{"_id":"66-74680","slug":"Sant-kabir-nagar-74680-66","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी में मनरेगा कार्यों की सीबीआई जांच हो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी में मनरेगा कार्यों की सीबीआई जांच हो
Sant kabir nagar
Updated Tue, 22 Oct 2013 05:39 AM IST
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बस्ती। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने यूपी में मनरेगा की सीबीआई जांच की मांग की है। क्षेत्र पंचायत सदस्यों के एक कार्यक्रम में पहुंचे केन्द्रीय ग्रामीण मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मनरेगा के द्वारा कराए जा रहे कार्यों में जमकर धांधली हो रही है। हर महीने प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को दो से तीन चिट्ठी इस बाबत लिख रहे हैं मगर सरकार ने अब तक इस पर प्रभावी कदम नहीं उठाया है।
क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि भारत सरकार मनरेगा योजना के तहत ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों और जिला पंचायतों को विकास कार्यों के लिए धन भेज रही है मगर इसका दुरुपयोग नहीं रुक रहा है। उन्होंने कहा कि संतकबीरनगर और सोनभद्र सहित कई अन्य जिलों में व्यापक स्तर पर धांधली की गई है मगर सरकार जांच कराने से घबरा रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा के पैसे से लोग लग्जरी गाड़ियों से चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि धांधली की जांच हर हाल में कराई जाएगी।
मनरेगा के ऑडिट की तैयारी
बस्ती। ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि मनरेगा के तहत जो भी काम गांव में कराए जा रहे हैं उनका ऑडिट होना चाहिए। केन्द्र से पैसा भरपूर आ रहा है मगर उसका जमकर दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने कहा कि कागज में तालाब खुद गए हैं मगर वास्तव में ऐसा नहीं है। मनरेगा से कागजों में तो सड़कें बना दी गई हैं मगर वास्तव में उस जगह सड़क नहीं बनी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सरकार मनरेगा धांधली को रोकने के लिए ठोस उपाय नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी, जिससे हर गांव में कराए गए कार्यों का सत्यापन कराया जा सके।
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नरेंद्र मोदी पर बोला हमला
केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने मनरेगा के बहाने गुजरात के मुख्यमंत्री व भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को शौचालय की चिंता सताने लगी है। जयराम रमेश ने साफ किया कि सरकार ने अब मनरेगा के तहत शौचालय और आंगनबाड़ी केन्द्र बनवाने को हरी झंडी दे दी है।
ब्लॉक प्रमुखों को दिलाएंगे जरूरी अधिकार
केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि ब्लॉक प्रमुखोें को अधिकार दिलाने की दिशा में वे प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि हालांकि यह काम राज्य सरकार का है मगर वे अपनी ओर से मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखेंगे। केंद्र सरकार की योजनाओं की चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक साल में 3500 करोड़ की लागत से 8200 किलोमीटर प्रधानमंत्री ग्राम्य सड़क का निर्माण कराया गया है। 7500 किलोमीटर सड़क के उच्चीकरण का प्रस्ताव 15 नवंबर तक मांगा गया है। इंदिरा आवास की चर्चा करते हुए कहा कि अब इसके लिए सरकार 45 हजार की बजाए 70 हजार दे रही है।
जगदंबिका पाल के जैकेट पर ली चुटकी
केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री बस्ती में हुए स्वागत से अभिभूत थे। उन्होंने संबोधन से पहले सांसद जगदंबिका पाल का परिचय अपने मित्र के रूप में दिया। जयराम रमेश ने कहा कि जगदंबिका पाल उनके अच्छे मित्र हैं और उनका हर रोज एक नए रंग का जैकेट बदलना उन्हें बहुत पसंद है।
पैसा दे रहे हैं तो सवाल तो पूछेंगे ही
केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि केंद्र सरकार प्रदेश सरकार के साथ कभी भी भेदभाव नहीं करती है। सरकार ने यूपी को कभी पैसे की कमी महसूस नहीं होने दी। उन्होंने कहा कि विकास के लिए जब पैसा दे रहे हैं तो सरकार से सवाल पूछेंगे ही।
जगदंबिका पाल ने पूर्वांचल के विकास की मांग की
