाषाओं की खोज करेंगे। उत्सव का समापन 11 दिसंबर को इंटरेक्टिव भाषा मेला और भाषा-रंगमंच प्रस्तुतियों के साथ होगा।