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सहभागिता से ही मनरेगा बन सकता है प्रभावी
Sant kabir nagar
Updated Sat, 06 Dec 2014 05:30 AM IST
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सांथा/मेंहदावल। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना में प्रभावी बनाने के लिए सामुदायिक सहभागिता जरूरी कदम है। शुक्रवार को ब्लॉक सभागार में तीन दिवसीय ब्लॉक प्लानिंग कमेटी के प्रशिक्षण शिविर में यह बातें बीडीओ केके मिश्र ने कहीं।
उन्होंने कहा कि यह योजना एक सहभागी मिशन के रूप में तैयार की गई है। ग्रामीण विकास में मनरेगा योजना काफी महत्वपूर्ण है। इसके जरिए क्षेत्र के विकास के साथ लोगों को मजबूती मिलती है। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश के 4200 ब्लॉकों में चलने वाली इस योजना के चलते ही हर जगह विकास दिखने लगा है। इसमें सभी अनुसूचित जाति, जनजाति, महिलाओं, विकलांगों के घर-घर जाकर उनकी समस्याओं को जानना चाहिए। शिविर में रोजगार सेवकों, तकनीकी सहायकों के साथ समाज के शिक्षित व्यक्तियों को मनरेगा योजना के बारे बताया गया और चर्चा की गई। इस दौरान एपीओ योगेंद्र कुमार पांडेय, राम बेलास, राधेश्याम, मो अयूब, तुलसीराम, निसार अहमद, संगम त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि यह योजना एक सहभागी मिशन के रूप में तैयार की गई है। ग्रामीण विकास में मनरेगा योजना काफी महत्वपूर्ण है। इसके जरिए क्षेत्र के विकास के साथ लोगों को मजबूती मिलती है। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश के 4200 ब्लॉकों में चलने वाली इस योजना के चलते ही हर जगह विकास दिखने लगा है। इसमें सभी अनुसूचित जाति, जनजाति, महिलाओं, विकलांगों के घर-घर जाकर उनकी समस्याओं को जानना चाहिए। शिविर में रोजगार सेवकों, तकनीकी सहायकों के साथ समाज के शिक्षित व्यक्तियों को मनरेगा योजना के बारे बताया गया और चर्चा की गई। इस दौरान एपीओ योगेंद्र कुमार पांडेय, राम बेलास, राधेश्याम, मो अयूब, तुलसीराम, निसार अहमद, संगम त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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