सांसद जगदंबिका पाल ने केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश से अनुरोध करते हुए कहा कि वह पूर्वांचल के विकास पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि क्षेत्र पंचायत प्रमुखों के अधिकाराें में कटौती नहीं की जानी चाहिए। उन्हें जिला पंचायत और ग्राम पंचायत की तरह मनरेगा की धनराशि का विकास कार्यों में प्रयोग करने के लिए अधिकार देने होंगे। बीडीओ के साथ उनका संयुक्त खाता होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की प्रधानमंत्री ग्राम्य सड़क योजना की सफलता से गांव गांव में प्रधान मंत्री ग्राम्य सड़क की डिमांड होने लगी। उन्होने डीआरडीए को स्थाई स्वरूप देने का भी अनुरोध किया।
क्षेत्र पंचायत प्रमुख एसोसिएशन ने सौंपा मांग पत्र
एसोसिएशन के प्रदेश संरक्षक उदयशंकर शुक्ल ने ग्रामीण विकास मंत्री को मांग पत्र सौंपते हुए कहा कि पंचायती राज अधिनियम के 73वें संशोधन को पूर्ण रूप से लागू किया जाए और सभी 29 विभागों के कर्मचारी और धन उनके अधीन किया जाए। इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह राज्य सरकार कर सकती है, हम नहीं। इसके अलावा शुक्ल ने 50 लाख की क्षेत्र पंचायत निधि, जिला योजना समिति में सदस्य बनाने, बीडीओ की चरित्र पंजिका का अंकन, अवकाश, वेतन और ब्लाक में तैनात कर्मचारियों के स्थानांतरण का अनुमोदन ब्लाक प्रमुखों से कराने आदि 11 मांगो को प्रस्तुत किया। इस मौके पर एसोेसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता, प्रदेश उपाध्यक्ष राना दिनेश प्रताप सिंह, जिलाध्यक्ष राजमणि चौधरी, महासचिव गुलाब सोनकर, प्रमुख महेश सिंह, रघुनाथ सिंह, आसमान सिंह, संजय गौतम, विश्वनाथ जायसवाल, मनोज सिंह, अभयदेव शुक्ल, संतोष चौधरी, कांग्रेस जिला महासचिव प्रेमशंकर द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
डीआरडीए इंपलाइज यूनियन ने मंत्री को दिया ज्ञापन
केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश को डीआरडीए इंपलाइज यूनियन बस्ती के मंत्री प्रदीप सिंह ने मांग पत्र सौंप कर डीआरडीए कर्मियों को लाइन विभाग में समायोजित करने की मांग की। कहा कि हमें 60 वर्ष की सेवा पर रिटायरमेंट, पेंशन, ग्रेच्युटी और मृतक आश्रित को नौकरी की सुविधा नहीं है। इस मौके पर लाल बहादुर, ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव, अनिल श्रीवास्तव, वीके लाल, आदित्य आदि मौजूद रहे। इसके अलावा क्षेत्र पंचायत सदस्य संघ और जिला कांग्रेस कमेटी ने भी मांग पत्र सौंपा।
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क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि भारत सरकार मनरेगा योजना के तहत ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों और जिला पंचायतों को विकास कार्यों के लिए धन भेज रही है मगर इसका दुरुपयोग नहीं रुक रहा है। उन्होंने कहा कि संतकबीरनगर और सोनभद्र सहित कई अन्य जिलों में व्यापक स्तर पर धांधली की गई है मगर सरकार जांच कराने से घबरा रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा के पैसे से लोग लग्जरी गाड़ियों से चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि धांधली की जांच हर हाल में कराई जाएगी।
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मनरेगा के ऑडिट की तैयारी
बस्ती। ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि मनरेगा के तहत जो भी काम गांव में कराए जा रहे हैं उनका ऑडिट होना चाहिए। केन्द्र से पैसा भरपूर आ रहा है मगर उसका जमकर दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने कहा कि कागज में तालाब खुद गए हैं मगर वास्तव में ऐसा नहीं है। मनरेगा से कागजों में तो सड़कें बना दी गई हैं मगर वास्तव में उस जगह सड़क नहीं बनी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सरकार मनरेगा धांधली को रोकने के लिए ठोस उपाय नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी, जिससे हर गांव में कराए गए कार्यों का सत्यापन कराया जा सके।
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नरेंद्र मोदी पर बोला हमला
केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने मनरेगा के बहाने गुजरात के मुख्यमंत्री व भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को शौचालय की चिंता सताने लगी है। जयराम रमेश ने साफ किया कि सरकार ने अब मनरेगा के तहत शौचालय और आंगनबाड़ी केन्द्र बनवाने को हरी झंडी दे दी है।
ब्लॉक प्रमुखों को दिलाएंगे जरूरी अधिकार
केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि ब्लॉक प्रमुखोें को अधिकार दिलाने की दिशा में वे प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि हालांकि यह काम राज्य सरकार का है मगर वे अपनी ओर से मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखेंगे। केंद्र सरकार की योजनाओं की चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक साल में 3500 करोड़ की लागत से 8200 किलोमीटर प्रधानमंत्री ग्राम्य सड़क का निर्माण कराया गया है। 7500 किलोमीटर सड़क के उच्चीकरण का प्रस्ताव 15 नवंबर तक मांगा गया है। इंदिरा आवास की चर्चा करते हुए कहा कि अब इसके लिए सरकार 45 हजार की बजाए 70 हजार दे रही है।
जगदंबिका पाल के जैकेट पर ली चुटकी
केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री बस्ती में हुए स्वागत से अभिभूत थे। उन्होंने संबोधन से पहले सांसद जगदंबिका पाल का परिचय अपने मित्र के रूप में दिया। जयराम रमेश ने कहा कि जगदंबिका पाल उनके अच्छे मित्र हैं और उनका हर रोज एक नए रंग का जैकेट बदलना उन्हें बहुत पसंद है।
पैसा दे रहे हैं तो सवाल तो पूछेंगे ही
केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि केंद्र सरकार प्रदेश सरकार के साथ कभी भी भेदभाव नहीं करती है। सरकार ने यूपी को कभी पैसे की कमी महसूस नहीं होने दी। उन्होंने कहा कि विकास के लिए जब पैसा दे रहे हैं तो सरकार से सवाल पूछेंगे ही।
जगदंबिका पाल ने पूर्वांचल के विकास की मांग की
सांसद जगदंबिका पाल ने केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश से अनुरोध करते हुए कहा कि वह पूर्वांचल के विकास पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि क्षेत्र पंचायत प्रमुखों के अधिकाराें में कटौती नहीं की जानी चाहिए। उन्हें जिला पंचायत और ग्राम पंचायत की तरह मनरेगा की धनराशि का विकास कार्यों में प्रयोग करने के लिए अधिकार देने होंगे। बीडीओ के साथ उनका संयुक्त खाता होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की प्रधानमंत्री ग्राम्य सड़क योजना की सफलता से गांव गांव में प्रधान मंत्री ग्राम्य सड़क की डिमांड होने लगी। उन्होने डीआरडीए को स्थाई स्वरूप देने का भी अनुरोध किया।
क्षेत्र पंचायत प्रमुख एसोसिएशन ने सौंपा मांग पत्र
एसोसिएशन के प्रदेश संरक्षक उदयशंकर शुक्ल ने ग्रामीण विकास मंत्री को मांग पत्र सौंपते हुए कहा कि पंचायती राज अधिनियम के 73वें संशोधन को पूर्ण रूप से लागू किया जाए और सभी 29 विभागों के कर्मचारी और धन उनके अधीन किया जाए। इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह राज्य सरकार कर सकती है, हम नहीं। इसके अलावा शुक्ल ने 50 लाख की क्षेत्र पंचायत निधि, जिला योजना समिति में सदस्य बनाने, बीडीओ की चरित्र पंजिका का अंकन, अवकाश, वेतन और ब्लाक में तैनात कर्मचारियों के स्थानांतरण का अनुमोदन ब्लाक प्रमुखों से कराने आदि 11 मांगो को प्रस्तुत किया। इस मौके पर एसोेसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता, प्रदेश उपाध्यक्ष राना दिनेश प्रताप सिंह, जिलाध्यक्ष राजमणि चौधरी, महासचिव गुलाब सोनकर, प्रमुख महेश सिंह, रघुनाथ सिंह, आसमान सिंह, संजय गौतम, विश्वनाथ जायसवाल, मनोज सिंह, अभयदेव शुक्ल, संतोष चौधरी, कांग्रेस जिला महासचिव प्रेमशंकर द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
डीआरडीए इंपलाइज यूनियन ने मंत्री को दिया ज्ञापन
केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश को डीआरडीए इंपलाइज यूनियन बस्ती के मंत्री प्रदीप सिंह ने मांग पत्र सौंप कर डीआरडीए कर्मियों को लाइन विभाग में समायोजित करने की मांग की। कहा कि हमें 60 वर्ष की सेवा पर रिटायरमेंट, पेंशन, ग्रेच्युटी और मृतक आश्रित को नौकरी की सुविधा नहीं है। इस मौके पर लाल बहादुर, ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव, अनिल श्रीवास्तव, वीके लाल, आदित्य आदि मौजूद रहे। इसके अलावा क्षेत्र पंचायत सदस्य संघ और जिला कांग्रेस कमेटी ने भी मांग पत्र सौंपा।