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दो बार के झटके के बाद मिली खुशी
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Fri, 25 Mar 2016 11:40 PM IST
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सुबोध ।
- फोटो : अंबरीश मिश्रा
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समाजवादी पार्टी ने 2017 के विधान सभा चुनाव के लिए खलीलाबाद सीट से पूर्व सांसद भालचंद यादव के बेटे सुबोध यादव को प्रत्याशी घोषित किया है। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए बड़े बेटे को और अपने चहेतों को प्रमुख का टिकट दिला पाने में असफल रहे पूर्व सांसद को काफी झटका लगा था। इधर विधान सभा के लिए प्रत्याशियों की जारी हुई सूची में पूर्व सांसद के छोटे बेटे को खलीलाबाद से प्रत्याशी बनाए जाने की सूचना पर उनके समर्थकों में खुशी का माहौल कायम हो गया। पूर्व सांसद ने बेटे के टिकट मिलने की जानकारी दी और पार्टी हाईकमान के प्रति आभार जताया।
पूर्व सांसद भाल चंद यादव खलीलाबाद से दो बार सांसद रह चुके है। जबकि उनके बड़े बेटे प्रमोद यादव सिद्घार्थनगर जिले से बसपा के टिकट पर जिला पंचायत अध्यक्ष चुने गए थे। जबकि वर्ष 2012 के विधान सभा चुनाव में पूर्व सांसद के छोटे बेटे सुबोध यादव बसपा के टिकट से सिद्घार्थनगर जिले की इटवा विधान सभा सीट से सपा प्रत्याशी रहे विधान सभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय के खिलाफ चुनाव लड़े थे। जिसमें सुबोध को हार का सामना करना पड़ा था। वर्ष 2012 में जब सपा सत्ता में आई तो अविश्वास प्रस्ताव के जरिए उनके बेटे प्रमोद यादव का जिला पंचायत अध्यक्ष का पद भी छीन गया। लोक सभा चुनाव में पूर्व सांसद भालचंद यादव को सपा ने संतकबीरनगर संसदीय क्षेत्र से अपना प्रत्याशी बनाया। जिसमें पूर्व सांसद को भी हार नसीब हुई। 2015 के पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सदस्य पर उनके बड़े बेटे प्रमोद यादव और पुत्रबहू ऊषा यादव चुनाव लड़ी।
बेटे और पुत्र बधु दोनों को जिला पंचायत सदस्य पद पर जीत मिली। पूर्व सांसद ने बेटे प्रमोद यादव के लिए संतकबीरनगर सीट से जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए पार्टी हाईकमान से टिकट मांगा,लेकिन टिकट उनके बेटे को नहीं मिला। सपा ने संतोष यादव को जिला पंचायत अध्यक्ष का टिकट दिया और वह निर्विरोध निर्वाचित हुए।
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बाद में प्रमुख पद पर हुए चुनाव में हैंसर से अपने काफी नजदीकी रहे पूर्व ब्लॉक प्रमुख राम अशीष यादव और खलीलाबाद से वृजभूषण पांडेय के बेटे मनमोहन पांडेय के लिए टिकट मांगा,लेकिन उनके चेहेतों को पार्टी ने टिकट नहीं दिया। हैंसर से पूर्व विधायक राजेद्र सिंह उर्फ पहलवान सिंह के बेटे प्रिंस अगम सिंह और खलीलाबाद से सपा के कद्दावर नेता जयराम पांडेय के रिश्तेदार मनोज राय को पार्टी ने प्रत्याशी बनाया और दोनों प्रत्याशियों को जीत मिली।
जिला पंचायत अध्यक्ष का बेटे को टिकट न दिला पाने और चहेते को भी टिकट न मिलने और उनकी करारी हार के बाद पूर्व सांसद की पार्टी में काफी किरकिरी हुई। मगर पार्टी हाईकमान ने एक बार फिर पूर्व सांसद की साख पर भरोसा जताते हुए उनके छोटे बेटे सुबोध यादव को खलीलाबाद विधान सभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया है। जबकि वर्ष 2012 के विधान सभा चुनाव में खलीलाबाद सीट से सपा से पूर्व विधायक अब्दुल कलाम चुनाव लड़े थे और उन्हें हार मिली थी। जबकि पीस पार्टी के विधायक डॉक्टर मोहम्मद अयूब को इस सीट से जीत हासिल हुई थी। पूर्व सांसद भाल चंद यादव ने बताया कि बेटे को टिकट देकर पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव तथा राम गोपाल यादव ने जो भरोसा जताया है ,उसे कायम रखेंगे।
