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कचहरी परिसर में गंदगी और जलभराव से बढ़ी परेशानी
Sant kabir nagar
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:30 AM IST
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संतकबीरनगर। एक तरफ जहां देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वच्छ भारत का सपना देखा है वही खलीलाबाद कचहरी परिसर में इन दिनों गंदगी की भरमार है। स्थानीय स्तर के अधिकारी उनके सपनों को साकार करने के लिए कोई पहल करते नजर नहीं आ रहे है। कचहरी परिसर में कही भी कूड़ेदान की व्यवस्था नहीं है। हल्की बारिश के बाद जल जमाव की स्थिति पैदा हो जाती है। परिसर में हर तरफ गंदगी फैली हुई है। एसडीएम, तहसीलदार कोर्ट के अलावा दीवानी न्यायालय भी उसी परिसर में स्थापित है। अधिवक्ताओं के अलावा काफी संख्या में प्रतिदिन फरियादी यहां आते है। इस समस्या पर जब कुछ अधिवक्ताओं से बातचीत की गई तो उनके विचार कुछ यूं रहे.......
इंसेट
नहीं उठाया जा रहा समुचित कदम
दो अक्टूबर के उपलक्ष्य नरेंद्र मोदी के चलाए गए स्वच्छता अभियान के बाद भी कचहरी परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। स्थानीय प्रशासन इस संबंध में कोई समुचित कदम नही उठाया जा रहा है। तहसील परिसर में सड़काें की स्थिति अत्यंत जर्जर हैं। थोड़ी सी बरसात होने पर जल जमाव हो जाता है, लेकिन तहसील प्रशासन इसके प्रति गंभीर नही हैं
मधुसूदन धर दूबे, अधिवक्ता
परिसर में गंदा पानी जमा होता है
बारिश के मौसम में परिसर में गंदा पानी जमा हो जाता है। छुट्टा पशुओं के कारण अधिवक्ताओं व वादियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रशासन इस समस्या को जानते हुए भी अनभिज्ञ बना हुआ है।
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दिग्विजयनाथ मिश्र, अधिवक्ता
प्रशासन सिर्फ आश्वासन देता है
कचहरी परिसर में चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हैं कई बार स्थानीय प्रशासन से साफ-सफाई के लिए अनुरोध किया गया किंतु प्रशासन ने कोई कार्रवाई नही की। परिसर में दिन में मच्छरों का प्रकोप रहता है और नगर तहसील प्रशासन चुप है।
अरुण कुमार सिंह, अधिवक्ता
पीएम की तरह अधिकारी भी करे पहल
कचहरी परिसर में काफी संख्या में लोग आते जाते है। गंदगी व्याप्त होने से उन्हें असुविधा होती है तथा रोग्रस्त हो जाते है। प्रधानमंत्री द्वारा स्वच्छ भारत अभियान के शुरुआत के बाद अधिकारियों को पहल कर इसकी सफाई करानी चाहिए।
विशाल श्रीवास्तव, अधिवक्ता
परिसर में सड़क के नाम पर गड्ढे
दीवानी न्यायालय स्थापित हुए छह साल हो गए, किंतु न्यायालय परिसर में साफ सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। परिसर में सड़क के नाम पर सिर्फ गड्ढे हैं। तहसील गेट से लेकर जिलापूर्ति कार्यालय तक सड़क खराब है लेकिन तहसील प्रशासन का ध्यान इस तरफ नही जा रहा है।
प्रदीप प्रजापति, अधिवक्ता
कचहरी परिसर में पांच राजस्व न्यायालयों के अलावा पांच दीवानी न्यायालय भी है। खलीलाबाद तहसील में स्वीपर के दो पद स्वीकृत है। एक स्वीपर के सेवानिवृत्ति के बाद नई नियुक्ति नहीं हुई है। सीमित संसाधन के बावजूद सफाई पर ध्यान दिए जाने का पूरा प्रयास किया जाता है।
अरविंद सिंह, तहसीलदार, खलीलाबाद
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नहीं उठाया जा रहा समुचित कदम
दो अक्टूबर के उपलक्ष्य नरेंद्र मोदी के चलाए गए स्वच्छता अभियान के बाद भी कचहरी परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। स्थानीय प्रशासन इस संबंध में कोई समुचित कदम नही उठाया जा रहा है। तहसील परिसर में सड़काें की स्थिति अत्यंत जर्जर हैं। थोड़ी सी बरसात होने पर जल जमाव हो जाता है, लेकिन तहसील प्रशासन इसके प्रति गंभीर नही हैं
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मधुसूदन धर दूबे, अधिवक्ता
परिसर में गंदा पानी जमा होता है
बारिश के मौसम में परिसर में गंदा पानी जमा हो जाता है। छुट्टा पशुओं के कारण अधिवक्ताओं व वादियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रशासन इस समस्या को जानते हुए भी अनभिज्ञ बना हुआ है।
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दिग्विजयनाथ मिश्र, अधिवक्ता
प्रशासन सिर्फ आश्वासन देता है
कचहरी परिसर में चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हैं कई बार स्थानीय प्रशासन से साफ-सफाई के लिए अनुरोध किया गया किंतु प्रशासन ने कोई कार्रवाई नही की। परिसर में दिन में मच्छरों का प्रकोप रहता है और नगर तहसील प्रशासन चुप है।
अरुण कुमार सिंह, अधिवक्ता
पीएम की तरह अधिकारी भी करे पहल
कचहरी परिसर में काफी संख्या में लोग आते जाते है। गंदगी व्याप्त होने से उन्हें असुविधा होती है तथा रोग्रस्त हो जाते है। प्रधानमंत्री द्वारा स्वच्छ भारत अभियान के शुरुआत के बाद अधिकारियों को पहल कर इसकी सफाई करानी चाहिए।
विशाल श्रीवास्तव, अधिवक्ता
परिसर में सड़क के नाम पर गड्ढे
दीवानी न्यायालय स्थापित हुए छह साल हो गए, किंतु न्यायालय परिसर में साफ सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। परिसर में सड़क के नाम पर सिर्फ गड्ढे हैं। तहसील गेट से लेकर जिलापूर्ति कार्यालय तक सड़क खराब है लेकिन तहसील प्रशासन का ध्यान इस तरफ नही जा रहा है।
प्रदीप प्रजापति, अधिवक्ता
कचहरी परिसर में पांच राजस्व न्यायालयों के अलावा पांच दीवानी न्यायालय भी है। खलीलाबाद तहसील में स्वीपर के दो पद स्वीकृत है। एक स्वीपर के सेवानिवृत्ति के बाद नई नियुक्ति नहीं हुई है। सीमित संसाधन के बावजूद सफाई पर ध्यान दिए जाने का पूरा प्रयास किया जाता है।
अरविंद सिंह, तहसीलदार, खलीलाबाद