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Sant Kabir Nagar News: बिना पूर्व सूचना के नोटिस चस्पा करने का आरोप, व्यापारी भड़के
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संतकबीरनगर। जिला पंचायत द्वारा व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर बिना पूर्व सूचना के संपत्ति कर संबंधी नोटिस चस्पा किए जाने से व्यापारियों में नाराजगी देखी गई। इस मुद्दे को लेकर शनिवार को व्यापारियों ने जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान व्यापारियों और अधिकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के नेतृत्व में सौंपे ज्ञापन में वर्ष 2024-25 के लिए जारी किए गए नोटिस को निरस्त करने की मांग की गई। व्यापारियों का कहना है कि जिला पंचायत प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना, बातचीत अथवा बैठक के सीधे दुकानों पर नोटिस चस्पा कर दी, जिससे व्यापारी समाज में असमंजस और आक्रोश है।
प्रदेश महामंत्री बनार्जी लाल अग्रहरि ने कहा कि जनपद के विभिन्न बाजारों में शुल्क वसूली से संबंधित नोटिस लगाए गए हैं, जबकि इस संबंध में व्यापारियों को पहले कोई जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला पंचायत के अधिकारियों ने व्यापारियों से संवाद स्थापित किए बिना एकतरफा कार्रवाई की है, जो उचित नहीं है।
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उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार का शुल्क निर्धारित किया गया था तो उसकी जानकारी व्यापारियों को समय रहते दी जानी चाहिए थी। अचानक नोटिस चस्पा किए जाने से दुकानदारों को अनावश्यक मानसिक दबाव और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जिलाध्यक्ष कपीस चंद्र अग्रहरि ने जिला पंचायत प्रशासन से मांग की है कि जारी किए गए सभी नोटिस तत्काल प्रभाव से वापस लिए जाएं तथा व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों और दुकानदारों के साथ बैठक कर आपसी सहमति से समाधान निकाला जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश मंत्री रामअजोर कसौधन, जिला वरिष्ठ महामंत्री श्रीधर अग्रहरि, जिला उपाध्यक्ष इसरार अहमद, दिलीप अग्रहरि, सत्यानंद अग्रहरि, विनोद कुमार अग्रहरि, सुनील कुमार अग्रहरि, दिलीप कुमार अग्रहरि सहित व्यापार मंडल के अनेक पदाधिकारी एवं व्यापारी मौजूद रहे।
व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो व्यापक स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
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उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के नेतृत्व में सौंपे ज्ञापन में वर्ष 2024-25 के लिए जारी किए गए नोटिस को निरस्त करने की मांग की गई। व्यापारियों का कहना है कि जिला पंचायत प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना, बातचीत अथवा बैठक के सीधे दुकानों पर नोटिस चस्पा कर दी, जिससे व्यापारी समाज में असमंजस और आक्रोश है।
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प्रदेश महामंत्री बनार्जी लाल अग्रहरि ने कहा कि जनपद के विभिन्न बाजारों में शुल्क वसूली से संबंधित नोटिस लगाए गए हैं, जबकि इस संबंध में व्यापारियों को पहले कोई जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला पंचायत के अधिकारियों ने व्यापारियों से संवाद स्थापित किए बिना एकतरफा कार्रवाई की है, जो उचित नहीं है।
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उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार का शुल्क निर्धारित किया गया था तो उसकी जानकारी व्यापारियों को समय रहते दी जानी चाहिए थी। अचानक नोटिस चस्पा किए जाने से दुकानदारों को अनावश्यक मानसिक दबाव और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जिलाध्यक्ष कपीस चंद्र अग्रहरि ने जिला पंचायत प्रशासन से मांग की है कि जारी किए गए सभी नोटिस तत्काल प्रभाव से वापस लिए जाएं तथा व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों और दुकानदारों के साथ बैठक कर आपसी सहमति से समाधान निकाला जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश मंत्री रामअजोर कसौधन, जिला वरिष्ठ महामंत्री श्रीधर अग्रहरि, जिला उपाध्यक्ष इसरार अहमद, दिलीप अग्रहरि, सत्यानंद अग्रहरि, विनोद कुमार अग्रहरि, सुनील कुमार अग्रहरि, दिलीप कुमार अग्रहरि सहित व्यापार मंडल के अनेक पदाधिकारी एवं व्यापारी मौजूद रहे।
व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो व्यापक स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।