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Sant Kabir Nagar News: गैस सिलिंडर दूसरे को देने पर एजेंसी पर 20 हजार रुपये क्षतिपूर्ति
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संतकबीरनगर। बुक किया गया गैस सिलिंडर किसी अन्य व्यक्ति को सुपुर्द करना गैस वितरक को महंगा पड़ गया। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह और महिला सदस्य संतोष ने मामले में गैस एजेंसी के खिलाफ फैसला सुनाते हुए 60 दिन के भीतर उपभोक्ता को भरा सिलिंडर उपलब्ध कराने और 20 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। मामला अमथरी इंडेन ग्रामीण वितरक सांथा से जुड़ा है।
मेंहदावल थाना क्षेत्र के बाराखाल गांव निवासी अनिल कुमार ने अद्विक लीगल कंसल्टेंसी के माध्यम से जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दाखिल किया था। उन्होंने बताया कि वह अमथरी इंडेन ग्रामीण वितरक सांथा के वैध घरेलू गैस कनेक्शनधारक हैं। आठ मार्च को उन्होंने अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से वितरक के अधिकृत मोबाइल नंबर पर गैस सिलिंडर बुक कराया था। बुकिंग की पुष्टि के बाद उन्हें डीएसी नंबर का मैसेज भी मिला।
अनिल के अनुसार, 13 मार्च को उनके मोबाइल पर सिलिंडर की आपूर्ति होने का संदेश आया, जबकि उन्हें सिलिंडर मिला ही नहीं था। इस संबंध में गैस वितरक से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। गैस की आपूर्ति नहीं होने के कारण उन्हें लकड़ी के चूल्हे पर खाना पकाना पड़ा। इसके बाद आईजीआरएस पोर्टल पर भी शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
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मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने पत्रावली में दाखिल दस्तावेजों और साक्ष्यों का अवलोकन किया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आयोग ने गैस वितरक को आदेश दिया कि वह 60 दिन के भीतर अनिल से खाली सिलिंडर लेकर भरा हुआ सिलिंडर उपलब्ध कराए। इसके साथ ही 20 हजार रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में अदा करने का भी निर्देश दिया गया है।
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मेंहदावल थाना क्षेत्र के बाराखाल गांव निवासी अनिल कुमार ने अद्विक लीगल कंसल्टेंसी के माध्यम से जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दाखिल किया था। उन्होंने बताया कि वह अमथरी इंडेन ग्रामीण वितरक सांथा के वैध घरेलू गैस कनेक्शनधारक हैं। आठ मार्च को उन्होंने अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से वितरक के अधिकृत मोबाइल नंबर पर गैस सिलिंडर बुक कराया था। बुकिंग की पुष्टि के बाद उन्हें डीएसी नंबर का मैसेज भी मिला।
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अनिल के अनुसार, 13 मार्च को उनके मोबाइल पर सिलिंडर की आपूर्ति होने का संदेश आया, जबकि उन्हें सिलिंडर मिला ही नहीं था। इस संबंध में गैस वितरक से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। गैस की आपूर्ति नहीं होने के कारण उन्हें लकड़ी के चूल्हे पर खाना पकाना पड़ा। इसके बाद आईजीआरएस पोर्टल पर भी शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
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मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने पत्रावली में दाखिल दस्तावेजों और साक्ष्यों का अवलोकन किया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आयोग ने गैस वितरक को आदेश दिया कि वह 60 दिन के भीतर अनिल से खाली सिलिंडर लेकर भरा हुआ सिलिंडर उपलब्ध कराए। इसके साथ ही 20 हजार रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में अदा करने का भी निर्देश दिया गया है।