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पेयजल परियोजनाओं का निर्माण कार्य सुस्त, लोग पी रहे दूषित पानी

Thu, 10 Jan 2019 12:28 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 10 Jan 2019 12:28 AM IST
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पेयजल परियोजनाओं का निर्माण कार्य सुस्त, लोग पी रहे दूषित पानी
31 गांवों की 80 हजार आबादी पी रही दूषित पानी
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इन गांवों में स्वच्छ पेयजल के लिए प्रस्तावित हैं पाइप लाइन पेयजल परियोजना
विश्व बैंक की सहायता से 57 करोड़ की लागत से 24 परियोजनाओं पर चल रहा कार्य
पिछले वित्तीय वर्ष में प्रस्तावित हुए थे कार्य, अब तक नहीं हुए पूरे
फोटो
वीरेंद्र यादव
संतकबीरनगर। जिले के 31 गांवों की करीब 80 हजार आबादी को दूषित पानी पीना पड़ रहा है। इनमें से अधिकांश गांव हर साल इंसेफेलाइटिस व अन्य संक्रामक बीमारियों की चपेट में रहते हैं। इन गांवों में शुद्घ पेयजल के लिए विश्व बैंक की मदद से 57 करोड़ की लागत वाली 24 पेयजल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। अधिकांश काम पिछले वित्तीय वर्षों के हैं, लेकिन अब तक एक भी काम पूरा नहीं हो पाया है। कहीं ओवरहेड टैंक बनाकर छोड़ दिया गया है तो कहीं काम शुरुआती दौर में है। इसके चलते लोग साधारण हैंडपंप का पानी पी रहे हैं।
जेई और एईएस से प्रभावित इस जिले में लोगों को स्वच्छ पेयजल मिले, इसके लिए वर्ष 2017-18 में ग्रामीण पाइप पेयजल परियोजना तैयार कर शासन को मंजूरी के लिए भेजा गया था। इसके तहत विश्व बैंक के सहयोग से जिले के 31 गांवों के लिए 57 करोड़ की लागत से 24 पेयजल परियोजनाओं को शासन ने मंजूरी दी थी। इन परियोजनाओं में ओवर हेड टैंक बनवाने के साथ ही करीब ढाई हजार किलोमीटर की लंबाई में पाइप लाइन बिछाई जानी है। बाउंड्रीवाल, पंप हाउस आदि का भी निर्माण कार्य कराया जाना है, लेकिन कार्य की सुस्ती यह है कि कहीं ओवर हेड टैंक अधूरा है तो कहीं काम शुरू ही नहीं हुआ है। जहां ओवरहेड टैंक का निर्माण हो गया है, वहां पाइप लाइन बिछाने का कार्य अधूरा है।
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इन गांवों के लिए मंजूर हैं परियोजनाएं
जिले के काली जगदीशपुर, लोइयाभार, उमरिया, महेश्वरपुर, मोलनापुर, औराडाड़, सेमरी, जिगिना, प्रजापति, मंझरिया गंगा, फरेंदिया, दुल्हीपार, जगदीशपुर उर्फ लहुरादेवा, अमरहा, उमरिया खुर्द, नीबा होरिल, बरघाट, माधोपुर, टेमा रहमत, मुड़ियारी, पकड़ी आराजी, खजूरी, जंगल दशहर, सई कटाई, भैंसाखूट आदि ऐसे गांव है जहां के लोगों को पाइप लाइन के जरिए जलापूर्ति दी जानी है, लेकिन कोई भी परियोजना पूर्ण नहीं है। इनमेें से कई गांवों में अब तक काम की शूरूआत ही नहीं हो सकी है।
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कार्य में तेजी लाने का दिया गया है निर्देश- एक्सईएन
जल निगम के अधिशाषी अभियंता वीपी सिंह ने बताय कि विश्व बैंक की मदद से जिन 24 परियोजनाओं पर काम चल रहा है, उन्हें समय से पूर्ण कराने के निर्देश संबंधित अभियंताओं व ठेकेदारों को दिए गए हैं। जून में सभी कार्य पूर्ण होने हैं, लेकिन कुछ जगहों पर कार्य देर से शुरू हुआ। बौरब्यास, ददरवार, घोरांग, जंगलऊन, बलुअरा, बूढ़ाननगर, नेहिया खुर्द, देवरिया गंगा आदि गांवों में पहले से चल रही 16 अन्य पेयजल परियोजनाओं को इस वर्ष पूर्ण कराया गया है।
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