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आमी महोत्सव का समापन
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आमी नदी को राष्ट्रीय धरोहर घोषित कराने का लिया संकल्प
बेलहर (संतकबीरनगर)। आमी नदी के तट पर पड़रिया-देवपुर में सोमवार रात दो दिवसीय आमी महोत्सव का विधिवत समापन हुआ। इस दौरान कार्यक्रम में पहुंचे लोगों ने आमी नदी को राष्ट्रीय धरोहर घोषित कराने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के समापन पर गायक आकाश यादव आंबेडकरवादी, संगीतकार अमन कुमार, मोहित कुमार बौद्ध, सोना रानी, बबलू, बांकेलाल, विकाऊ ने आमी आरती प्रस्तुत की। इसके बाद एक-एक कर भक्ति गीतों को प्रस्तुत किया गया। वहीं, लोगों ने खूब लुत्फ उठाया। कार्यक्रम के समापन पर सरवर सिद्दीकी ने कहा कि अगले वर्ष भव्य आमी महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आमी नदी के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने व इसके संरक्षण के लिए सात वर्ष पहले आमी महोत्सव की शुरुआत हुई थी। यह नदी भगवान बुद्ध के निकट रही है। महान संत कबीरदास के अंतिम काल की गवाह भी आमी नदी ही है, लेकिन विगत दो वर्षों से आमी में उद्योगों से निकले अपशिष्ट रासायनिक पदार्थों की वजह से नदी अंतिम सांस ले रही है।
उन्होंने कहा कि सरकारों की अनदेखी की वजह से ही आमी को बचाने का संकल्प लिया गया। आमी महोत्सव के जिलाध्यक्ष छवि राज यादव ने बुद्ध व कबीर दास के विचारों पर आधारित दोहे व अर्थ बताया। कार्यक्रम के आयोजक रामनारायन यादव ने कार्यक्रम में आए लोगों का आभार जताया। इस दौरान ग्राम प्रधान जोखन प्रसाद चौधरी, कमलेश यादव, घनश्याम, कुंवरजीत सिंह, बाबूलाल, आरती गौतम, जयराम गौतम, प्रभा यादव, मालती आदि लोग मौजूद रहे।
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बेलहर (संतकबीरनगर)। आमी नदी के तट पर पड़रिया-देवपुर में सोमवार रात दो दिवसीय आमी महोत्सव का विधिवत समापन हुआ। इस दौरान कार्यक्रम में पहुंचे लोगों ने आमी नदी को राष्ट्रीय धरोहर घोषित कराने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के समापन पर गायक आकाश यादव आंबेडकरवादी, संगीतकार अमन कुमार, मोहित कुमार बौद्ध, सोना रानी, बबलू, बांकेलाल, विकाऊ ने आमी आरती प्रस्तुत की। इसके बाद एक-एक कर भक्ति गीतों को प्रस्तुत किया गया। वहीं, लोगों ने खूब लुत्फ उठाया। कार्यक्रम के समापन पर सरवर सिद्दीकी ने कहा कि अगले वर्ष भव्य आमी महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आमी नदी के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने व इसके संरक्षण के लिए सात वर्ष पहले आमी महोत्सव की शुरुआत हुई थी। यह नदी भगवान बुद्ध के निकट रही है। महान संत कबीरदास के अंतिम काल की गवाह भी आमी नदी ही है, लेकिन विगत दो वर्षों से आमी में उद्योगों से निकले अपशिष्ट रासायनिक पदार्थों की वजह से नदी अंतिम सांस ले रही है।
उन्होंने कहा कि सरकारों की अनदेखी की वजह से ही आमी को बचाने का संकल्प लिया गया। आमी महोत्सव के जिलाध्यक्ष छवि राज यादव ने बुद्ध व कबीर दास के विचारों पर आधारित दोहे व अर्थ बताया। कार्यक्रम के आयोजक रामनारायन यादव ने कार्यक्रम में आए लोगों का आभार जताया। इस दौरान ग्राम प्रधान जोखन प्रसाद चौधरी, कमलेश यादव, घनश्याम, कुंवरजीत सिंह, बाबूलाल, आरती गौतम, जयराम गौतम, प्रभा यादव, मालती आदि लोग मौजूद रहे।
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