{"_id":"66-74745","slug":"Sant-kabir-nagar-74745-66","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिलाओं ने जिलेभर में किया प्रदर्शन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिलाओं ने जिलेभर में किया प्रदर्शन
Sant kabir nagar
Updated Tue, 22 Oct 2013 05:39 AM IST
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संतकबीरनगर। खुले में शौच से मुक्ति अभियान को लेकर विकास खंड खलीलाबाद के 20 ग्राम पंचायताें की महिला अधिकार संगठनों ने डीएम कार्यालय समेत सीडीओ, बीडीओ कार्यालय और खलीलाबाद शहर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान लोगों से स्वच्छता अभियान को सफल बनाने की अपील किया गया। इस दौरान महिलाओं ने अधिकारियों को एक ज्ञापन भी दिया।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं को नेतृत्व का रहे डॉक्टर आरके प्रसाद ने कहा कि यूनिसेफ के सर्वे के अनुसार पूरे दुनिया में 110 करोड़ लोग खुले में शौच करते है। उसमें से 63 करोड़ लोग भारत में है। देश को आजाद हुए 66 वर्ष बीत गए है लेकिन खुले में शौच से मुक्ति के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए। अगर ईमानदारी से इस ज्वलंत समस्या का समाधान करने का प्रयास किया गया होता तो आज हमे अपील करने की जरूरत ही नहीं पड़ती। आजादी के बाद से नाम बदल बदल कर खुले में शौच से मुक्ति के प्रयास किए जा रहे है लेकिन मन में खोट के कारण शौचालयों के आवंटित धनराशि का दुरुपयोग हो रहा है। सरकार को गांवों में निर्मल भारत अभियान चलाकर इस जटिल समस्या का समाधान करना चाहिए। प्रदर्शन में सरही, सरौली, मैलानी, बन्हैयता, चकपिहानी, जंगल ऊन गांव की महिलाए शामिल रही। इस अवसर पर रामचंद्र प्रसाद, राजू, अख्तरून निशा, शीला, सीमा, सरिता, प्रेमशीला, संतरा, च्रंदमती, चंद्रकला, मीरा, मालती, अशर्फी देवी, ज्योति, विद्यावती, ऊषा सहित अन्य महिलाएं शामिल रहीं।
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प्रदर्शन कर रही महिलाओं को नेतृत्व का रहे डॉक्टर आरके प्रसाद ने कहा कि यूनिसेफ के सर्वे के अनुसार पूरे दुनिया में 110 करोड़ लोग खुले में शौच करते है। उसमें से 63 करोड़ लोग भारत में है। देश को आजाद हुए 66 वर्ष बीत गए है लेकिन खुले में शौच से मुक्ति के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए। अगर ईमानदारी से इस ज्वलंत समस्या का समाधान करने का प्रयास किया गया होता तो आज हमे अपील करने की जरूरत ही नहीं पड़ती। आजादी के बाद से नाम बदल बदल कर खुले में शौच से मुक्ति के प्रयास किए जा रहे है लेकिन मन में खोट के कारण शौचालयों के आवंटित धनराशि का दुरुपयोग हो रहा है। सरकार को गांवों में निर्मल भारत अभियान चलाकर इस जटिल समस्या का समाधान करना चाहिए। प्रदर्शन में सरही, सरौली, मैलानी, बन्हैयता, चकपिहानी, जंगल ऊन गांव की महिलाए शामिल रही। इस अवसर पर रामचंद्र प्रसाद, राजू, अख्तरून निशा, शीला, सीमा, सरिता, प्रेमशीला, संतरा, च्रंदमती, चंद्रकला, मीरा, मालती, अशर्फी देवी, ज्योति, विद्यावती, ऊषा सहित अन्य महिलाएं शामिल रहीं।
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