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एचआरपीजी कॉलेज खलीलाबाद में कानून की पाठशाला

Sat, 09 Feb 2019 11:42 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 09 Feb 2019 11:42 PM IST
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एचआरपीजी कॉलेज खलीलाबाद में कानून की पाठशाला

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डरें नहीं, अन्याय का खुलकर करें विरोध
- एचआरपीजी कॉलेज में अमर उजाला फाउंडेशन के अभियान अपराजिता के तहत आयोजित हुई कानून की पाठशाला

अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। कानून सबके लिए है। महिलाओं को इसका लाभ तभी मिलेगा जब वे अपने अधिकार के प्रति जागरूक होंगी और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएंगी। महिलाओं को डरने और गलत सहने की जरूरत नहीं है। ये बातें खलीलाबाद के एचआरपीजी कॉलेज में शनिवार को अमर उजाला फाउंडेशन के अभियान अपराजिता के तहत आयोजित कानून की पाठशाला में बतौर मुख्य अतिथि बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अमित कुमार उपाध्याय ने कहीं।

विशिष्ट अतिथि सीओ सदर रमेश कुमार ने कहा कि बेटियां अब 1090 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। वे यूपी 100 तथा वरिष्ठ पुलिस अफसरों के नंबर पर फोन कर मदद ले सकती हैं। कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉक्टर डीडी सिंह ने कहा कि बेटियां सशक्त तब होंगी जब उन्हें निर्णय का अधिकार मिलेगा। यह काम एक दिन में नहीं होगा। समाज की सोच बदलने की जरूरत है। अपराजिता अभियान इसमें अहम भूमिका निभाएगा। राजनीति शास्त्र विभागध्यक्ष डॉक्टर डीएन पांडेय ने कहा कि जब तक महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार नहीं मिलेगा, देश तरक्की नहीं कर सकता। कार्यक्रम को बाल कल्याण के सदस्य सत्यप्रकाश गुप्ता टीटू, सहायक शासकीय अधिवक्ता विशाल श्रीवास्तव, एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर विजय मिश्रा, डॉक्टर अमर सिंह गौतम आदि ने भी संबोधित किया। संचालन एसोसिएट प्रोफेसर अमित कुमार भारती ने किया। इस दौरान डॉक्टर प्रत्यूष दूबे, डॉक्टर अमरनाथ पांडेय, नीरज त्रिपाठी, डॉक्टर राजकुमारी ओझा, डॉक्टर प्रताप विजय कुमार, डॉक्टर रामप्रताप राज, रोशनी, पिंकी जायसवाल, ममता त्रिपाठी, दुर्गेश मिश्र, संयोगिता समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
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बदलाव आया है
- छात्रा पूजा यादव ने कहा कि हाल के वर्षों में महिलाओं की स्थिति में बदलाव आया है, लेकिन अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।
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बेटियों पर अधिक पाबंदी
- छात्रा श्रद्धा ने कहा कि अब बेटियों की इच्छा का भी सम्मान होने लगा है, लेकिन पाबंदी बेटों की तुलना में बेटियों पर अधिक पाबंदी लगाई जाती है।
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आर्थिक मजबूती जरूरी
- छात्रा रीमा ने कहा कि महिलाओं की स्थित में सही मायने में बदलाव तभी आएगा जब वह आर्थिक रूप से मजबूत होंगी।
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बदल रही समाज की सोच
- छात्रा खुशबू चौधरी ने कहा कि महिलाओं के प्रति समाज की सोच बदल रही है। अब महिलाओं को हौसले के साथ आगे बढ़ना होगा।
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