खाद्य रसद राज्य मंत्री लक्ष्मी कांत उर्फ पप्पू निषाद ने कहा कि पार्टी हाईकमान का निर्णय सभी कार्यकर्ताओं को सर्वमान्य है। प्रदेश संगठन का जो निर्देश होगा,उसी के अनुसार कार्य किया जाएगा, जबकि पार्टी के जिलाध्यक्ष राम नरायन यादव ने सूची जारी होने और पूर्व सांसद के बेटे को टिकट मिलने के बारे में कोई जानकारी न होने की बात बताई। पूर्व सांसद के बेटे को टिकट मिलने पर पूर्व प्रमुख रामअशीष यादव,इंदल यादव,पूर्व जिलाध्यक्ष गौहर अली खां, ब्रहमशंकर भारती, वृजभूषण पांडेय, राम मिलन यादव आदि ने बधाई दी।
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पूर्व सांसद भाल चंद यादव खलीलाबाद से दो बार सांसद रह चुके है। जबकि उनके बड़े बेटे प्रमोद यादव सिद्घार्थनगर जिले से बसपा के टिकट पर जिला पंचायत अध्यक्ष चुने गए थे। जबकि वर्ष 2012 के विधान सभा चुनाव में पूर्व सांसद के छोटे बेटे सुबोध यादव बसपा के टिकट से सिद्घार्थनगर जिले की इटवा विधान सभा सीट से सपा प्रत्याशी रहे विधान सभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय के खिलाफ चुनाव लड़े थे। जिसमें सुबोध को हार का सामना करना पड़ा था। वर्ष 2012 में जब सपा सत्ता में आई तो अविश्वास प्रस्ताव के जरिए उनके बेटे प्रमोद यादव का जिला पंचायत अध्यक्ष का पद भी छीन गया। लोक सभा चुनाव में पूर्व सांसद भालचंद यादव को सपा ने संतकबीरनगर संसदीय क्षेत्र से अपना प्रत्याशी बनाया। जिसमें पूर्व सांसद को भी हार नसीब हुई। 2015 के पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सदस्य पर उनके बड़े बेटे प्रमोद यादव और पुत्रबहू ऊषा यादव चुनाव लड़ी।
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बेटे और पुत्र बधु दोनों को जिला पंचायत सदस्य पद पर जीत मिली। पूर्व सांसद ने बेटे प्रमोद यादव के लिए संतकबीरनगर सीट से जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए पार्टी हाईकमान से टिकट मांगा,लेकिन टिकट उनके बेटे को नहीं मिला। सपा ने संतोष यादव को जिला पंचायत अध्यक्ष का टिकट दिया और वह निर्विरोध निर्वाचित हुए।
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बाद में प्रमुख पद पर हुए चुनाव में हैंसर से अपने काफी नजदीकी रहे पूर्व ब्लॉक प्रमुख राम अशीष यादव और खलीलाबाद से वृजभूषण पांडेय के बेटे मनमोहन पांडेय के लिए टिकट मांगा,लेकिन उनके चेहेतों को पार्टी ने टिकट नहीं दिया। हैंसर से पूर्व विधायक राजेद्र सिंह उर्फ पहलवान सिंह के बेटे प्रिंस अगम सिंह और खलीलाबाद से सपा के कद्दावर नेता जयराम पांडेय के रिश्तेदार मनोज राय को पार्टी ने प्रत्याशी बनाया और दोनों प्रत्याशियों को जीत मिली।
जिला पंचायत अध्यक्ष का बेटे को टिकट न दिला पाने और चहेते को भी टिकट न मिलने और उनकी करारी हार के बाद पूर्व सांसद की पार्टी में काफी किरकिरी हुई। मगर पार्टी हाईकमान ने एक बार फिर पूर्व सांसद की साख पर भरोसा जताते हुए उनके छोटे बेटे सुबोध यादव को खलीलाबाद विधान सभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया है। जबकि वर्ष 2012 के विधान सभा चुनाव में खलीलाबाद सीट से सपा से पूर्व विधायक अब्दुल कलाम चुनाव लड़े थे और उन्हें हार मिली थी। जबकि पीस पार्टी के विधायक डॉक्टर मोहम्मद अयूब को इस सीट से जीत हासिल हुई थी। पूर्व सांसद भाल चंद यादव ने बताया कि बेटे को टिकट देकर पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव तथा राम गोपाल यादव ने जो भरोसा जताया है ,उसे कायम रखेंगे।
खाद्य रसद राज्य मंत्री लक्ष्मी कांत उर्फ पप्पू निषाद ने कहा कि पार्टी हाईकमान का निर्णय सभी कार्यकर्ताओं को सर्वमान्य है। प्रदेश संगठन का जो निर्देश होगा,उसी के अनुसार कार्य किया जाएगा, जबकि पार्टी के जिलाध्यक्ष राम नरायन यादव ने सूची जारी होने और पूर्व सांसद के बेटे को टिकट मिलने के बारे में कोई जानकारी न होने की बात बताई। पूर्व सांसद के बेटे को टिकट मिलने पर पूर्व प्रमुख रामअशीष यादव,इंदल यादव,पूर्व जिलाध्यक्ष गौहर अली खां, ब्रहमशंकर भारती, वृजभूषण पांडेय, राम मिलन यादव आदि ने बधाई दी।