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Sant Kabir Nagar News: अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का किया बहिष्कार, साैंपा ज्ञापन
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एडीएम को ज्ञापन सौंपने जाते अधिवक्ता। संवाद
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संतकबीरनगर। कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन खलीलाबाद की बैठक में इलाहाबाद हाईकोर्ट की एकल पीठ द्वारा पारित आदेश पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया।
बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर बार काउंसिल ऑफ इंडिया एवं उत्तर प्रदेश बार काउंसिल से अधिवक्ताओं के संवैधानिक और विधिक अधिकारों की रक्षा के लिए तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की गई। इसके बाद एक ज्ञापन एडीएम सत्य प्रकाश को दिया गया।
बैठक की अध्यक्षता रविन्द्रनाथ पांडेय अध्यक्ष, कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन ने की। उन्होंने कहा कि न्यायालय के कुछ निर्देशों से प्रदेश के अधिवक्ता समाज में असंतोष है। अधिवक्ताओं का मत है कि इन निर्देशों का प्रभाव अधिवक्ताओं की स्वतंत्र प्रैक्टिस, बार की स्वायत्तता और न्यायिक प्रक्रिया पर पड़ सकता है।
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बैठक में अधिवक्ताओं ने कहा कि किसी भी अधिवक्ता के विरुद्ध बिना पक्ष सुने इस प्रकार के निर्देश प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। साथ ही मुकदमों के स्थानांतरण और अधिवक्ताओं की प्रैक्टिस से जुड़े मामलों में विधिक प्रक्रिया का पालन आवश्यक बताया गया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे और इस संबंध में ज्ञापन बार काउंसिल ऑफ इंडिया, उत्तर प्रदेश बार काउंसिल एवं संबंधित अधिकारियों को भेजा जाएगा।
इस अवसर पर कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन के महामंत्री नन्हेलाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश्वर राव, उपाध्यक्ष रामशंकर मणि, कनिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेन्द्र पाठक, संयुक्त मंत्री संजीव कुमार, आनंद वीर मिश्र, इंद्रजीत यादव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
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बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर बार काउंसिल ऑफ इंडिया एवं उत्तर प्रदेश बार काउंसिल से अधिवक्ताओं के संवैधानिक और विधिक अधिकारों की रक्षा के लिए तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की गई। इसके बाद एक ज्ञापन एडीएम सत्य प्रकाश को दिया गया।
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बैठक की अध्यक्षता रविन्द्रनाथ पांडेय अध्यक्ष, कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन ने की। उन्होंने कहा कि न्यायालय के कुछ निर्देशों से प्रदेश के अधिवक्ता समाज में असंतोष है। अधिवक्ताओं का मत है कि इन निर्देशों का प्रभाव अधिवक्ताओं की स्वतंत्र प्रैक्टिस, बार की स्वायत्तता और न्यायिक प्रक्रिया पर पड़ सकता है।
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बैठक में अधिवक्ताओं ने कहा कि किसी भी अधिवक्ता के विरुद्ध बिना पक्ष सुने इस प्रकार के निर्देश प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। साथ ही मुकदमों के स्थानांतरण और अधिवक्ताओं की प्रैक्टिस से जुड़े मामलों में विधिक प्रक्रिया का पालन आवश्यक बताया गया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे और इस संबंध में ज्ञापन बार काउंसिल ऑफ इंडिया, उत्तर प्रदेश बार काउंसिल एवं संबंधित अधिकारियों को भेजा जाएगा।
इस अवसर पर कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन के महामंत्री नन्हेलाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश्वर राव, उपाध्यक्ष रामशंकर मणि, कनिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेन्द्र पाठक, संयुक्त मंत्री संजीव कुमार, आनंद वीर मिश्र, इंद्रजीत यादव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।